स्थायीकरण की मांग उठा रही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तनाव के चलते असमय मृत्यु होने का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वैलफेयर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने इसके विरोध में प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने अपनी मांग को लेकर शनिवार को भी ब्लाक परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन की ब्लाक अध्यक्ष उमा देवी के मुताबिक लगातार मांग उठाने के बावजूद उनकी किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे कार्यकर्ता तनाव में हैं। आरोप लगाया कि शेरकोट निवासी आंगनबाड़ी सहायिका मुनिया की इसी तनाव के कारण मौत हो गई। बीती सात अगस्त को आंगनबाड़ी कर्मचारी शेरकोट निवासी कौशरजहां की मौत भी तनाव के चलते हुई थी। उन्होंने चेतावनी दी की जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उमा देवी, कुब्जा देवी, विमलेश, मुनेश आदि मौजूद रही। उधर, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। इसके अलावा आशा बहू कल्याण समिति के संयोजन में आशाओं ने भी अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान बीना देवी, सविता रानी, अलका, अनीता सिंह, लक्ष्मी देवी, पुष्पा देवी, कविता देवी, दीपा रानी आदि मौजूद रही।
स्योहारा : आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को लगातार चौथे दिन भी धरना दिया। जिलाध्यक्ष पूनम विश्नोई ने कहा कि यदि राज्य सरकार शीघ्र ही उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो वह तीन अक्तूबर से जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे। इस दौरान दानिशा चौधरी, अरुणा रानी, सरला देवी, नवनीत, कमलेश, सुधा, ममता, मीनाक्षी, हेमबाला, तेजवती, ममता त्यागी, कुंती देवी, सुमन देवी, नौरीन, लक्ष्मी देवी, संगीता राजपूत आदि मौजूद रहे।
No comments:
Write comments