जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशों के बावजूद जिम्मेदारों से एक से ज्यादा विद्यालयों का चार्ज नहीं हटाया गया है, जिसका कारण है कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रही हैं। मंगलवार को मध्यान्ह भोजन योजना की जिला समन्वयक के निरीक्षण में यह सच्चाई सामने आई। जहां मात्र सात प्रतिशत छात्र-छात्रएं ही उपस्थित मिले, एमडीएम मेन्यू के अनुसार नहीं बन रहा था। निरीक्षण आख्या बीएसए को देकर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।1मंगलवार को जिला समन्वयक हिना खान ने विकास क्षेत्र म्याऊं के नसीर नगर के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। जिसमें पंजीकृत 181 बच्चों में मात्र 12 बच्चे ही उपस्थित मिले। एमडीएम के नाम पर बच्चों को हल्दी डालकर चावल खिलाए गए थे। यानि मेन्यू का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। विद्यालय में अभिलेख भी नहीं मिले। नौगवां के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम नहीं बना था, दूध का वितरण भी कभी नहीं किया जाता, सुबह साढ़े दस बजे भी पंजीकृत 204 बच्चों में एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। विद्यालय में अभिलेख भी मौजूद नहीं मिले। बताया गया कि नसीर नगर, रुपापुर, नौगवां के प्राथमिक विद्यालयों का चार्ज म्याऊं विकास क्षेत्र के एबीआरसी के पास है। इसके अलावा गिलटिया प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 63 और यहीं के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 48 बच्चों में एक भी मौके पर उपस्थित नहीं था। जबकि पिछले दिनों की एमडीएम के लाभार्थियों की खूब संख्या दर्शाई जा रही है। विद्यालय में कोई रसोइया नहीं था और रसोईघर भी गंदा पड़ा था। निरीक्षण की आख्या बीएसए को दी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। बीएसए प्रेम चंद्र यादव ने बताया कि किसी भी सूरत में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। अनियमितताओं वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों पर एक से ज्यादा विद्यालयों का चार्ज नहीं रहने दिया जाएगा।
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