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अधिकारों व सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायतों में गठित होंगे महिला एवं बाल अधिकार मंच, यूनिसेफ की मदद से पहले चरण में 7 जिलों में शुरू होगा अभियान
लखनऊ: प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्राम स्तर पर महिलाओं व बच्चों के अधिकारों व उनकी सुरक्षा के लिए महिला एवं बाल अधिकार मंच गठित करने जा रही है। यह मंच महिला कल्याण विभाग यूनिसेफ की मदद से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में गठित करेगा। यह स्थानीय स्तर पर दबाव समूह के रूप में काम करेगा।
दरअसल, अभी ग्राम स्तर पर महिलाओं व बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। गांव की महिलाएं अपनी शिकायत कहां और किससे करें इसको लेकर भी कोई मंच नहीं है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ग्राम स्तर पर ही महिला एवं बाल अधिकार मंच गठित करने जा रही है। इसमें स्थानीय वरिष्ठ व सम्मानित नागरिकों जैसे अवकाश प्राप्त शिक्षक, भूतपूर्व सैनिक, प्रभावशाली महिला व अभिभावक के साथ ही महिला समाख्या आदि के लोग सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
इस मंच में ग्राम प्रधान की अहम भूमिका होगी। साथ ही प्रधान को इस बात के लिए तैयार किया जाएगा कि वह पंचायत स्तर पर तैयार की जाने वाली विकास योजनाओं में महिलाओं व बच्चों के मुद्दे शामिल करें।
■ पहले चरण में सात जिले : प्रदेश सरकार पहले चरण में सात जिलों के 29 ब्लॉक की 1129 ग्राम पंचायतों में यह मंच गठित करने जा रही है। इसमें जिन जिलों को शामिल किया गया है उनमें प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी व मुख्यमंत्री का क्षेत्र गोरखपुर के अलावा इलाहाबाद, जौनपुर, बलरामपुर, श्रवस्ती व बहराइच हैं। इसके बाद दूसरे चरण में प्रदेश की सभी 59163 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा।


