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Wednesday, February 11, 2026

उ०प्र० माध्यमिक शिक्षा सेवा चयनबोर्ड अधिनियम, 1982 की धारा 33 के अन्तर्गत विनियमितीकरण के सम्बन्ध में।

उ०प्र० माध्यमिक शिक्षा सेवा चयनबोर्ड अधिनियम, 1982 की धारा 33 के अन्तर्गत विनियमितीकरण के सम्बन्ध में


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम, 1982 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत शिक्षक विनियमितीकरण को लेकर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि शिक्षकों के विनियमितीकरण के मामलों में केवल वेतन भुगतान या अस्थायी आधार को ही नहीं, बल्कि उनकी सेवा अवधि को भी निर्णायक आधार माना जाएगा। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति के समय लागू नियमों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही निर्णय लिया जाए तथा किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।


Tuesday, October 24, 2023

एडेड महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित शिक्षकों को विनियमित करने की तैयारी, शिक्षकों की मांगी गई रिपोर्ट


एडेड महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित शिक्षकों को विनियमित करने की तैयारी,  शिक्षकों की मांगी गई रिपोर्ट


प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित कोर्स के शिक्षकों की सूची शासन से मांगी गई है । उच्च शिक्षा निदेशालय से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।


प्रदेश भर में 331 एडेड महाविद्यालय हैं। इसमें से कई में स्ववित्तपोषित कोर्स संचालित हैं। इन कोर्स के शिक्षकों को बहुत कम वेतन मिलता है। इस मामले को लेकर विधान परिषद सदस्यों के विनियमन समीक्षा समिति की बैठक 12 जुलाई को हुई थी। बैठक में कहा गया कि एडेड कालेजों में शिक्षकों के वेतन में भारी अंतर है। स्थाई शिक्षकों को अच्छा वेतन और स्ववित्तपोषित शिक्षकों को बहुत कम मिलता है।


 इन शिक्षकों के विनियमितीकरण करने से सम्मानजनक वेतन मिल सकेगा। समिति के निर्देश पर स्ववित्तपोषित शिक्षकों का विवरण कालेजों से मांगा गया है। उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक केसी वर्मा ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए निर्धारित फार्मेट पर रिपोर्ट मांगी है।


प्रयागराज । प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित योजना के तहत संचालित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को विनियमित किए जाने की तैयारी चल रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों का विवरण मांगा है।


प्रदेश में 331 अशासकीय सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालय हैं। इन महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के नियमित पद पर चयन उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से होता रहा है। इनमें कई ऐसे महाविद्यालय भी हैं, जहां स्ववित्तपोषित योजना के तहत पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाता है और इन पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति प्रबंधन करता है।


नियमित शिक्षकों और प्रबंधन के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के वेतन में काफी अंतर है। नियमित शिक्षकों को अधिक वेतन मिलता है स्ववित्तपोषित शिक्षक काफी समय से मांग कर रहे हैं कि उनका विनियमितीकरण किया जाए और उन्हें नियमित शिक्षकों के समान वेतन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन स्ववित्तपोषित शिक्षकों को राहत नहीं मिली।


एक बार फिर ऐसे शिक्षकों को राहत देने की कवायद शुरू हुई है और इसी के तहत उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा की ओर से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे शिक्षकों का विवरण मांगा गया है। निदेशालय ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की पिछले दिनों हुई बैठक का हवाला देते हुए शिक्षकों का विवरण मांगा है 


उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ. केसी वर्मा की ओर से जारी पत्र के अनुसार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को इसी हफ्ते प्रदेश के 331 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित योजना के तहत संचालित संकायों एवं उनके विश्वविद्यालय से अनुमोदन के उपरांत कार्यरत शिक्षकों की संख्या के बारे में सूचना उपलब्ध करानी है। इसके तहत महाविद्यालय का नाम, स्ववित्तपोषित योजना के तहत संचालित संकाय का नाम, विश्वविद्यालय से अनुमोदित शिक्षकों की संख्या के बारे में सूचना देनी है।


Friday, March 31, 2023

प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की जांच के सम्बन्ध में।

प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की जांच के सम्बन्ध में।