
Thursday, May 2, 2019

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा 2019 कक्षा 12 का परिणाम जारी, देखें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा 2019 कक्षा 12 का परिणाम जारी, देखें
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■ सीबीएसई 12वीं का परिणाम घोषित
सीबीएसई बोर्ड की ओर से 12वीं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परिणाम में लड़कों के मुकाबले लड़कियां अधिक पास हुई हैं। स्टूडेंट्स सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in और results.nic.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
इस साल कुल 83.40 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं जिसमें 88.70 प्रतिशत लड़कियां और 79.40 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं। इस बार डीपीएस गाजियाबाद हंसिका शुक्ला ने पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया है। एसवी स्कूल मुजफफरनगर की करिश्मा अरोड़ा ने भी टॉप किया है। दोनों को 499 नंबर मिले हैं।
बीते साल सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 83.01 प्रतिशत रहा था। 2018 में कुल 11.86 लाख छात्रों ने 12वीं का एग्जाम दिया था जिसमें 78.99 फीसदी लड़के पास हुए थे वहीं, लड़कियों का पास परसेंटेज 88.31 रहा था।

मऊ : फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे 15 शिक्षक बर्खास्त, संबंधित बीईओ को बीएसए ने केस दर्ज कराने का दिया आदेश
मऊ : फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे 15 शिक्षक बर्खास्त, संबंधित बीईओ को बीएसए ने केस दर्ज कराने का दिया आदेश।
मऊ के 15 प्राथमिक शिक्षक नौकरी से बर्खास्त।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में कर रहे थे नौकरी - शासन से निर्देश के बाद बीएसए ने कराया सत्यापन - सभी फर्जी शिक्षकों पर एफआइआर और रिकवरी का निर्देश।
जागरण संवाददाता, मऊ : जिले के अलग-अलग शिक्षा क्षेत्रों में कार्यरत 15 शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने नौकरी के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होने के बाद बुधवार को बर्खास्त कर दिया। फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हथिया कर ये फर्जी शिक्षक पिछले कई वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में जमे थे। शासन के निर्देश पर बीएसए द्वारा कराई गई जांच के बाद हुई इस कार्रवाई से बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। बर्खास्त शिक्षकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के साथ ही वेतन की रिकवरी कराने का भी निर्देश जारी किया गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2010 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। हाल ही में जो सत्यापन रिपोर्ट आई है उसमें 15 शिक्षकों की बीएड, शास्त्री आदि की डिग्रियां कूटरचित पाई गईं हैं। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले 15 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
बर्खास्त सहायक अध्यापकों में 2010 में नियुक्त प्रेमचंद पंकज प्राथमिक विद्यालय मंडुसरा खुर्द रानीपुर, पुष्पा प्रावि सौसरवां मु.बाद गोहना, उर्मिला देवी प्रावि नसीराबाद कला रतनपुरा, हीरालाल प्रावि हसनपुर कोपागंज, पुष्पा मौर्या प्रावि जूड़नपुर मु.बाद गोहना तथा सुशील कुमार प्रावि करहां मुहम्मदाबाद गोहना की बीएड की डिग्री कूटरचित पाई गई है। वहीं, सहायक अध्यापक पंकज कुमार प्रावि उम्मरपुर बड़रांव की पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा एवं शास्त्री की डिग्री फर्जी पाई गई है। इधर, सहायक अध्यापक अविनाश प्रावि भाटीकला मु.बाद, सुनीता कुमार प्रावि लोहाटिकर रानीपुर तथा कृष्णकांत यादव प्रावि हबीबपुर नियामतपुर की बीएड की डिग्री कूटरचित मिली है। इसके बाद सहायक अध्यापक राधेश्याम यादव प्रावि सिसवां दोहरीघाट, उमेश चंद्र प्रावि सिकड़ीकोल दोहरीघाट, रामजन्म प्रावि रामगढ़ बड़रांव तथा मनीष कुमार यादव प्रावि रामपुर बड़रांव की शास्त्री की डिग्री फर्जी प्रमाणित हुई हैं। उपरोक्त सभी सहायक अध्यापकों को बर्खास्त करते हुए उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने का सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया गया है।

Wednesday, May 1, 2019
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