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Sunday, September 13, 2026

400 छात्रों ने कॉपी में रखा नोट, यूपी बोर्ड ने रोका परिणाम, कंप्यूटर फर्म ने जिन कॉपियों में नोट मिला उसकी सूचना बोर्ड को दी थी

हाईस्कूल कम्पार्टमेंट/ इम्प्रूवमेंट तथा इंटर कम्पार्टमेंट परीक्षा का मामला,  पहली बार यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन करवाया था मूल्यांकन

400 छात्रों ने कॉपी में रखा नोट, यूपी बोर्ड ने रोका परिणाम,  कंप्यूटर फर्म ने जिन कॉपियों में नोट मिला उसकी सूचना बोर्ड को दी थी


प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट तथा इंटर कम्पार्टमेंट परीक्षा के दौरान कॉपियों में नोट रखने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया गया है। यह पहला मौका है जब उत्तरपुस्तिकाओं में नोट रखने पर इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है। बोर्ड की ओर से संबंधित डीआईओएस के माध्यम से इन परीक्षार्थियों को नोटिस जारी करके सुनवाई की जा रही है। उसके बाद परिणाम को लेकर परीक्षा समिति में निर्णय लिया जाएगा।


चूंकि बोर्ड ने इसी साल से उत्तरपुस्तिकाओं में नोट रखने के मामलों को अनुचित साधन प्रयोग माना था इसलिए ऐसे सभी 400 से अधिक परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं। इस कार्रवाई से बोर्ड ने आगामी परीक्षाओं के लिए भी कड़ा संदेश देने का काम किया है। 

28 जुलाई को आयोजित कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन पहली बार यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन माध्यम से कराया था। प्रयागराज के राजकीय इंटर कॉलेज में प्रदेशभर की कॉपियों की पहले कंप्यूटर पर स्कैनिंग की गई और उसके बाद परीक्षकों ने कंप्यूटर, लैपटॉप पर मूल्यांकन करते हुए ऑनलाइन अंक चढ़ाए। 

स्कैनिंग के दौरान निजी कंप्यूटर फर्म के लोगों ने जिन कॉपियों में नोट निकले थे उनकी सूचना यूपी बोर्ड को दे दी। सूत्रों के अनुसार कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों से 20 हजार रुपये से अधिक की राशि मिली है जिसे राजकोष में जमा करवा दिया गया है।

Wednesday, August 12, 2026

परख सर्वे की निजी स्कूलों में भी कराई जाएगी तैयारी, SCERT परिणाम सुधार के लिए कर रहा प्रयास जिलों में भी होंगी कार्यशालाएं

परख सर्वे की निजी स्कूलों में भी कराई जाएगी तैयारी, SCERT परिणाम सुधार के लिए कर रहा प्रयास जिलों में भी होंगी कार्यशालाएं


लखनऊ। प्रदेश में परख राष्ट्रीय सर्वे में प्रदर्शन सुधारने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। अगले साल होने वाले सर्वे में राजकीय विद्यालयों के साथ ही निजी स्कूलों का भी मूल्यांकन होगा और उसके अनुसार सुधार के किए जाएंगे।

परख डैशबोर्ड पर 2024 में हुए सर्वे का परिणाम अपलोड कर दिया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से परिणाम में सुधार और आगे की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है। अब निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण में शामिल कर आगे सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जाएगी।


 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से विभिन्न कक्षाओं में छात्रों की दक्षता को आंकने के लिए हर तीन साल पर यह सर्वे कराया जाता है। प्रदेश में परीक्षा के लिए छात्रों की संख्या व परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाता है। फिर परीक्षा परिणाम के औसत के आधार पर प्रदेश का परिणाम तैयार होता है। पिछले साल कक्षा तीन में भाषा में प्रदेश ने 68 व गणित में 64 अंक प्राप्त किए थे।

यह राष्ट्रीय औसत क्रमशः 64 व 60 से अधिक था। ऐसे में विभिन्न मानकों में अन्य कक्षाओं में भी परिणाम को सुधारा जाएगा। छात्रों को ओएमआर शीट पर परीक्षा देने के लिए तैयारी कराई जाएगी। मॉक टेस्ट से तैयारी परखी जाएगी। यही वजह है कि अगले साल होने वाले सर्वे के लिए एससीईआरटी ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत मंडल के बाद जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

Monday, June 22, 2026

सीबीएसई ने 12वीं के पुनर्मूल्यांकन के नतीजे घोषित किए, पहले चरण में 87 फीसदी से अधिक आवेदनों के नतीजे जारी

सीबीएसई ने 12वीं के पुनर्मूल्यांकन के नतीजे घोषित किए, पहले चरण में 87 फीसदी से अधिक आवेदनों के नतीजे जारी

डिजीलॉकर पर चेक करें अंक

21 जून 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12वीं की उत्तर-पुस्तिकाओं की दोबारा जांच (पुनर्मूल्यांकन) और सत्यापन के नतीजे जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने रविवार को पहले चरण में 87 फीसदी से अधिक आवेदनों के परिणाम घोषित किए गए हैं। शेष आवेदनों के नतीजे भी जल्द जारी कर दिए जाएंगे। छात्र अपने डिजीलॉकर से नई मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।

बोर्ड ने कहा कि प्रत्येक आवेदन की निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर-पुस्तिकाओं की सावधानीपूर्वक और पारदर्शी तरीके से जांच की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञों ने भी सहयोग दिया। जिससे कि अनधिकृत हस्तक्षेप को रोका जा सके। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विद्यार्थियों के सत्यापन परिणाम में नो-चेंज दर्शाया गया है, उन्हें इच्छा होने पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में उत्तर पुस्तिका निरीक्षण का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अलग से समय-सारिणी जारी की जाएगी।

छात्रों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह
बोर्ड ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अस्पष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। बोर्ड ने कहा कि सभी आधिकारिक जानकारी केवल उसके अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाएगी। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए छात्र संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों अथवा सीबीएसई हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते है।

ओएसएम प्रणाली को लेकर हुआ विवाद
सीबीएसई ने 12वीं के नतीजे 13 मई को घोषित किए थे। इसके बाद 19 से 25 मई तक मूल्यांकित उत्तर-पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई गई थी, जबकि 2 से 7 जून के बीच सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस बार उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने ओएसएम प्रणाली का उपयोग किया था। इसको लेकर बहुत विवाद हुआ, छात्रों ने नंबर कम आने की शिकायतें कीं। वहीं, उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की आवेदन प्रकिया में भी छात्रों ने आवेदन नहीं होने की शिकायतें की थीं।




CBSE 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के सत्यापन व पुनर्मूल्यांकन आवेदन अब सात जून तक

5 जून 2026
नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाकर सात जून कर दी है। पहले यह समयसीमा छह जून आधी रात तक निर्धारित थी। 

बोर्ड ने यह निर्णय उन छात्रों की शिकायतों के बाद लिया है, जिन्होंने परिणाम उपरांत सेवाओं (पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज) पोर्टल पर उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कापी देखने और सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने में तकनीकी दिक्कतों की बात कही थी। यह पोर्टल दो जून से शुरू किया गया था। सीबीएसई ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी संदेश में कहा कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें अतिरिक्त समय और सुविधा प्रदान करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला किया गया है। बोर्ड ने छात्रों से संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन करने का आग्रह किया है।

बोर्ड ने मंगलवार को उन छात्रों के लिए आनलाइन सुविधा शुरू की थी जो उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं। इसके तहत छात्र स्कैन कापी में पृष्ठ गायब होने, पूरक उत्तरपुस्तिका संलग्न न होने, नक्शे या ग्राफ के अभाव, धुंधले पन्नों, गलत उत्तरपुस्तिका अपलोड होने या किसी अन्य प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।



सीबीएसई का पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन हेतु पोर्टल तय समय पर नहीं शुरू हो सका, छात्रों और अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी

1 जून 2026
नई दिल्ली। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए एक जून से शुरू होने वाला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पोर्टल सोमवार को तय समय पर शुरू नहीं हो सका। इससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है।

सुबह से था इंतजारः हजारों छात्र और अभिभावक सुबह से ही पोर्टल खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक वेबसाइट का लिंक एक्टिव नहीं हो सका। कॉपियों की स्क्रूटनी और वेरिफिकेशन के लिए महीनों से इंतजार कर रहे लाखों छात्र-छात्राएं लगातार वेबसाइट को रिफ्रेश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

गुस्से में छात्र और अभिभावक : इसके चलते छात्र, अभिभावक दोनों गुस्से में हैं। उन्हें डर है कि कहीं एक और डेट का इंतजार न करना पड़े। सीबीएसई ने दोपहर दो बजे एक्स पर जानकारी दी कि पोर्टल को जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद भी शाम 8:30 बजे तक पोर्टल शुरू नहीं हो सका। इससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एक्स यूजर योगेश ने लिखा कि सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गए हैं, बोर्ड को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। एक अन्य यूजर ललित ने लिखा कि बोर्ड स्थिति संभालने में सक्षम नहीं है तो छात्रों को अतिरिक्त अंक देने पर विचार करना चाहिए। देर शाम तक पोर्टल शुरू होने का कोई नया समय घोषित नहीं किया गया था। 

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
सीबीएसई परीक्षा विवाद मामले में शिक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू की। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सीओईएमपीटी को ठेका देने के मामले में रिपोर्ट तलब की गई है। टेंडर प्रक्रिया का विवरण भी जुटाया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।




CBSE : 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन व पुनर्मूल्यांकन अब एक जून से

30 मई 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रकिया अब तीन दिन की देरी से एक जून से शुरू होगी। पहले यह 29 मई से होनी थी। थी। वहीं, अगले साल से बोर्ड परीक्षा के अंकों के साथ स्कैन आंसरशीट (उत्तर पुस्तिकाएं) भी डिजिलॉकर में उपलब्ध करवाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व डिजिटलीकरण की दिशा में यह फैसला किया गया है। फिलहाल प्राथमिकता, पुनर्मूल्यांकन वाली सभी कॉपियों को दोबारा जांच कर नतीजा जारी करना है, ताकि विद्यार्थी आगे स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकें। देशभर के विश्वविद्यालयों समेत इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों में जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना है और नतीजे में देरी से शैक्षणिक सत्र शुरू होने में देरी हो सकती है। 


ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में हाईकोर्ट ने केंद्र राज्य सरकार और सीबीएसई से मांगा जवाब 

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की नई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार, सीबीएसई, परीक्षा नियंत्रक और उत्तर प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह प्रणाली 2025-26 की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुरू की गई है।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एक अधिवक्ता की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर शुक्रवार को यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को जल्दबाजी में लागू किया गया है। इससे देशभर के लाखों छात्रों के मूल्यांकन में प्रणालीगत संस्थागत विफलता हुई है। 



CBSE : 12वीं में चार लाख से अधिक आए पुनर्मूल्यांकन आवेदन, 11 लाख से अधिक स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गईं, पोर्टल दोबारा खोलने पर हो सकता है विचार

27 मई 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के चलते पुनर्मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड चार लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। सीबीएसई के इतिहास में पहली बार किसी परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन आए हैं।

मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे - तक 4,04,319 विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे, जबकि गिनती अभी जारी है। वहीं, हजारों विद्यार्थियों को आंसर-शीट मिल ही नहीं पाई, इस कारण वे फिर से मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। खास बात यह है कि 11,31,961 स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गई हैं। इसमें से अभी तक 8,98,214 उत्तर पुस्तिकाएं दी जा चुकी हैं। 

अधिकारी भी मानते हैं कि 12वीं के नतीजे आने के 14 दिन बीतने के बाद अभी तक विद्यार्थी परेशान हैं। विद्यार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए विंडो फिर खोलने पर विचार कर सकता है। यदि विंडो खुलती है, तो चार लाख का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर पुस्तिका की प्रति नहीं मिलने से आवेदन से वंचित रह गए विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक स्कैन कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक कैसे पता चलेगा कि उन्हें कम नंबर क्यों मिले हैं? 




सीबीएसई 12वीं के विद्यार्थियों को लौटाएगा पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में ली गई अतिरिक्त राशि, अब आज रात तक कर सकेंगे आवेदन

कम नहीं हो रहीं समस्याएं : पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ियां

24 मई 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कहा कि 12वीं के नतीजे के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों से जिन विद्यार्थियों से अधिक शुल्क वसूला गया, उन्हें अतिरिक्त राशि लौटाई जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने पुनर्मूल्यांकन के दौरान बच्चों व अभिभावकों की तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतों पर सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।

सीबीएसई ने रविवार को बताया कि 21-22 मई को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय तकनीकी समस्याओं के चलते कुछ मामलों में अधिक राशि वसूली गई, जबकि कुछ में कम शुल्क लिया गया। जिन मामलों में अधिक भुगतान लिया गया, उनमें अतिरिक्त राशि उसी भुगतान माध्यम में वापस की जाएगी, जिससे शुल्क जमा किया गया था। जिन मामलों में कम शुल्क लिया गया है, उनमें जरूरी होने पर विद्यार्थियों को शेष राशि जमा करने के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा।

 बोर्ड ने यह भी बताया कि ऐसे सभी मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने सर्वर डाउन होने, पेमेंट गेटवे में गड़बड़ी और प्रक्रिया के दौरान सामने आई अन्य तकनीकी खामियों पर संज्ञान लिया था। 


अब आज रात तक कर सकेंगे आवेदन

सीबीएसई ने 12वीं की उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति हासिल करने के लिए आवेदन की तिथि एक दिन और बढ़ा दी है। अब 25 मई को रात 11:59 तक आवेदन किए जा सकेंगे।

डिजिटल मूल्यांकन का आकलन जारी डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर व्यापक विरोध व विद्यार्थियों की बढ़ती चिंता के बीच शिक्षा मंत्रालय 12वीं के नतीजों पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है। सीबीएसई को इसमें प्रशासनिक निगरानी भी मुहैया करा रहा है। इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के बाद सामने आईं विसंगतियों और पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों के बाद मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया है।

दाखिले में दिक्कत न आए प्रशासनिक निगरानी का मकसद सुनिश्चित करना है कि तकनीकी बाधाओं के कारण कॉलेज में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों को असुविधा न हो।




CBSE उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कापी लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि हुई 24 मई

23 मई 2026
नई दिल्लीः सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर पुस्तिका की स्कैन कापी लेने की अंतिम तारीख एक दिन के लिए और बढ़ा दी है। पहले अंतिम तिथि 23 मई थी, लेकिन अब विद्यार्थी 24 मई तक इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। वेबसाइट पर आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण यह निर्णय लिया गया है।

बोर्ड ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक और कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण कई विद्यार्थियों को आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। इस कारण वे समय पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है। वहीं, विद्यार्थियों का दावा है कि वेबसाइट हैक हो गई थी, जिस कारण फीस के मूल्य में बदलाव देखने को मिल रहा था।

सीबीएसई के अनुसार, वेबसाइट पर बढ़े लोड के साथ कुछ तकनीकी हस्तक्षेप के प्रयासों के कारण भी सिस्टम पर असर पड़ा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया बाधित हुई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अब सभी प्रभावित विद्यार्थी अतिरिक्त एक दिन के भीतर आवेदन कर सकते हैं। स्कैन कापी प्राप्त करने के बाद छात्रों को आगे की प्रक्रिया यानी वेरिफिकेशन आफ इश्यूज आब्जर्व्ह और रि-इवैल्यूएशन के लिए भी दो दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि वे अपनी उत्तरपुस्तिका को ठीक से देखकर निर्णय ले सकें। बोर्ड ने कहा कि अन्य सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।




ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कम नंबरों के बाद अब सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल की परेशानी, विद्यार्थियों ने पोर्टल पर लागिन नहीं कर पाने का लगाया आरोप

कभी वेबसाइट पर ब्लैंक पेज दिखने तो कभी कैप्चा कोड नहीं आने की भी शिकायत

20 मई 2026
नई दिल्लीः सीबीएसई की ओर से 12 वीं में कापियों की जांच के लिए आन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम से परिणाम में उम्मीद से कम अंक मिलने की शिकायतें मिली हैं। इसके बाद अब री-इवैल्यूएशन और स्कैन कापी हासिल करने के
 लिए खोले गए पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों से विद्यार्थियों की चिंता और बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों का आरोप है कि वे न तो पोर्टल पर लागिन कर पा रहे हैं और न ही आवेदन प्रक्रिया पूरी हो रही है।


मंगलवार को सीबीएसई ने पोस्ट रिजल्ट (परिणाम के बाद) सुविधा शुरू की है। इसमें विद्यार्थी अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कापी लेकर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन पोर्टल खुलते ही इंटरनेट मीडिया पर शिकायतों की संख्या बढ़‌ने लगी है।


विद्यार्थियों का कहना है कि कभी वेबसाइट ब्लैंक पेज दिखा रही है, कभी कैप्चा कोड नहीं आ रहा। कई मामलों में भुगतान कटने के बाद भी आवेदन पूरा नहीं हो रहा है। एक छात्र ने बताया कि कई बार कोशिश के बाद भी वह पंजीकरण नहीं कर पाया, क्योंकि बार-बार वेब साइट हैंग हो रही है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी छात्रों ने स्क्रीनशाट साझा करते हुए बोर्ड की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। एक छात्र ने कहा कि कि रुपये कट गए पर वेरिफिकेशन फेल हो गया। सिस्टम अपग्रेड नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था ही फेल है। हालांकि, इस मामले में सीबीएसई ने किसी बड़ी तकनीकी विफलता से इन्कार किया है।

बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि उन्हें सुबह कुछ छात्रों के फोन आए थे, जो लागिन नहीं कर पा रहे थे। वैसे इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। उनके अनुसार कई बार पुराना सेव पेज खुल जाता है, जिसे कंप्यूटर रीस्टार्ट करने से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को कुछ देर बाद दोबारा से लागिन करने की सलाह दी है। बोर्ड ने कहा कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल सही तरीके से काम कर रहा है। वैसे इस बार स्कैन कापी और री-इवैल्यूएशन की फीस भी कम की गई है। स्कैन कापी शुल्क 700 से 100 रुपये, री-इवैल्यूएशन फीस 500 से 100 रुपये और प्रति प्रश्न जांच शुल्क 100 से 25 रुपये किया गया है।

Friday, June 19, 2026

माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य हेतु परीक्षकों इत्यादि के पारिश्रमिक देयकों एवं यात्रा व्यय का भुगतान हेतु बजट आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में।

यूपी बोर्ड : 10वीं और 12वीं परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों के पारिश्रमिक और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए 87 करोड़ रुपये का बजट जारी

प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 87 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। यह धनराशि कक्ष निरीक्षकों के पारिश्रमिक और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए आवंटित की गई है। 

बोर्ड के वित्त व लेखाधिकारी विक्रम सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों व संकलन केंद्रों पर नियुक्त केंद्र व्यवस्थापकों, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों, लिपिकों, बंडल वाहकों, अग्रसारण अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के पारिश्रमिक भुगतान के लिए 27.86 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए परीक्षकों, मुख्य नियंत्रक, उप नियंत्रक व अन्य कर्मियों के पारिश्रमिक और यात्रा व्यय के लिए 58.88 करोड रुपये का बजट जारी किया है। इसमें करीब 2.33 करोड़ रुपये यात्रा व्यय और 56.54 करोड़ रुपये की धनराशि सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को केंद्रवार भुगतान के लिए भेजी गई है। बोर्ड ने निर्देश दिए है कि आवंटित धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित मदों में ही किया जाए। 


माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य हेतु परीक्षकों इत्यादि के पारिश्रमिक देयकों एवं यात्रा व्यय का भुगतान हेतु बजट आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में।


Friday, May 15, 2026

खेल में पुरस्कृत परीक्षार्थियों को बोनस अंक देगा यूपी बोर्ड, पांच से लेकर 20 नंबर तक बोनस अंक के रूप में देने का बोर्ड ने भेजा संशोधित प्रस्ताव

खेल में पुरस्कृत परीक्षार्थियों को बोनस अंक देगा यूपी बोर्ड, पांच से लेकर 20 नंबर तक बोनस अंक के रूप में देने का बोर्ड ने भेजा संशोधित प्रस्ताव


प्रयागराज : विभिन्न खेलों में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के उन खिलाड़ी परीक्षार्थियों को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) परीक्षा में बोनस अंक प्रदान कर सम्मान व प्रोत्साहन देगा, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय स्तर या अंतरराष्ट्रीय पर प्रथम/द्वितीय/तृतीय स्थान प्राप्त किए हैं। इन्हें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में पांच से लेकर 20 नंबर तक बोनस अंक के रूप में देने की योजना का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। 


बोनस अंक स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसजीएफआइ) द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग पर ही देय होंगे। सर्वाधिक बोनस अंक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विजेता होने पर दिए जाएंगे।

बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने शासन को भेजे प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि बोनस अंक केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को दिए जाएंगे, जिन्होंने हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने से पूर्व प्रतियोगिता में प्रथम/द्वितीय/तृतीय स्थान प्राप्त करने का प्रमाणपत्र या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने का प्रमाणपत्र परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी तक प्राप्त किए हों। 

हाईस्कूल परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रदान किए जाने वाले बोनस अंक उनके अंकपत्र/प्रमाणपत्र में प्रदर्शित किए जाएंगे। इंटरमीडिएट में अभी ग्रेडिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण परीक्षा में प्रदान किए जाने वाले बोनस अंक उनके कुल प्राप्तांक में जोड़े जाएंगे। परीक्षार्थी के अनुत्तीर्ण होने की दशा में बोनस अंक किन्हीं दो विषयों में ग्रेस मार्क के रूप में जोड़े जाएंगे।

Wednesday, April 1, 2026

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन की अवधि बढ़ी, परिणाम में हो सकती है देरी

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन की अवधि बढ़ी, परिणाम में हो सकती है देरी

31 मार्च 2026
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सकेगा। लगभग 50 लाख से अधिक छात्रों की कॉपियों की जांच एक अप्रैल तक पूरी होना संभव नहीं है। बोर्ड ने मूल्यांकन अवधि को तीन से चार दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे परीक्षा परिणाम घोषित होने में भी देरी की संभावना जताई जा रही है। 

प्रदेश के 254 मूल्यांकन केंद्रों में से अब तक 117 केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। करीब 80 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन संपन्न हो गया है, जबकि शेष कॉपियों की जांच चार अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है। मंगलवार को 192 केंद्रों पर 47,804 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया। इस दौरान हाईस्कूल की 5,80,800 और इंटरमीडिएट की 5,98,996 समेत कुल 11,79,796 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई।

हाल के दिनों में मूल्यांकन कार्य में तेजी आई है। 30 मार्च को 17,56,851, 29 मार्च को 25,41,361 और 28 मार्च को 33,91,506 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। बुलंदशहर समेत कई जिलों में कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है। ईद और रामनवमी के अवकाश के कारण मूल्यांकन कार्य तीन दिन प्रभावित रहा। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हो सकेगा, इसलिए इसे तीन से चार दिन आगे बढ़ाया गया है। 






यूपी बोर्ड मूल्यांकन में 2% गलती तो 3 साल के लिए डिबार, परीक्षक के मानदेय में से 85 प्रतिशत की कटौती की जाएगी

यूपी बोर्ड के सचिव ने सभी केंद्रों के उपनियंत्रक को भेजे निर्देश

अंकेक्षण के बावजूद गलती तो नकल अधिनियम में होगी कार्रवाई

15 मार्च 2026
प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू हो रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए, इसके लिए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी 250 केंद्रों के उपनियंत्रकों (प्रधानाचार्यों) को सख्त निर्देश दिए हैं। मूल्यांकन के लिए भेजे निर्देश में लिखा है कि मूल्यांकन में दो प्रतिशत तक त्रुटि पाए जाने पर परीक्षक के मानदेय में से 85 प्रतिशत की कटौती की जाएगी तथा संबंधित परीक्षक को तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया जाएगा। एक प्रतिशत तक त्रुटि मिलने पर मानदेय में 50 प्रतिशत की कटौती होगी तथा दशमलव पांच प्रतिशत तक त्रुटि होने पर 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।

अंकेक्षण (दोबारा जांच) के बाद भी यदि किसी उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में त्रुटि पाई जाएगी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अंकेक्षक की होगा। कॉपी जांचने या अंकेक्षण में लापरवाही पर बोर्ड के नियम /विनियम एवं उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के नियमानुसार संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अंकेक्षक की व्यवस्था का उद्देश्य है कि मूल्यांकन कार्य शुद्ध और त्रुटिविहीन हो तथा त्रुटि/लापरवाही के कारण छात्रों के साथ अन्याय न हो। अंक सावधानी पूर्वक चढ़ाए जाएं क्योंकि कटिंग होने पर कम्प्यूटर अंक स्वीकार नहीं करेगा और परीक्षार्थी का परीक्षाफल अपूर्ण रह जाएगा।

विज्ञान-सोशल की कॉपियों का पैनल मूल्यांकन
हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं का पैनल मूल्यांकन होगा। सामाजिक विज्ञान के प्रथम खंड को इतिहास एवं राजनीति शास्त्र के साथ स्नातक प्रशिक्षित तथा द्वितीय खंड अर्थशास्त्र एवं भूगोल के साथ स्नातक प्रशिक्षित योग्यताधारी परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रथम खंड को भौतिक विज्ञान के साथ बीएससी प्रशिक्षित स्नातक तथा द्वितीय एवं तृतीय खंड को रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान विषयों के साथ बीएससी प्रशिक्षित परीक्षक मूल्यांकन करेंगे।




किसी भी प्रश्न का न हो गलत मूल्यांकन : भगवती सिंह
यूपी बोर्ड के सचिव ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर जारी किए निर्देश

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 में मूल्यांकन को लेकर सचिव भगवती सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा कि उप नियंत्रक और सभी मूल्यांकन केंद्र ध्यान रखें कि कोई भी उत्तर अमूल्यांकित न रह जाए और किसी भी उत्तर का गलत मूल्यांकन न हो। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ किए जाएं। इसके लिए उप प्रधान परीक्षक और परीक्षक समुचित व्यवस्था कर लें। 

बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रयागराज सहित प्रदेश के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। शिक्षक संगठनों के विरोध के बावजूद मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से शुरू करने की तैयारी है। जो एक अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए परीक्षक नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अगर कोई परीक्षक अनुपस्थित रहता है तो उप नियंत्रक स्वयं किसी की नियुक्ति नहीं करेंगे। परिषद की प्रतीक्षा सूची से ही विषयवार और केंद्रवार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।


भाषा संबंधी त्रुटियों की जांच भाषा विषयों में ही की जाए

हाईस्कूल में 70 अंकों की लिखित परीक्षा में से 20 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर दर्ज कराए गए हैं। जबकि शेष 50 अंकों की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं पर हुई है। निर्देश दिया गया कि भाषा संबंधी त्रुटियों की जांच केवल भाषा विषयों में ही की जाए। परिषद ने मूल्यांकन को निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए कई जरूरी निर्देश दिए हैं।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि अगर परीक्षार्थियों ने गणित, विज्ञान या अन्य किसी विषय में उत्तर बाएं पृष्ठ पर भी लिखे हैं तो उनका भी समुचित मूल्यांकन किया जाए। गणित और विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में स्टेप मार्किंग लागू की जाएगी।


यूपी बोर्ड मूल्यांकन के संबंध में जारी निर्देश, मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो, बाएं पन्ने पर उत्तर हो तो उसे भी जांचें, गणित-विज्ञान में स्टेप मार्किंग, भाषा में ही जांचें शाब्दिक त्रुटि

प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त होने के बाद 18 मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। मूल्यांकन के लिए पूरे प्रदेश में 249 केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने मूल्यांकन के संबंध में सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, डीआईओएस व मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को शनिवार को निर्देश भेजे हैं। सचिव ने परीक्षकों को सलाह दी है कि गणित एवं विज्ञान विषय की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में स्टेप मार्किंग की जाए।

गणित, विज्ञान अथवा अन्य किसी भी विषय में यदि परीक्षार्थियों ने बाएं पृष्ठ पर भी उत्तर लिखे हों तो उनका भी समुचित मूल्यांकन किया जाए। भाषाई त्रुटि की जांच हिन्दी, अंग्रेजी जैसे भाषा के विषय में ही की जाए। अन्य विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उदार दृष्टिकोण अपनाएं। हाईस्कूल में 70 अंकों की लिखित परीक्षा के तहत 20 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा ओएमआर शीट पर हुई है। शेष 50 अंकों की परीक्षा लिखित उत्तरपुस्तिकाओं पर कराई गई है। जांची जा रही उत्तरपुस्तिका में निर्धारित पूर्णांक 50 से अधिक प्राप्तांक किसी भी दशा में न हो। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी प्रश्नोत्तर न तो अमूल्यांकित रहे और न ही किसी प्रश्नोत्तर का गलत मूल्यांकन हो।

मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो

सचिव ने केवल पारिश्रमिक बढ़ाने के उद्देश्य से अत्यधिक कॉपियां जांचने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश दिए है। लिखा है कि मूल्यांकन में केवल 'खानापूर्ति' न हो। विद्यालयों के शिक्षकों के लिए प्रति दिन उत्तरपुस्तिकाओं की न्यूनतम संख्या (जैसे हाईस्कूल में 50 और इंटरमीडिएट में 45) अनिवार्य रूप से निर्धारित की जाए। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उप प्रधान परीक्षक प्रतिदिन दस से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्वयं नहीं करेंगे। प्रत्येक केन्द्र पर मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हों एवं वेब कास्टिंग के माध्यम से राज्य एवं जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम पर लाइव फीड सुनिश्चित कराई जाए। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गोपनीयता भंग होने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय अधिनियम/विनियम और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी।



18 मार्च से शुरू होगा यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन, प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी बनाए रखने के लिए परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए

प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होकर एक अप्रैल तक प्रदेश के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी बनाए रखने के लिए परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर मौखिक, लिखित, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उत्तर पुस्तिका अथवा मूल्यांकन से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। गोपनीयता भंग होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर जिलाधिकारी द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। मूल्यांकन कार्य वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराया जाएगा। इसकी कनेक्टिविटी जनपद तथा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगी।

मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मूल्यांकन कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा के लिए अवांछनीय तत्वों पर नजर रखने हेतु एलआईयू और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। मूल्यांकन कार्य समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक ट्रक के साथ दो सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

परिषद के अनुसार, 17 मार्च को सभी मूल्यांकन केंद्रों पर उप नियंत्रक द्वारा मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 



हाईस्कूल की 700, इंटरमीडिएट की 600 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे यूपी बोर्ड परीक्षक

प्रयागराजः हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। अब शेष बचे विषयों की पांच दिवसों में परीक्षाएं संपन्न कराए जाने की तैयारी के बीच यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की रूपरेखा तय कर दी है। गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए पूरे मूल्यांकन अवधि में हाईस्कूल के परीक्षकों को अधिकतम 700 तथा इंटरमीडिएट के परीक्षकों को 600 से अधिक उत्तरपुस्तिकाएं आवंटित नहीं की जाएंगी। कला विषय के परीक्षक पूरी अवधि में अधिकतम 800 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। इस तरह एक परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 50 तथा इंटरमीडिएट की 45 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे।

18 फरवरी से आरंभ हुईं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च को संपन्न होंगी। इसके बाद उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए 249 केंद्रों पर भेजा जाएगा। परीक्षा संपन्न होने के एक सप्ताह में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। इस तरह 19 मार्च से मूल्यांकन शुरू कराया जा सकता है। उत्तरपुस्तिकाओं के जांचने क कार्य 15 दिन चलेगा। इसके लिए पिछले वर्ष की तरह करीब 1.48 लाख परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे



1.40 लाख से अधिक शिक्षक करेंगे बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन, यूपी बोर्ड ने तेज की तैयारी

ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत चुने जाएंगे परीक्षक

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाएगी

10वीं की एक कॉपी पर 14 और 12वीं की कॉपी पर 15 रुपये मानदेय

सचिव ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों को हाईस्कूल की एक कॉपी को जांचने के एवज में 14 रुपये और इंटर की कॉपी जांचने पर 15 रुपये मानदेय दिया जाएगा। एक परीक्षक 10वीं की रोजाना 50 और 12वीं की 45 कॉपियां जांच सकेगा।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बोर्ड ने तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश भर के 1.40 लाख से ज्यादा शिक्षक कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होगी।

बताया गया कि संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों तक उत्तर पुस्तिकाएं ट्रकों से भेजी जाएंगी। ट्रक के साथ ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था रहेगी। ट्रक में किसी भी कर्मचारी के बैठने की अनुमति नहीं होगी।

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये परीक्षकों की नियुक्ति होगी। आवश्यकता पड़ने पर मूल्यांकन - केंद्रों के उप नियंत्रक परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध प्रतीक्षा सूची से भी परीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति की जा सकेगी। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम की तरह ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की भी लगातार निगरानी की जाएगी।

कॉपियों के हर पृष्ठ पर दर्ज हैं गोपनीय न्यूमेरिक नंबरः परिषद ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी किया है। पहली बार सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक नंबर दर्ज किए गए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन अवधि में कला वर्ग का एक परीक्षक अधिकतम 800 कॉपियां जांच सकेगा। वहीं, विज्ञान वर्ग के इंटरमीडिएट में 600 और हाईस्कूल में 700 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है। परीक्षकों के मानदेय में वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि वर्ष 2019 और 2023 में पहले ही मानदेय बढ़ाया जा चुका है।



यूपी बोर्ड : 18 मार्च से कॉपियों के मूल्यांकन शुरू होने के आसार, शासन को भेजा प्रस्ताव

मंजूरी मिलने के बाद तिथि घोषित होगी, 249 केंद्रों पर मूल्यांकन शुरु होने की संभावना, 12 मार्च को समाप्त होंगी परीक्षाएं

प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद 18 मार्च से प्रदेश के 249 केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होने की संभावना है। इस संबंध में बोर्ड के सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया की तिथि घोषित की जाएंगी।


प्रदेश के 8033 केंद्रों पर हो रही अधिकांश मुख्य विषयों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। होली के बाद नौ मार्च से परीक्षाएं फिर से शुरू होंगी। उस दिन प्रथम पाली में हाईस्कूल उर्दू तथा द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट के मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र और तर्कशास्त्र विषय की परीक्षाएं होंगी।

बोर्ड का लक्ष्य है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में 52 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।

पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में 27,32,165 और इंटरमीडिएट में 27,05,009 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वर्ष 2025 में बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक मूल्यांकन प्रक्रिया चली थी। इसके बाद 25 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। उस वर्ष हाईस्कूल में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 81.15 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।