शिक्षामित्रों को भारांक देने के मामले में शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मांगी व्यवस्था और आदेश, 11508 शिक्षक भर्ती का मामला
29 सितंबर 2026
प्रयागराज । नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने के मामले में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में पूछताछ की है। चयन आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह ने 24 सितंबर को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेनशर्मा को इस संबंध में पत्र लिखा है।
चयन आयोग का कहना है कि 15 सितंबर को सहायक अध्यापकों के 11508 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने 17 सितंबर को यह अवगत कराया है कि उच्चतम न्यायालय के 25 जुलाई 2017 के आदेश के अनुपालन में शिक्षामित्रों को 68500 एवं 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में उनके प्रत्येक अध्यापन वर्ष के लिए 2.5 अंक, अधिकतम 25 अंक तक (जो भी कम हो) का भारांक तथा आयु में छूट प्रदान की गयी है।
उच्चतम न्यायालय ने राम शरण मौर्या के मामले में 18 नवंबर 2020 को शिक्षामित्रों को आगामी भर्ती में एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करने के आदेश दिए हैं। सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी के पत्र के संबंध में चयन आयोग ने लिखा है कि इस भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में 60 वर्ष तक छूट प्रदान की गयी है। हालांकि शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 की धारा 30 में उल्लिखित है कि अध्यापकों या अनुदेशकों के चयन के संबंध में बेसिक शिक्षा अधिनियम 1972 के नियमों, विनियमों या परिनियमों में किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी चयन आयोग का अधिनियम प्रभावी होगा। आयोग के अधिनियम एवं विनियमावली में मात्र लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों के चयन की व्यवस्था है।
वहीं आयोग को यह सूचना नहीं दी गई है कि उच्चतम न्यायालय के 18 नवंबर 2020 के आदेश के क्रम में शिक्षामित्रों को आगामी भर्ती में एक अवसर प्रदान करने संबंधी राज्य सरकार या बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी किसी आदेश का उल्लेख नहीं है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में राज्य सरकार या बेसिक शिक्षा विभाग ने क्या निर्णय लिया व शिक्षामित्रों को भारांक किस प्रकार दिए जाने की व्यवस्था तय की गयी है। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों से आयोग को अवगत कराएं ताकि चयन प्रक्रिया की कार्यवाही सम्पादित की जा सके।
टीईटी पास शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी, प्रदेश में टीईटी पास 75 हजार शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ
26 सितम्बर 2026
प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती में भारांक (वेटेज) दिए जाने की सौगात मिल सकती है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से शुक्रवार को शासन को पत्र भी भेज दिया गया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश का हवाला देते हुए भारांक दिए जाने की अनुमति मांगी है।
वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के परिषदीय स्कूलों में 1,43,470 शिक्षामित्र कार्यरत हैं जिसमें 75 हजार से ज्यादा ऐसे शिक्षामित्र हैं जिन्होंने टीईटी पास कर ली है। भारांक मिलने से सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में इन्हें सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल, प्रदेश सरकार पिछली दो भर्तियों 68,500 और 69,000 में भारांक दे चुकी है। इसमें काम के अनुभव के हिसाब से प्रतिवर्ष 2.5 अंक या अधिकतम 25 अंक का भारांक मिले थे। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह का कहना है कि शासन स्तर से अनुमति मिलने का इंतजार है।
2017 में निरस्त हो गया था शिक्षामित्रों का समायोजन
उप्र शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बगैर टीईटी पास प्रदेश भर के शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया था और उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलने लगा था। इसमें 1.37 हजार शिक्षामित्र शामिल थे।
स्पेशल टीईटी में शामिल होने की कर रहे मांग
कुछ महीने पहले ही परिषदीय स्कूलों के सहायक अध्यापकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता की बात कही गई थी। बाद में सरकार ने सहायक अध्यापकों की सहूलियत के लिए स्पेशल टीईटी कराए जाने की घोषणा की थी। अब प्रदेश भर के ऐसे शिक्षामित्र भी इस स्पेशल टीईटी में आवेदन करने का मौका मांग रहे हैं जो अभी टीईटी पास नहीं हैं।
शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी, बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा सेवा चयन आयोग को लिखा पत्र
चयन आयोग ने गठित की चार सदस्यीय कमेटी, मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को भारांक देने का दिया था आदेश
आज होने वाली चयन आयोग की बैठक में हो सकता है निर्णय
22 सितंबर 2026
प्रयागराज। नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भर्ती के विज्ञापन में भारांक का जिक्र नहीं होने संबंधी समाचार प्रकाशित होने के बाद अफसर बैकफुट पर हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को पत्र लिखकर उच्चतम न्यायालय के 18 नवंबर 2020 के उस आदेश की जानकारी दी है, जिसमें शिक्षामित्रों को आगामी शिक्षक भर्ती में एक अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाने के आदेश पारित दिए गए थे।
सचिव का पत्र मिलने के बाद इस मामले में निर्णय लेने के लिए चयन आयोग ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली आयोग की बैठक में इस पर भी विचार किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षामित्रों को भारांक देने की उम्मीद जगी है क्योंकि भारांक नहीं मिलने पर शिक्षामित्र कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं और ऐसा होने पर पूरी भर्ती ही फंस जाएगी। शासन स्तर पर भी शिक्षामित्रों के भारांक की अनदेखी, नियमावली में संशोधन और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आरक्षण नहीं देने पर विचार हो रहा है। शासन में भी इसी सप्ताह इन मुद्दों पर बैठक होने की उम्मीद है।
अधियाचन भेजते समय नहीं दी आदेश की सूचना
इस पूरे मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आई है। 11508 सहायक अध्यापक के पदों पर चयन एवं नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने 17 मई को चयन आयोग को अधियाचन भेजा था। उसके चार महीने बाद 15 सितंबर को चयन आयोग ने भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। वैसे तो बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को अधियाचन के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सूचना देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यही नहीं अधियाचन भेजने के चार महीने बाद तक बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को इस आदेश की सूचना देने की चिंता नहीं हुई। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद जब शिक्षामित्रों को भारांक नहीं देने का समाचार प्रकाशित हुआ तब जाकर बेसिक के अफसर नींद से जागे और उच्चतम न्यायालय के आदेश की सूचना भेजी।
नियमावली में संशोधन नहीं, खत्म कर दी मेरिट, प्राथमिक स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती का मामला
बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में एकेडमिक मेरिट मौजूद, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के विज्ञापन में नहीं है जिक्र
18 सितम्बर 2026
प्रयागराज। नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती में नियमावली संशोधन की अड़चन आ सकती है। बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली 1981 में अभी भी 40 प्रतिशत शैक्षिक मेरिट का प्रावधान है जिसे हटाए बगैर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन का विज्ञापन जारी कर दिया है। भर्ती के विज्ञापन में चयन पूरी तरह 360 अंकों की लिखित परीक्षा (120 बहुविकल्पीय प्रश्न) की मेरिट पर करने की बात लिखी है। शैक्षिक योग्यता (हाईस्कूल, इंटर, स्नातक प्रशिक्षण) के अंकों को मेरिट में शामिल नहीं किया गया है। अंक समान होने की स्थिति में सिर्फ स्नातक, प्रशिक्षण प्रतिशत व उम्र को आधार बनाया है।
यह व्यवस्था सेवा नियमावली के विपरीत है। नियमावली में हाईस्कूल, इंटर, स्नातक और डीएलएड (बीटीसी) / प्रशिक्षण के अंकों को (दस-दस कुल 40 प्रतिशत) वेटेज (भारांक) गुणवत्ता बिंदुओं के रूप में जोड़ा जाता है, जबकि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के अंकों को 60 प्रतिशत वेटेज दिया जाता है। जानकारों की मानें तो नियमावली में बिना संशोधन चयन का आधार बदलना नियम विरुद्ध है। यदि लिखित परीक्षा के आधार पर भर्ती करनी थी तो पहले सरकार को कैबिनेट से नियमावली में 26वां संशोधन कर शैक्षिक मेरिट समाप्त करनी चाहिए थी और चयन का आधार पूर्णतया लिखित परीक्षा करना चाहिए था।
2017 से 2019 तक नियमावली में हुए छह संशोधन
बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली 1981 में 2017 से 2019 तक हुए 20वें से 25वें संशोधनों में एटीआरई परीक्षा, बीएड योग्यता और अपेंडिक्स में कई बदलाव किए गए थे, लेकिन शैक्षिक मेरिट का प्रावधान आज भी कायम है। एकेडमिक मेरिट के आधार पर ही 68500 और 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई थी। यदि चयन प्रक्रिया बदलना है तो नियमावली में संशोधन अनिवार्य है, अन्यथा भर्ती प्रक्रिया में विधिक अड़चन आ सकती है।
चयन की प्रक्रिया परीक्षा लेने वाली संस्था (उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग) ही तय करती है। ऐसे में 11508 भर्ती का जो विज्ञापन जारी हुआ है वह नियम संगत है। - डॉ. संजय कुमार सिंह, पीआरओ चयन आयोग
11508 भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा भारांक, चयन आयोग के विज्ञापन में जिक्र नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने भारांक देने का दिया था आदेश
16 सितंबर 2026
प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में साढ़े सात साल बाद शुरू हुई 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती से प्रदेश के लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्रों को निराशा हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों को सेवानिवृत्ति की आयु (60 साल) तक आवेदन के लिए अर्ह माना है, लेकिन भारांक का कोई जिक्र नहीं है। राम शरण मौर्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 18 नवंबर 2020 को आदेश दिया था कि शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा करने का एक और अवसर प्रदान किया जाएगा।
शीर्ष अदालत ने यह राज्य सरकार के विवेक पर छोड़ा था कि इस अवसर का लाभ शिक्षामित्र किस प्रकार और किन प्रक्रियाओं व्यवस्थाओं के तहत उठा सकेंगे। यही नहीं 69000 शिक्षक भर्ती के कटऑफ विवाद के मामले में सरकार ने 12 जून 2020 को दाखिल इंटरक्यूलेटरी एप्लीकेशन में सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी थी कि उस समय शिक्षकों के रिक्त 51112 पदों की भर्ती में शिक्षामित्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
इससे पहले जुलाई 2017 में 1.37 लाख शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार पर दस से 25 अंक तक का भारांक मिला था।
15 हजार शिक्षामित्रों को ही मिली नौकरी
बिना टीईटी सहायक अध्यापक पद पर समायोजित 1.37 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2017 में निरस्त कर दिया था। शीर्ष अदालत के आदेश पर प्रदेश सरकार ने 68500 और 69000 भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक दिया था। क्रमशः लगभग सात और आठ हजार शिक्षामित्रों को ही नौकरी मिल सकी थी।