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Wednesday, October 12, 2016

हरदोई : हाउस होल्ड सर्वे में गत शैक्षिक सत्र की अपेक्षा इस वर्ष विद्यालयों में कम हो गए 22 हजार आठ सौ से अधिक बच्चे, बेसिक विभाग में आंकड़ेबाजी का खेल

देश की आबादी भले ही बढ़ रही हो, वैसे जिले में भी हर साल करीब 20 फीसद जनसंख्या बढ़ जाती है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के चौकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों की मानें तो जिले में बच्चों की संख्या कम हो गई। हर वर्ष होने वाले हाउस होल्ड सर्वे में गत शैक्षिक सत्र की अपेक्षा इस वर्ष करीब 23 हजार बच्चे कम हो गए हैं और इतना ही नहीं विद्यालयों में भी 22 हजार आठ सौ से अधिक बच्चों की संख्या कम हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर वर्ष जनगणना की तरह हाउस होल्ड सर्वे कराया जाता है। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं से घर घर बच्चों की गणना होती है। हाउस होल्ड सर्वे में तीन वर्ष से 13 साल तक के हर बच्चे की पूरी जानकारी ली जाती है। जैसे परिवार में कितने बच्चे हैं, कितने बालक और बालिकाएं, कितने विद्यालय जाते, अगर जाते तो सरकारी या फिर निजी या अन्य विद्यालय और परिवार में कोई विकलांग बच्चा तो नहीं है आदि पूरा विवरण एकत्रित किया जाता है। चालू शैक्षिक सत्र 2016-17 में एक अगस्त से 20 तक हाउस होल्ड सर्वे कराया गया था और उसके आंकड़े राज्य परियोजना निदेशालय भेज भी दिए गए हैं। आंकड़ों की मानें तो जिले में गत शैक्षिक सत्र में हुए हाउस होल्ड सर्वे की तुलना में इस वर्ष 23 हजार 26 बच्चे कम हो गए हैं और उनमें भी 22 हजार 883 बच्चे विद्यालयों में कम हुए हैं। जिले के कुल बच्चों के साथ ही परिषदीय विद्यालय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय मदरसा आदि में पढ़ने वाले बच्चों पर हुए हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार तीन से 13 वर्ष तक की आयु के कुल सात लाख 93 हजार 252 बच्चे मिले हैं। जिसमें से सात लाख 93 हजार 165 बच्चे विद्यालय जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ शैक्षिक सत्र 2015-16 में इस आयु वर्ग के जिले में कुल आठ लाख 16 हजार 278 बच्चे मिले थे। जिसमें से आठ लाख 16 हजार 48 बच्चे विद्यालय भी जाते थे। अब दोनों हाउस होल्ड सर्वे की तुलना की जाए तो गत वर्ष की अपेक्षा 23 हजार 26 बालक और बालिकाओं की कुल संख्या कम हो गई है। जनगणना में वर्ष 2001 में जिले की कुल जनसंख्या 33 लाख 98 हजार 306 थी जोकि वर्ष 2011 की जनगणना में 40 लाख 92 हजार 845 हो गई है और विभागीय अधिकारियों के अनुसार हर साल करीब 20 फीसद जनसंख्या बढ़ती है इस हिसाब से तो बच्चों की संख्या भी बढ़ने चाहिए लेकिन आंकड़ेबाजी में माहिर बेसिक शिक्षा विभाग ने संख्या कम कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी का कहना है कि बच्चों की इतनी संख्या कम नहीं हो सकती है। बच्चे बाहर पढ़ने जाते हैं और कुछ माता पिता के साथ चले जाते वह संख्या कम हो सकती लेकिन इतनी नहीं हो सकती। बीएसए का कहना है कि हो सकता है कि आंकड़ों की फीडिंग में ऐसा कुछ हुआ हो। वह पूरी जानकारी लेंगे और जो भी कमी होगी उसे सही कराया जाएगा।

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