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Friday, July 3, 2020

2010 के बाद चयनित सभी शिक्षकों की जांच हुई शुरू, स्थानीय स्तर पर शिक्षकों से ही मांगे जा रहे अभिलेख

2010 के बाद चयनित सभी शिक्षकों की जांच हुई शुरू, स्थानीय स्तर पर शिक्षकों से ही मांगे जा रहे अभिलेख


प्रयागराज : प्रदेश के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद शासन स्तर पर प्रदेश के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में 2010 के बाद चयनित शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से सभी शिक्षकों से तीन दिन के भीतर जरूरी अभिलेख मांगे हैं।


अभिलेख देने के साथ शिक्षकों को अपनी ओर से एक शपथ पत्र भी देना होगा, जिसमें किसी प्रकार की गलती पर रिकवरी सहित वेतन की वसूली और एफआईआर कराने की बात कही गई है। जिला स्तर पर एडीम नजूल की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने तय किया कि यह पता लगाया जाएगा कि जिन अध्यापकों का नाम चयन सूची में थे, क्या वास्तव में वही शिक्षक वर्तमान समय में काम कर रहें या नहीं।


यह भी पता लगाने को कहा गया है कि जिन शिक्षकों का नाम चयन सूची में है, क्या उन्होंने उस पद के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करना होगा। दिव्यांगजनों के प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की जाए। चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के साथ उनके पैन, आधार के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा की ओर से जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जारी पत्र में सभी शिक्षकों से शपथ पत्र भी मांगा गया है, जिसका प्रोफार्मा भी उसमें दिया गया है। 

Sunday, June 28, 2020

नकल माफिया चंद्रमा के स्कूल पर होगी कार्रवाई, रिपोर्ट हो रही तैयार, टीईटी पेपर लीक कराने की कोशिश में भी हुआ था गिरफ्तार

नकल माफिया चंद्रमा के स्कूल पर होगी कार्रवाई, रिपोर्ट हो रही तैयार, टीईटी पेपर लीक कराने की कोशिश में भी हुआ था गिरफ्तार।


प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले की जांच में जुटी एसटीएफ फरार चल रहे नकल माफिया चंद्रमा यादव के स्कूल पर भी कार्रवाई कर सकती है। टीईटी में धांधली की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किए जाने पर चंद्रमा ने खुद बयान दिया था कि उसे अपने स्कूल से ही पेपर की फोटो खींचकर सॉल्वरों तक पहुंचाना था। अब 69 हजार शिक्षक भर्ती में वांछित होने के बाद एसटीएफ उसके स्कूल के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी है। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ चार जून को हुआ था जिसमें सरगना केएल पटेल समेत 11 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। सरगना से पूछताछ में पता चला था कि वह टीईटी में धांधली की कोशिश करते गिरफ्तार हुए चंद्रमा यादव के भी लगातार संपर्क में था।







चंद्रमा धूमनगंज स्थित एक स्कूल का प्रबंधक है और कई राजनेताओं से भी उसके संबंध होने की बात सामने आई थी। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के भंडाफोड़ मामले की जांच में जुटी एसटीएफ को यह भी पता चला है कि चंद्रमा व सरगना केएल पटेल ने पूर्व में कई अन्य परीक्षाओं में भी धाधली की। पिछले साल रेलवे परीक्षाओं में भी उन्होंने सेंध लगाने की कोशिश की थी। चंद्रमा से पूछताछ में सामने आया था कि वह अपने ही स्कूल से टीईटी के पेपर की फोटो खींचकर व्हाट्सएप पर सॉल्वरों तक भेजने वाला था जिसके बाद उसे सॉल्व कॉपी मिलती और वह इसे अपने संटिंग वाले परीक्षार्थियों तक पहुंचाता। यही वजह है कि एसटीएफ चंद्रमा के स्कूल के बारे में भी जानकारी जुटाने में लग गई है। पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले अन्य किन-किन परीक्षाओं के लिए इस स्कूल को केंद्र बनाया गया। क्या उन परीक्षाओं में भी किसी तरह की धांधली हुई। मामले में औपचारिक रूप से एसटीएफ अफसर कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।

69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में भी एसटीएफ ने किया है वांछित

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Saturday, June 27, 2020

प्रयागराज : 192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी

192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में ही हेराफेरी नहीं हुई है, बल्कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। अभिलेखों की जांच में 192 प्रकरण ऐसे मिले हैं जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री कई जिलों की फाइलों में दर्ज है, केवल उनका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर अलग शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने इस पर नाराजगी जताते हुए वित्त नियंत्रक शिक्षा निदेशालय और बेसिक शिक्षा परिषद से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। बेसिक शिक्षा महकमे में इन दिनों शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का भी परीक्षण हो रहा है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने
मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी है।





इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दे अलग-अलग टी विभिन्न जिलों की फाइलों में है, लेकिन उसका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से कुल 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो अलग शिक्षकों के नाम के समक्ष दर्ज है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे बेहद संदिग्ध व आपत्तिजनक करार देते हुए लिखा है कि ये प्रकरण पर्यवेक्षण की विफलता को दर्शाता हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि सभी जिलों के शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराकर इस तरह से प्रकरणों को चिन्हित करके और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मुहैया कराएं।



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Thursday, June 25, 2020

चंद्रमा, मायापति पर इनाम घोषित करेगी एसटीएफ, शिक्षामाफिया की तलाश में दबिश जारी, नहीं मिल रहा सुराग

चंद्रमा, मायापति पर इनाम घोषित करेगी एसटीएफ, शिक्षामाफिया की तलाश में दबिश जारी, नहीं मिल रहा सुराग।


प्रयागराज : एसटीएफ और पुलिस ने बुधवार को भी नकल माफिया चंद्रमा यादव और भदोही के मायावती दुबे की तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन दोनों नहीं मिले। पुलिस को चंद्रमा के कौशांबी में रहने वाले कुछ रिश्तेदारों के बारे में पता चला था कि वह उनके घर में हो सकता है। इस सूचना पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह फरार है। एसटीएफ सूत्रों ने यह भी बताया कि अगर दोनों जल्दी में मिले तो उन पर इनाम घोषित कर दिया जाएगा।






एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि जिस तरह से मोबाइल बंद कर दोनों फरार हैं, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें कहीं बड़ी जगह शरण मिली हुई है। वह ना तो अपने घर वालों से बात कर रहे हैं, न ही रिश्तेदारों से। कई लोगों के नंबर सर्विलांस पर हैं। लेकिन पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। ऐसे में उनके राजनीतिक संबंधों की भी जांच की जा रही है कि वे कहां पनाह ले सकते हैं।


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प्रयागराज : फर्जी अनामिका बनकर नौकरी करने वाली सरिता पर मुकदमा, कानपुर देहात स्थित घर पर छापा मारने के बाद पुलिस ने की कार्यवाई

फर्जी अनामिका बनकर नौकरी करने वाली सरिता पर मुकदमा, कानपुर देहात स्थित घर पर छापा मारने के बाद पुलिस ने की कार्यवाई।


प्रयागराज। सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली सविता यादव को पुलिस ने एफआईआर में नामजद कर लिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि सरिता के गांव में उसकी फोटो की तस्दीक होने के बाद उसे अनामिका वाली एफआईआर में सरिता को नामजद कर लिया। इसके साथ ही अब उसे नौकरी दिलाने वाले पुष्पेंद्र और आनंद को भी नामजद किया जाएगा। सरिता की तलाश में पुलिस की एक टीम को दोबारा कानपुर देहात भेजा गया है। अनामिका प्रकरण की जांच कर रहे इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कथित अनामिका की फोटो पुलिस कानपुर देहात स्थित चंदनपुर गांव पहुंचे तो तो सविता यादव के घर में ताला लगा था। ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीणों ने बताया फोटो सविता यादव की ही है। जांच में पता चला एसटीएफ ने कानपुर से जिस आनंद सिंह को गिरफ्तार किया था, सरिता उसी की रिश्तेदार है। उसने न सिर्फ सरिता की नौकरी लगाई बल्कि उसकी भाभी बबली तथा चचेरी बहन और भाई की भी नौकरी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगवा दी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक की जांच से साफ हो गया है की आनंद सिंह और पुष्पेंद्र सिंह की मदद से ही इलाहाबाद की कथित अनामिका सरिता यादव ने नौकरी पाई थी। यहां की एफआईआर में भी पुष्पेंद्र और आनंद सिंह को आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सरिता को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। पुलिस की एक टीम कानपुर देहात फिर भेजी गई है।





वेरिफिकेशन करने वाले अफसर से होगी पूछताछ

प्रयागराज। अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सविता यादव को सिर्फ फोटो स्टेट के आधार पर नौकरी दे दी गई। अधिकारियों ने फोटोस्टेट दस्तावेज का वेरिफिकेशन बिना ओरिजिनल दस्तावेजों को देखे कर दिया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कि जिस अफसर ने फोटो स्टेट दस्तावेजों के आधार पर अंक पत्रों को वैरीफाई किया, उससे भी पूछताछ होगी।


सरिता के गांव चंदनपुर के प्रधान समेत तमाम लोगों ने की पहचान

कर्नलगंज पुलिस को घर पर लगा मिला ताला


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Wednesday, June 24, 2020

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस टीम

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस की टीम।


प्रयागराज : सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली शिक्षिका घर छोड़कर फरार हो गई है। तलाश में लगी कर्नलगंज पुलिस कानपुर देहात स्थित उसके घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि पूरा परिवार कई दिनों से गायब है। अन्य जिलों में मामला सामने आने के बाद पता चला था कि अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी का खेल यहां भी हुआ। मामले में बीएसए की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच में पता चला कि यहां नौकरी करने वाली शिक्षिका सविता यादव है जो कानपुर देहात की रहने वाली है। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। मंगलवार को कर्नलगंज पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में कानपुर देहात गई। टीम रसूलाबाद थाना क्षेत्र के चंदनपुरा गांव में स्थित शिक्षिका के घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि परिवार कई दिनों से घर में ताला लगाकर गायब है। जिसके बाद टीम वहां से लौट आई। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि शिक्षिका की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।





महिला निकली सरगना के मददगार की रिश्तेदार सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि सोरांव में नौकरी करने वाली सरिता यादव पिछले दिनों फर्जीवाड़े के ही मामले में जेल भेजे गए सरगना पुष्पेंद्र सिंह के मददगार आनंद सिंह की रिश्तेदार है। जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद ही अभ्यर्थियों के दस्तावेज पुष्पेंद्र को उपलब्ध काता था। उधर शिक्षिका की भाभी भी अलीगढ़ में किसी और के दस्तावेजों पर नौकरी करते मिली थी जिसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


अफसरों की भी भूमिका की होगी जांच

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सोरांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय के स्टाफ समेत अफसरों की भी भूमिका की जांच की जा रही है। दरअसल तहरीर में खुद यह बात स्वीकार की गई है कि बिना मूल शैक्षिक दस्तावेज दिखाए शिक्षिका ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। पहला सवाल तो यह है कि क्यों और किसकी अनुमति से हुआ? दूसरा सवाल अगर कार्यभार ग्रहण किया भी गया तो इसकी सूचना अफसरों को क्यों नहीं दी गई? अगर नहीं दी गई तो पर्यवेक्षण अधिकारी इनते दिनों तक क्या करते रहे और अगर सूचना दी गई तो अफसरों ने इस पर तत्काल संज्ञान क्यों नहीं लिया?




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