आंगनबाड़ी में पोषाहार का बदला स्वाद और सिस्टम, ओटीपी बताए बिना अब नहीं मिलेगा पोषक आहार, लाभार्थियों की 7 श्रेणी तय कर पोषक आहार को दिए गए हैं अलग-अलग नाम
आंगनबाड़ी पोषक आहार में अमृत, पोषण, संजीवनी और पुष्टिकर, लाभार्थियों की श्रेणी बनाकर दिए गए नाम
आंगनबाड़ी में पोषाहार का बदला स्वाद और सिस्टम, ओटीपी बताए बिना अब नहीं मिलेगा पोषक आहार
लाभार्थियों की 7 श्रेणी तय कर पोषक आहार को दिए गए हैं अलग-अलग नाम
लखनऊ। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चे, गर्भवती और धात्री के पोषक आहार वितरण की व्यवस्था में ओटीपी का ताला लग गया है। यानी अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को ओटीपी बताने पर ही एजेंसी से पोषक आहार मिलेगा। पोषक आहार में हलआ, दलिया, मूंग दाल की खिचड़ी शामिल की गई है। पोषक आहार के लाभार्थियों की श्रेणी बनाकर उसे नाम भी दिया गया है। बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्र से प्रतिमाह पोषक आहार मिलता है। अब पोषक आहार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ के साथ ही वितरण व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत आने वाले पोषक आहार को बच्चों की उम्र के अनुसार ही नाम दिया गया है। छह माह से एक वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा। इसे शिशु अमृत नाम दिया गया है। एक से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को दिए जाने वाले हलवा को शिशु आहार कहा गया है।
तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे को आटा-बेसन की बर्फी, दलिया और मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी। इसे बाल पुष्टिकर नाम दिया गया है।
गर्भवती और धात्री को आटा-बेसन और सोया बर्फी, दलिया-मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी संपूर्ण मातृ आहार के नाम से दी जाएगी। एक से तीन वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को मीठा हलवा मिलेगा। इसे बाल संजीवनी नाम दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मोबाइल पर आएगा ओटीपी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अपने मोबाइल फोन में ईएलएमडी एप डाउनलोड करना होगा। केंद्र का विवरण और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। एप के जरिये ही ओटीपी आएगा। ओटीपी बताने पर ही संबंधित एजेंसी केंद्र पर पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या के सापेक्ष पोषक आहार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सुपुर्द करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार ने बताया कि ओटीपी न बताने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषक आहार सुपुर्द नहीं किया जाएगा। निदेशालय स्तर से उतने ही लाभार्थियों का पोषक आहार आएगा, जिनका आधार पंजीकरण और चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है।