यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन की अवधि बढ़ी, परिणाम में हो सकती है देरी
31 मार्च 2026
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सकेगा। लगभग 50 लाख से अधिक छात्रों की कॉपियों की जांच एक अप्रैल तक पूरी होना संभव नहीं है। बोर्ड ने मूल्यांकन अवधि को तीन से चार दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे परीक्षा परिणाम घोषित होने में भी देरी की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के 254 मूल्यांकन केंद्रों में से अब तक 117 केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। करीब 80 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन संपन्न हो गया है, जबकि शेष कॉपियों की जांच चार अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है। मंगलवार को 192 केंद्रों पर 47,804 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया। इस दौरान हाईस्कूल की 5,80,800 और इंटरमीडिएट की 5,98,996 समेत कुल 11,79,796 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई।
हाल के दिनों में मूल्यांकन कार्य में तेजी आई है। 30 मार्च को 17,56,851, 29 मार्च को 25,41,361 और 28 मार्च को 33,91,506 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। बुलंदशहर समेत कई जिलों में कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है। ईद और रामनवमी के अवकाश के कारण मूल्यांकन कार्य तीन दिन प्रभावित रहा। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हो सकेगा, इसलिए इसे तीन से चार दिन आगे बढ़ाया गया है।
यूपी बोर्ड मूल्यांकन में 2% गलती तो 3 साल के लिए डिबार, परीक्षक के मानदेय में से 85 प्रतिशत की कटौती की जाएगी
यूपी बोर्ड के सचिव ने सभी केंद्रों के उपनियंत्रक को भेजे निर्देश
अंकेक्षण के बावजूद गलती तो नकल अधिनियम में होगी कार्रवाई
15 मार्च 2026
प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू हो रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए, इसके लिए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी 250 केंद्रों के उपनियंत्रकों (प्रधानाचार्यों) को सख्त निर्देश दिए हैं। मूल्यांकन के लिए भेजे निर्देश में लिखा है कि मूल्यांकन में दो प्रतिशत तक त्रुटि पाए जाने पर परीक्षक के मानदेय में से 85 प्रतिशत की कटौती की जाएगी तथा संबंधित परीक्षक को तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया जाएगा। एक प्रतिशत तक त्रुटि मिलने पर मानदेय में 50 प्रतिशत की कटौती होगी तथा दशमलव पांच प्रतिशत तक त्रुटि होने पर 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
अंकेक्षण (दोबारा जांच) के बाद भी यदि किसी उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में त्रुटि पाई जाएगी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अंकेक्षक की होगा। कॉपी जांचने या अंकेक्षण में लापरवाही पर बोर्ड के नियम /विनियम एवं उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के नियमानुसार संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अंकेक्षक की व्यवस्था का उद्देश्य है कि मूल्यांकन कार्य शुद्ध और त्रुटिविहीन हो तथा त्रुटि/लापरवाही के कारण छात्रों के साथ अन्याय न हो। अंक सावधानी पूर्वक चढ़ाए जाएं क्योंकि कटिंग होने पर कम्प्यूटर अंक स्वीकार नहीं करेगा और परीक्षार्थी का परीक्षाफल अपूर्ण रह जाएगा।
विज्ञान-सोशल की कॉपियों का पैनल मूल्यांकन
हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं का पैनल मूल्यांकन होगा। सामाजिक विज्ञान के प्रथम खंड को इतिहास एवं राजनीति शास्त्र के साथ स्नातक प्रशिक्षित तथा द्वितीय खंड अर्थशास्त्र एवं भूगोल के साथ स्नातक प्रशिक्षित योग्यताधारी परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रथम खंड को भौतिक विज्ञान के साथ बीएससी प्रशिक्षित स्नातक तथा द्वितीय एवं तृतीय खंड को रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान विषयों के साथ बीएससी प्रशिक्षित परीक्षक मूल्यांकन करेंगे।
किसी भी प्रश्न का न हो गलत मूल्यांकन : भगवती सिंह
यूपी बोर्ड के सचिव ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर जारी किए निर्देश
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 में मूल्यांकन को लेकर सचिव भगवती सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा कि उप नियंत्रक और सभी मूल्यांकन केंद्र ध्यान रखें कि कोई भी उत्तर अमूल्यांकित न रह जाए और किसी भी उत्तर का गलत मूल्यांकन न हो। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ किए जाएं। इसके लिए उप प्रधान परीक्षक और परीक्षक समुचित व्यवस्था कर लें।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रयागराज सहित प्रदेश के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। शिक्षक संगठनों के विरोध के बावजूद मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से शुरू करने की तैयारी है। जो एक अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए परीक्षक नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अगर कोई परीक्षक अनुपस्थित रहता है तो उप नियंत्रक स्वयं किसी की नियुक्ति नहीं करेंगे। परिषद की प्रतीक्षा सूची से ही विषयवार और केंद्रवार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
भाषा संबंधी त्रुटियों की जांच भाषा विषयों में ही की जाए
हाईस्कूल में 70 अंकों की लिखित परीक्षा में से 20 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर दर्ज कराए गए हैं। जबकि शेष 50 अंकों की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं पर हुई है। निर्देश दिया गया कि भाषा संबंधी त्रुटियों की जांच केवल भाषा विषयों में ही की जाए। परिषद ने मूल्यांकन को निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए कई जरूरी निर्देश दिए हैं।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि अगर परीक्षार्थियों ने गणित, विज्ञान या अन्य किसी विषय में उत्तर बाएं पृष्ठ पर भी लिखे हैं तो उनका भी समुचित मूल्यांकन किया जाए। गणित और विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में स्टेप मार्किंग लागू की जाएगी।
यूपी बोर्ड मूल्यांकन के संबंध में जारी निर्देश, मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो, बाएं पन्ने पर उत्तर हो तो उसे भी जांचें, गणित-विज्ञान में स्टेप मार्किंग, भाषा में ही जांचें शाब्दिक त्रुटि
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त होने के बाद 18 मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। मूल्यांकन के लिए पूरे प्रदेश में 249 केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने मूल्यांकन के संबंध में सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, डीआईओएस व मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को शनिवार को निर्देश भेजे हैं। सचिव ने परीक्षकों को सलाह दी है कि गणित एवं विज्ञान विषय की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में स्टेप मार्किंग की जाए।
गणित, विज्ञान अथवा अन्य किसी भी विषय में यदि परीक्षार्थियों ने बाएं पृष्ठ पर भी उत्तर लिखे हों तो उनका भी समुचित मूल्यांकन किया जाए। भाषाई त्रुटि की जांच हिन्दी, अंग्रेजी जैसे भाषा के विषय में ही की जाए। अन्य विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उदार दृष्टिकोण अपनाएं। हाईस्कूल में 70 अंकों की लिखित परीक्षा के तहत 20 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा ओएमआर शीट पर हुई है। शेष 50 अंकों की परीक्षा लिखित उत्तरपुस्तिकाओं पर कराई गई है। जांची जा रही उत्तरपुस्तिका में निर्धारित पूर्णांक 50 से अधिक प्राप्तांक किसी भी दशा में न हो। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी प्रश्नोत्तर न तो अमूल्यांकित रहे और न ही किसी प्रश्नोत्तर का गलत मूल्यांकन हो।
मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो
सचिव ने केवल पारिश्रमिक बढ़ाने के उद्देश्य से अत्यधिक कॉपियां जांचने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश दिए है। लिखा है कि मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो। विद्यालयों के शिक्षकों के लिए प्रति दिन उत्तरपुस्तिकाओं की न्यूनतम संख्या (जैसे हाईस्कूल में 50 और इंटरमीडिएट में 45) अनिवार्य रूप से निर्धारित की जाए। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उप प्रधान परीक्षक प्रतिदिन दस से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्वयं नहीं करेंगे। प्रत्येक केन्द्र पर मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हों एवं वेब कास्टिंग के माध्यम से राज्य एवं जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम पर लाइव फीड सुनिश्चित कराई जाए। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गोपनीयता भंग होने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय अधिनियम/विनियम और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
18 मार्च से शुरू होगा यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन, प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी बनाए रखने के लिए परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए
प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होकर एक अप्रैल तक प्रदेश के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी बनाए रखने के लिए परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर मौखिक, लिखित, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उत्तर पुस्तिका अथवा मूल्यांकन से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। गोपनीयता भंग होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर जिलाधिकारी द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। मूल्यांकन कार्य वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराया जाएगा। इसकी कनेक्टिविटी जनपद तथा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगी।
मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मूल्यांकन कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा के लिए अवांछनीय तत्वों पर नजर रखने हेतु एलआईयू और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। मूल्यांकन कार्य समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक ट्रक के साथ दो सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
परिषद के अनुसार, 17 मार्च को सभी मूल्यांकन केंद्रों पर उप नियंत्रक द्वारा मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाईस्कूल की 700, इंटरमीडिएट की 600 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे यूपी बोर्ड परीक्षक
प्रयागराजः हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। अब शेष बचे विषयों की पांच दिवसों में परीक्षाएं संपन्न कराए जाने की तैयारी के बीच यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की रूपरेखा तय कर दी है। गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए पूरे मूल्यांकन अवधि में हाईस्कूल के परीक्षकों को अधिकतम 700 तथा इंटरमीडिएट के परीक्षकों को 600 से अधिक उत्तरपुस्तिकाएं आवंटित नहीं की जाएंगी। कला विषय के परीक्षक पूरी अवधि में अधिकतम 800 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। इस तरह एक परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 50 तथा इंटरमीडिएट की 45 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे।
18 फरवरी से आरंभ हुईं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च को संपन्न होंगी। इसके बाद उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए 249 केंद्रों पर भेजा जाएगा। परीक्षा संपन्न होने के एक सप्ताह में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। इस तरह 19 मार्च से मूल्यांकन शुरू कराया जा सकता है। उत्तरपुस्तिकाओं के जांचने क कार्य 15 दिन चलेगा। इसके लिए पिछले वर्ष की तरह करीब 1.48 लाख परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे
1.40 लाख से अधिक शिक्षक करेंगे बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन, यूपी बोर्ड ने तेज की तैयारी
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत चुने जाएंगे परीक्षक
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाएगी
10वीं की एक कॉपी पर 14 और 12वीं की कॉपी पर 15 रुपये मानदेय
सचिव ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों को हाईस्कूल की एक कॉपी को जांचने के एवज में 14 रुपये और इंटर की कॉपी जांचने पर 15 रुपये मानदेय दिया जाएगा। एक परीक्षक 10वीं की रोजाना 50 और 12वीं की 45 कॉपियां जांच सकेगा।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बोर्ड ने तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश भर के 1.40 लाख से ज्यादा शिक्षक कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होगी।
बताया गया कि संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों तक उत्तर पुस्तिकाएं ट्रकों से भेजी जाएंगी। ट्रक के साथ ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था रहेगी। ट्रक में किसी भी कर्मचारी के बैठने की अनुमति नहीं होगी।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये परीक्षकों की नियुक्ति होगी। आवश्यकता पड़ने पर मूल्यांकन - केंद्रों के उप नियंत्रक परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध प्रतीक्षा सूची से भी परीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति की जा सकेगी। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम की तरह ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की भी लगातार निगरानी की जाएगी।
कॉपियों के हर पृष्ठ पर दर्ज हैं गोपनीय न्यूमेरिक नंबरः परिषद ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी किया है। पहली बार सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक नंबर दर्ज किए गए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन अवधि में कला वर्ग का एक परीक्षक अधिकतम 800 कॉपियां जांच सकेगा। वहीं, विज्ञान वर्ग के इंटरमीडिएट में 600 और हाईस्कूल में 700 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है। परीक्षकों के मानदेय में वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि वर्ष 2019 और 2023 में पहले ही मानदेय बढ़ाया जा चुका है।
यूपी बोर्ड : 18 मार्च से कॉपियों के मूल्यांकन शुरू होने के आसार, शासन को भेजा प्रस्ताव
मंजूरी मिलने के बाद तिथि घोषित होगी, 249 केंद्रों पर मूल्यांकन शुरु होने की संभावना, 12 मार्च को समाप्त होंगी परीक्षाएं
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद 18 मार्च से प्रदेश के 249 केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होने की संभावना है। इस संबंध में बोर्ड के सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया की तिथि घोषित की जाएंगी।
प्रदेश के 8033 केंद्रों पर हो रही अधिकांश मुख्य विषयों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। होली के बाद नौ मार्च से परीक्षाएं फिर से शुरू होंगी। उस दिन प्रथम पाली में हाईस्कूल उर्दू तथा द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट के मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र और तर्कशास्त्र विषय की परीक्षाएं होंगी।
बोर्ड का लक्ष्य है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में 52 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में 27,32,165 और इंटरमीडिएट में 27,05,009 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वर्ष 2025 में बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक मूल्यांकन प्रक्रिया चली थी। इसके बाद 25 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। उस वर्ष हाईस्कूल में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 81.15 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।