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Monday, June 12, 2023

हर मंडल में प्रस्तावित सैनिक स्कूल खोलने की कवायद जारी

हर मंडल में प्रस्तावित सैनिक स्कूल खोलने की कवायद जारी 


लखनऊ। प्रदेश के युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार सैनिक स्कूल खोलने जा रही है। यह स्कूल हर मंडल मुख्यालय पर खोले जाएंगे। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।


प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारतीय सेना के जवान हैं। गाजीपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर की तो पहचान ही फौजियों के गांव के रूप में है। एक लाख 20 हजार आबादी वाले इस गांव के हर घर से कोई न कोई सेना या अर्द्धसैनिक बल में है। किसी किसी घर में तो यह तारतम्यता तीन पीढ़ियों से है। इसी तरह बस्ती के पचवस गांव को भी सैनिकों का गांव कहा जाता है।


मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में 4 सैनिक स्कूल हैं। इसमें से अमेठी, झांसी, मैनपुरी रक्षा मंत्रालय द्वारा और लखनऊ का सैनिक स्कूल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है। गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने में करीब 50 एकड़ रकबे में एक सैनिक स्कूल निर्माणाधीन है। अगले सत्र से यहां पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। 


इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मंडल में एक सैनिक स्कूल खोले जाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके तहत आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बस्ती, बरेली, मुरादाबाद, बांदा, झांसी, देवीपाटन, अयोध्या, कानपुर नगर, मेरठ, सहारनपुर, मीरजापुर और वाराणसी में पीपीपी मॉडल पर सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। 



उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में जल्द ही खुलेंगे सैनिक स्कूल

● सामान्य स्कूलों को किया जाएगा परिवर्तित 

● सभी स्कूल पीपीपी मॉडल पर खोलने की तैयारी


लखनऊ : प्रदेश के 16 जिलों में जल्द ही सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। सभी पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के आधार पर खोले जाएंगे। नए खुलने वाले सैनिक स्कूल राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, निजी या गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से संचालित स्कूलों को सैनिक स्कूलों में परिवर्तित कर बनाए या स्थापित किए जाएंगे।


रक्षा मंत्रालय के सैनिक स्कूल सोसाइटी की ओर से राज्य सरकार को मिले पत्र के आधार पर शासन ने प्रदेश के उन सभी 16 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है, जहां नए सैनिक स्कूल खोले जाने है।


चार वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने प्रदेश के हर मंडल में एक सैनिक स्कूल खोलने के लिए रक्षा मंत्रालय को अनुरोध पत्र भेजा था। रक्षा मंत्रालय ने उस अनुरोध पर अपनी सहमति दे दी है।


 बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि डीएम अपने जिलों में संचालित विद्यालयों को सैनिक स्कूलों में परिवर्तित करने के लिए अनुरोध कर सकते हैं। सैनिक स्कूल खोलने के लिए जिले में चयनित शिक्षण संस्थान को रक्षा मंत्रालय के सैनिक स्कूल सोसाइटी के वेबसाइट http://sainikschool.ncog.gov.in पर रूल्स एण्ड रेगुलेशन्स-2022 फॉर न्यू सैनिक स्कूल्स के अनुसार रजिस्ट्रेशन / आवेदन करना होगा।


इन जिलों में खुलेंगे

आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बस्ती, बरेली, मुरादाबाद, बांदा, झांसी, देवीपाटन, अयोध्या, कानपुर नगर, मेरठ, सहारनपुर, मिर्जापुर तथा वाराणसी


रक्षा मंत्रालय के हैं तीन सैनिक स्कूल

प्रदेश में रक्षा मंत्रालय की ओर से तीन सैनिक स्कूलों का संचालन किया जा रहा हैं जो अमेठी, झांसी, मैनपुरी में है। इसके अलावा गोरखपुर में एक सैनिक स्कूल बनाने के लिए 90 करोड़ रुपये का प्राविधान राज्य सरकार की ओर से किया गया है। लखनऊ में यूपी सैनिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है जो राज्य सरकार द्वारा संचालित है।

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