परिषदीय व कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में बच्चों के मिड-डे मील को लेकर हो रहे खेल की हकीकत उजागर होने के बाद शिकंजा कसता जा रहा है। जिलाधिकारी विवेक वाष्ण्रेय ने खुद विद्यालयों का निरीक्षण किया था तो महिला विद्यालयों का आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डा. अनु वाष्ण्रेय ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय टड़ियावां एवं गद्दीपुरवा का निरीक्षण किया। कस्तूरबा विद्यालय में कक्षा की खिड़कियों के शीशे टूटे, पानी की टंकी से रिसाव होने, सिलाई मशीन खराब होने एवं मेन्यू बोर्ड सही स्थान पर न लगे होने पर नाराजगी जता डिप्टी बीएसए आरपी त्रिपाठी, वार्डन रेखा देवी को ठीक कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने वार्डन को निर्देश दिए कि दो दिन में सभी कार्यों को करा लिया जाए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में बालिकाओं से 3 दिन से दूध न मिलने की जानकारी पर उन्होंने वार्डन को निर्देश दिए कि मेन्यू के अनुसार भोजन के साथ-साथ फल एवं निर्धारित मात्र में प्रतिदिन दूध दिया जाए। प्राथमिक विद्यालय गद्दीपुरवा में अध्यापक जमीर हुसैन की अनुपस्थित पर अध्यक्षा ने डिप्टी बीएसए से कार्रवाई करने को कहा। बच्चों की तहरी में आलू के अलावा अन्य सब्जी न मिलने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक नीलम रानी से कहा तहरी में नियमानुसार मौसमी सब्जियां भी डाली जाएं। जूनियर हाई स्कूल टड़ियावां में बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता ठीक न पाए जाने और तहरी में सब्जी न होने पर नाराजगी जता प्रधानाचार्य आनंद नारायण अवस्थी से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर रखने के साथ-साथ बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए और तेल मसाले एगमार्क के प्रयोग में लाए जाएं। बीआरसी पर शिक्षकों को दिए जा रहे आरंभिक गणितीय दक्षता कार्यशाला में उन्होंने कहा कि शिक्षक एक कुम्हार की तरह होते हैं जो बच्चों को ढालकर उन्हें शिक्षा में अग्रणी बनाने के साथ-साथ समाज का अच्छा नागरिक बनाते हैं। शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता आदि पर विशेष ध्यान देकर विद्यालयों को आदर्श बनाएं।
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