प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक की नौकरी करने वाले शिक्षकों के चेहरे पर खुशी के भाव झलके तो नई तैनाती का स्कूल छांटने में चिंताग्रस्त दिखे। जिन्हें मनमाफिक स्कूल मिला उनके चेहरे तो खुशी से लबरेज दिखे। तमाम शिक्षक ऐसे रहे जिनका सपना मनमाफिक स्कूल न मिल पाने से मुरझाए रहे लेकिन मिल रहे प्रमोशन के चलते स्कूल आवंटन प्रक्रिया पूरी कराई। दिनभर चलने वाली प्रक्रिया में 195 शिक्षकों को बुलाया गया था जिसमें 3 शिक्षक गैर हाजिर रहे और 192 शिक्षकों ने नए स्कूल में तैनाती की कार्यवाही पूरी कराई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को दूसरे दिन शिक्षकों को प्रमोशन के साथ नई तैनाती दी गई। वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों ने रिक्त सीटों के स्कूलों में हस्ताक्षर करके नई ज्वाइनिंग की। प्राचार्य रविशंकर और बीएसए विनय कुमार खंड शिक्षाधिकारियों के साथ काउंसिलिंग प्रक्रिया में डटे रहे। प्रक्रिया में पारदर्शिता के वास्ते वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को बुलाया गया और रिक्त पदों के स्कूलों में मनचाहे स्कूल में तैनाती के लिए हस्ताक्षर कराए गए। वहीं शिक्षकों के लगे मेले में आरोप लगता रहा कि विभाग ने सुविधा पूर्व स्कूलों के नाम उजागर नहीं किए हैं। दूरस्थ एवं समस्या वाले स्कूलों को सूची में शामिल किया गया है। बीएसए श्री सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 189 चयनित शिक्षकों में तीन गैर हाजिर रहे।
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