विश्वविद्यालयों में नहीं होगा किसी तरह का भेदभाव, यूजीसी के निर्देश पर होगी समान अवसर केंद्र की स्थापना
लखनऊ। देश के सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में अब जाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के तहत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में समान अवसर केंद्र और समता समिति की स्थापना अनिवार्य की जा रही है। इसके लिए प्रदेशों के विश्वविद्यालयों में भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
यूजीसी ने हाल ही में समता के लिए संवर्धन विनियम-2026 जारी किए हैं। इनके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग छात्रों व कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर विवि और कॉलेज में समान अवसर केंद्र वंचित वर्ग के छात्रों और कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही समता समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें शिक्षक, कर्मचारी और छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। यूजीसी ने शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करना भी अनिवार्य किया है।







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