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Sunday, September 20, 2020

प्रयागराज : बच्चों की जगह अभिभावक जाएंगे स्कूल, लेंगे होमवर्क।

प्रयागराज : बच्चों की जगह अभिभावक जाएंगे स्कूल, लेंगे होमवर्क।


प्रयागराज : जिले के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिशन प्रेरणा ई-पाठशाला का दूसरा चरण 21 सितंबर से शुरू होगा। इस दौरान ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक स्कूलों के व्हाट्स एप ग्रुप से नहीं जुड़े हैं, उन बच्चों के परिवार में पढ़े-लिखे किसी सदस्य जैसे माता, पिता, भाई, बहन, चाचा, चाची को सप्ताह में एक दिन स्कूल आमंत्रित कर पूरे सप्ताह की कार्य योजना और पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी दी जाएगी। 

प्रत्येक सोमवार को शिक्षक एक एक घंटे बांटकर अभिभावकों को स्कूल आने का अनुरोध करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शुक्रवार को निर्देशित किया है कि सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक घंटे में 10 अभिभावकों को बुलाया जाएगा। अभिभावकों के स्कूल आने पर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों में रुचि, विषय समझने में आरही कठिनाइयों के बारे में भी चर्चा की जाएगी।

Saturday, September 19, 2020

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

 
प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के लिए सिर्फ प्रयागराज में विभाग को करीब 40 लाख रुपये की जरूरत है। करीब दो महीने पहले भेजे गए 3732 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र का सत्यापन संबंधित विश्वविद्यालयों से नहीं हो सका है। विश्वविद्यालयों ने प्रपत्रों की जांच के लिए शुल्क मांगा है।

‘अनामिका’ प्रकरण सामने आने के बाद सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रपत्रों की जांच कर संबंधित विश्वविद्यालयों को भी सत्यापन के लिए भेजा गया है। डीआइओएस कार्यालय के पास सत्यापन शुल्क के नाम पर कोई भी बजट न होने से यह कार्य अभी अधर में है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि जनपद में 378 राजकीय विद्यालय के शिक्षक हैं, इनमें 250 महिला व 128 पुरुष हैं। वित्तपोषित कॉलेजों के कुल 3286 अध्यापक हैं, इनमें 809 महिला व 2477 शिक्षक हैं। 68 संस्कृत विद्यालयों के भी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के लिए विश्वविद्यालयों के पास भेजा गया है।


सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक डिग्री के सत्यापन के लिए 500 रुपये, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वद्यिालय में 500 रुपये, आइआइटी दिल्ली में 1000 रुपये, भारतीय खेल प्राधिकरण में दो हजार रुपये शुल्क देने पर ही डिग्री का सत्यापन संभव है।

Thursday, September 17, 2020

प्रयागराज : अनुपस्थित चल रहे 9 शिक्षकों को अंतिम चेतावनी, 24 सितंबर तक उपस्थित हों, नहीं तो सेवा समाप्त

प्रयागराज : अनुपस्थित चल रहे 9 शिक्षकों को अंतिम चेतावनी,  24 सितंबर तक उपस्थित हों, नहीं तो सेवा समाप्त


प्रयागराज। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत नौ शिक्षकों को सेवा समाप्ति की चेतावनी जारी की है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा की ओर से बिना किसी सूचना के अध्यापक- अध्यापिकाओं को नोटिस भेजकर 24 सितंबर तक उनके कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है। 24 सितंबर को उनके कार्यालय में उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षकों को सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है। बीएसए की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि उपस्थित नहीं होने पर यह माना जाएगा कि वह काम करने के इच्छुक नहीं हैं।


बीएसए की ओर से जिन शिक्षकों को नोटिस जारी की गई है उनमें प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर बहादुरपुर के अनुपम सिंह, प्राथमिक विद्यालय छतौना प्रतापपुर की सोनाली गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय राजापुर धनूूपुर की आराधना वर्मा, प्राथमिक विद्यालय खिरिजपुर धनूपुर के प्रेम शंकर द्विवेदी, प्राथमिक विद्यालय ऊगापुर प्रतापपुर की प्रधानाध्यापक विद्या सिंह, प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर धनूपुर की अनीता, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहरैचा कोरांव के संजय कुमार पांडेय, प्राथमिक विद्यालय दुधरा जोकहाई कोरांव के नील कंडेश्वर, प्राथमिक विद्यालय भगतपुर कोरांव के व्योमकेश द्विदी का नाम शामिल है।

Friday, September 11, 2020

ऑनलाइन शिक्षा: जागरूकता के अभाव में नहीं हो रहा प्रभाव, न अभिभावक ले रहे रुचि न बच्चे

ऑनलाइन शिक्षा: जागरूकता के अभाव में नहीं हो रहा प्रभाव, न अभिभावक ले रहे रुचि न बच्चे


 
प्रयागराज : कोरोना संक्रमण फैलने के साथ ही स्कूली शिक्षा ऑनलाइन कर दी गई। तमाम विद्यार्थियों के पास संसाधन की कमी आड़े आ रही है तो कुछ के पास संसाधन हैं भी तो वे उदासीन हैं। अभिभावक भी सजग नहीं हैं। वाट्सएप ग्रुप पर शिक्षक जब सवाल पूछते हैं तो उन्हें पखवारे बाद भी उत्तर नहीं मिलता है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।



प्राथमिक विद्यालय गड़रा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिवभान सिंह ने बताया कि स्कूल में कुल 136 विद्यार्थी हैं जब कि वाट्सएप ग्रुप पर 20 विद्यार्थी जुड़े हैं। नियमित रूप से विषयवार वीडियो बनाकर ग्रुप में भेज रहे हैं। कई बार टेक्स मैसेज व वाइस मैसेज भी भेजते हैं लेकिन न तो अभिभावक रुचि लेते हैं और न बच्चे। 


प्राथमिक विद्यालय गौहानी की इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुचिता सिंह ने बताया कि 73 विद्यार्थी स्कूल में हैं, सिर्फ 10 वाट्सएप ग्रुप पर हैं। शुरू में तो तीन-चार बच्चों ने रिस्पांस दिया लेकिन अब कोई भी रिप्लाई नहीं करता। यहां तक कि ग्रुप में भेजे गए संदेश भी नहीं देखते। 


प्राथमिक विद्यालय बघोलवा आदिवासी बस्ती के प्रधानाध्यापक डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 60 बच्चे विद्यालय में है। वाट्सएप से 18 विद्यार्थी जुड़े हैं लेकिन एक भी पठन पाठन को लेकर सक्रिय नहीं हैं। जितनी भी पाठ्य सामग्री भेजी जाती है उसे कभी न तो अभिभावक देखते हैं और न बच्चे। हां कुछ बच्चों के घर जाकर गृह कार्य दे आते हैं तो वे उसे कर लेते हैं। इस संबंध में अभिभावक भी जागरूक नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने में शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

Thursday, September 10, 2020

घर-घर जाकर परिषदीय शिक्षक ढूंढेंगे कोरोना मरीज

Prayagraj: घर-घर जाकर परिषदीय शिक्षक ढूंढेंगे कोरोना मरीज

 
प्रयागराज : कोरोना का संक्रमण थम नहीं रहा है। इस बीच ऐसे भी मामले आ रहे हैं कि लोग कोविड अस्पताल या होम आइसोलेशन से बचने के लिए अपनी तकलीफ छिपा रहे हैं, जिसके कारण संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शहरी क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सर्वे शुरू किया जा रहा है। यह सर्वे परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक करेंगे। वह परिवार के सदस्य और उनकी सेहत को लेकर विवरण दर्ज करेंगे, जिसे कोरोना कंट्रोल रूम को सौंप दिया जाएगा।



सर्वे के लिए 1200 शिक्षकों की मोहल्लेवार ड्यूटी लगाई जा रही है। वह वोटर लिस्ट लेकर प्रत्येक घर में जाएंगे। पूछेंगे कि परिवार में कितने सदस्य हैं। उनका स्वास्थ्य कैसा है। कितने लोग बाहर से आए हैं। कोई अब तक कोरोना संक्रमण का शिकार हुआ है या नहीं। किसी को बुखार या अन्य समस्या का विवरण भी दर्ज करेंगे। वोटर लिस्ट से सभी सदस्यों के नामों का भी सत्यापन भी किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि शिक्षकों को ड्यूटी रिसीव करा दी गई है। सभी अध्यापक मतदाता सूची के अनुसार सर्वे कर विवरण अपने खंड शिक्षाधिकारी को देंगे।

यह विवरण कोरोना कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। बीएसए ने कहा है कि यह सामजिक दायित्व है, इसलिए शिक्षकों को इसमें सहयोग करना चाहिए। यह सर्वे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाना है।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग उन परिवारों पर फोकस करेगी, जिनके यहां के किसी सदस्य में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीज होंगे। उद्देश्य सिर्फ यह कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोका जा सके।

Tuesday, September 8, 2020

यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार

यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार




प्रयागराज : शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई। बैठक में सबने एक स्वर में कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में बनना ही कानून व संविधान सम्मत है। इससे कम कुछ स्वीकार नहीं किया जाएगा।


एसोसिशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने कहा कि सरकार गैरकानूनी निर्णय लेकर प्रयागराज की गरिमा से खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वादे के अनुरूप शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में स्थापित किया जाय, क्योंकि यहीं हाईकोर्ट की प्रधान पीठ है। अगर हमारी मांग की अनदेखी की गई तो सरकार को उसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि वकील अपने अधिकार व सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। वहीं, मंगलवार को लोक संपत्ति क्षतिपूर्ति दावा अधिकरण के मुद्दे पर शहर के सभासदों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी ने की।