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Monday, February 22, 2021

हर मंडल में निजी सहभागिता से खुलेगा एक-एक सैनिक स्कूल

यूपी में बढ़ेगी सैनिक स्कूलों की संख्या, गोरखपुर में बनेगा नया सैनिक स्कूल

हर मंडल में निजी सहभागिता से खुलेगा एक-एक सैनिक स्कूल


प्रदेश के प्रत्येक मंडल में निजी सहभागिता से एक सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। मैनपुरी, अमेठी और झांसी के बकाया कामों को पूरा कराने और गोरखपुर में एक नए सैनिक स्कूल का निर्माण के लिए 90 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।

 राजधानी लखनऊ स्थित कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल में ऑडिटोरियम की क्षमता बढ़ाने के लिए 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

युवाओं को अनुशासन के साथ उन्हें सस्ती व गुणवत्तापरक शिक्षा दिलाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अभी हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर मंडल में एक सैनिक स्कूल खोले जाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा है। इसी कड़ी में गोरखपुर में एक सैनिक स्कूल के निर्माण की मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट अभिभाषण के दौरान 90 करोड़ रुपये का बजट गोरखपुर सैनिक स्कूल के लिए पास किया है। इसके अलावा कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय सैनिक स्कूल सरोजनीनगर में एक हजार लोगों की क्षमता वाले आडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। इसके 15 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है।



सेना में जाने के सपने बुनने वाली बेटियों के पंखों को प्रदेश की योगी सरकार नई उड़ान देने जा रही है। प्रदेश सरकार कारगिल शहीद कैप्टन मनोज पाण्डेय सैनिक स्कूल की क्षमता को दोगुना करने की तैयारी कर रहा है। यूपी के बजट में कैप्टन मनोज पाण्डेय सैनिक स्कूल सरोजनीनगर को विकसित किए जाने व उसकी क्षमता को दोगुना करने का प्रस्ताव पास किया गया है। खासकर बेटियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार बालिका कैडेट के लिए 150 की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण कराएगा। साथ ही एक हजार की क्षमता वाले आडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपए बजट का प्राविधान किया गया है। वहीं, सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था भी की गई है।  


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के चलते अन्य राज्यों की अपेक्षा यूपी में सैनिक स्कूल की संख्या अधिक है। यूपी में रक्षा मंत्रालय द्वारा तीन सैनिक स्कूलों का संचालन अमेठी, झांसी, मैनपुरी में किया जा रहा है जबकि बागपत में सैनिक स्कूल का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा गोरखपुर में एक सैनिक स्कूल बनाए जाने के लिए 90 करोड़ रुपए का प्राविधान प्रदेश सरकार ने अपने अंतिम बजट में किया है।


 प्रदेश के सैनिक स्कूलों में छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा बहुत कम फीस में मुहैया कराई जा रही है। लखनऊ में यूपी सैनिक स्कूल का संचालन किया जाता है, जो राज्य सरकार के अधीन है । यह देश का पहला सैनिक स्कूल है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने देश भर में सैनिक स्कूलों का निर्माण कराया। जानकारों की मानें तो सैनिक स्कूल में दाखिले के बाद छात्र कम फीस में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा हासिल करते हैं। ऐसे में योगी सरकार के प्रस्ताव से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अधिक फीस होने के चलते अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ने से ऐसे अभिभावकों के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।

Monday, February 8, 2021

यूपी : 9वीं से 12वीं तक के विद्यालय कल से पूरी क्षमता से खुलेंगे

यूपी : कोविड प्रोटोकॉल संग नवोदय, सैनिक व आश्रम पद्दति सहित सभी आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई कल से


लखनऊ: प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ से बारह तक के आवासीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय सहित सभी शिक्षा बोर्ड  के स्कूलों में नौ फरवरी, 2021 से पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दी है।

यूपी : 9वीं से 12वीं तक के विद्यालय कल से पूरी क्षमता से खुलेंगे

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को खांसी, झुकाम, बुखार या कोरोना के अन्य लक्षण दिखते ही उनकी जांच और उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने 9 फरवरी से यूपी बोर्ड सहित सभी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 का पूर्ण रूप से संचालन करने की अनुमति दी है। वहीं कक्षा 1 से आठ तक के सभी विद्यालयों में 50 फीसदी छात्र ही एक साथ हर रोज बुलाए जा सकेंगे।


विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध कराने के साथ कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन का भी पालन किया जाएगा।

बैठते समय छात्र-छात्राओं के बीच न्यूनतम 6 फिट की दूरी रहे। विद्यालय के गेट खुले रखे जाएं, ताकि एक जगह भीड़ न हो। अभिभावकों और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए। डिजिटल थर्मामीटर, सेनिटाइजर और साबुन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परिवहन व्यवस्था प्रारंभ किए जाने से पहले सेनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। नोटिस बोर्ड पर कोविड नियमों का पालन के बाबत सूचना दी जाए।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि 9 फरवरी से प्रदेश में सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एवं अन्य आवासीय विद्यालयों में पठन पाठन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय खोलने से पहले परिसर को पूरी तरह से सेनेटाइज़ किया जाएगा। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक और कार्मिक को खांसी जुकाम या बुखार के लक्षण हो तो उन्हें आईसोलेट करते हुए उपचार की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रावास में यदि कोई विद्यार्थी कोराना से संक्रमित हो जाता है तो उनके उपचार की व्यवस्था कर छात्रावास में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।


उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण की वजह से माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययन एवं अध्यापन का काम भौतिक रूप से प्रभावित रहा है। छात्र हित, शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और वार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।


उन्होंने बताया कि इस संबंध मे निर्देश दिया गया है कि स्कूल खोलने से पहले उन्हें पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए। सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था की जाए। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कार्मिक को खांसी-जुकाम या बुखार के लक्षण हों तो उन्हें आइसोलेट करते हुए इलाज की व्यवस्था कराई जाए। छात्रवास में यदि कोई विद्यार्थी कोराना से संक्रमित हो जाता है तो उसका इलाज कराते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन कराया जाए।


उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को अतिरिक्त मात्र में मास्क रखने के साथ-साथ कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा। - डॉ. दिनेश शर्मा

Wednesday, February 3, 2021

प्रदेश के हर मंडल में एक सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी, केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव।


 उत्‍तर प्रदेश में अब हर मंडल में एक सैनिक स्कूल स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की ओर से केंद्र सरकार को नए सैनिक स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रदेश में चार सैनिक स्कूल हैं। केंद्र सरकार द्वारा अमेठी, मैनपुरी व झांसी में और प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में सैनिक स्कूल संचालित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की ओर से देश भर में अभी 31 सैनिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। 


सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त इन स्कूलों में बेहतर पढ़ाई की व्यवस्था है। ऐसे में विद्यार्थियों को सस्ती और गुणवत्तापरक शिक्षा मिलेगी। प्रदेश में 18 मंडल हैं और हर मंडल में एक स्कूल होने से आगे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। मालूम हो कि बीते दिनों देश के आम बजट में देश में 100 सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की गई थी। आम बजट के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह प्रस्‍ताव रखा था। इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने हर मंडल में एक सैनिक स्‍कूल स्‍थापित किए जाने का प्रस्‍ताव केंद्र को भेजा है। 

जानकारों की मानें तो सैनिक स्‍कूल में दाखिले के बाद छात्र कम फीस में उच्‍च गुणवत्‍ता की शिक्षा हासिल करते हैं। ऐसे में योगी सरकार के प्रस्‍ताव से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अधिक फीस होने के चलते अपने बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। सैनिक स्‍कूलों की संख्‍या बढ़ने से ऐसे अभिभावकों के बच्‍चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।


केंद्र सरकार का बजट आने के बाद अब उत्तर प्रदेश ने कई योजनाओं को यूपी लाने की मुहिम शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर मंडल में सैनिक स्कूल खोलने के लिए केंद्र को जल्द प्रस्ताव भेजा जाए। मोदी सरकार के सोमवार को आए बजट में देश भर में सौ सैनिक स्कूल पीपीपी माडल पर खोलने का ऐलान हुआ।


मंगलवार को मुख्यमंत्री ने केंद्र के बजट प्रस्तावों के तहत ज्यादा से ज्यादा योजनाएं राज्य के लिए मंजूर कराने का निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने-अपने प्रस्ताव भारत सरकार को समय से भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को अधिकारी के रूप में सेना में भर्ती का अवसर उपलब्ध कराने और उनकी उत्तम शिक्षा व्यवस्था के उद्देश्य से प्रत्येक मण्डल में एक सैनिक स्कूल स्थापित किया जाना चाहिए। इसके मद्देनजर उन्होंने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

Sunday, January 31, 2021

यूपी की शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम देने वाला होगा गोरखपुर सैनिक स्कूल

यूपी की शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम देने वाला होगा गोरखपुर सैनिक स्कूल


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में प्रस्तावित नए सैनिक स्कूल की स्थापना की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर सैनिक स्कूल स्थापना की विस्तृत कार्ययोजना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यालय उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नवीन आयाम देने वाला होगा। गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने के संकल्प के क्रम में यह विद्यालय अहम होगा।


सैनिक स्कूल के प्रस्तावित परिसर का ले-आउट देखते हुए सीएम योगी ने कहा कि फर्टिलाइजर इलाके में 50 एकड़ से अधिक परिसर में स्थापित होने जा रहा यह विद्यालय ऐसा हो, जो युवाओं में राष्ट्र भक्ति का भाव भरे।छात्रावासों के नाम भारत के गौरवशाली इतिहास के नायकों पर रखे जाएं। यही नहीं, विश्व की श्रेष्ठतम सेना के शूरवीरों के नाम पर भी परिसर में अलग-अलग स्थलों का नामकरण किया जाए। बास्केटबॉल, घुड़सवारी प्रशिक्षण, जिम्नास्टिक, स्वीमिंगपूल आदि सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भवनों में सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था जरूर की जाए। उन्होंने कहा कि हास्टल और मेस के बीच का एरिया कुछ इस तरह डिजाइन किया जाए ताकि जरूरत पडऩे पर सभी छात्र-छात्राओं को एक साथ भी बैठाया जा सके। सीएम योगी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के लिए डीपीआर यथाशीघ्र तैयार किया जाए। 


बैठक में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने मुख्यमंत्री को प्रस्तावित कार्ययोजना के विविध बिंदुओं से अवगत कराया। सैनिक स्कूल में घुड़सवारी, शूटिंग रेंज, स्वीमिंग पुल के साथ-साथ मल्टीपरपज हाल, आडिटोरियम, सोलर लाइट सिस्टम के साथ पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। मार्च पास्ट, झंडारोहण के लिए अलग ट्रैक के अलावा यहां बागवानी व जैविक खेती के भी इंतजाम होंगे। बैडमिंटन हाल के साथ-साथ यहां ध्यान केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें छात्र-छात्राएं ध्यान करना सीखेंगे।

Saturday, December 5, 2020

NTA AISSEE admission : सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए परीक्षा की तारीख बदली, आवेदन का तारीख बढ़ी

NTA AISSEE admission : सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए परीक्षा की तारीख बदली, आवेदन का तारीख बढ़ी


 देश के सभी 33 सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 10 जनवरी 2021 की जगह अब 7 फरवरी 2021 को आयोजित किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इस परीक्षा की तिथि में बदलाव किया है।  इसके साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ऑल इंडियां सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए आवेदन करने की तिथि को बढ़ा दिया है। जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं वो अब 18 दिसंबर को शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एनटीए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन डारी किया है। एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।  




कैसे करें अप्लाई
इस परीक्षा के लिए एनटीए द्वारा सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम की आधिकारिक वेबसाइट aissee.nta.nic.in पर नोटिफिकेशन जारी किया गया है। एससी व एसटी उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस 400 रुपये, अन्य सभी के लिए 550 रुपये है।

उम्र सीमा
सैनिक स्कूलों में कक्षा 6 में एडमिशन के लिए स्टूडेंट की उम्र 31 मार्च 2021 तक 10 से 12 साल के बीच होनी चाहिए। लड़कियों के लिए सभी सैनिक स्कूलों में सिर्फ कक्षा 6 में एडमिशन का प्रावधान है।

कक्षा 9 में एडमिशन के लिए स्टूडेंट की उम्र 31 मार्च 2021 तक 13 से 15 साल के बीच होनी चाहिए। एडमिशन के समय स्टूडेंट ने मान्यता प्राप्त स्कूल से 8वीं कक्षा पास कर ली हो।

Monday, November 9, 2020

सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु विज्ञप्ति जारी

सैनिक स्कूलों में एक प्रवेश परीक्षा से दाखिले, NTA को सौंपा गया जिम्मा

सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु विज्ञप्ति जारी। 



बरेली : अब देश भर के 33 सैनिक स्कूलों में कक्षा छह व नौ में दाखिले के लिए सिर्फ एक परीक्षा होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


परीक्षा अगले वर्ष 10 जनवरी को होगी। इसके लिए एनटीए ने शनिवार को विस्तृत शेड्यूल जारी किया है। अभी तक सभी सैनिक स्कूल अपनी-अपनी परीक्षा कराते हुए मेरिट बनाकर दाखिला लेते थे।