मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सालारपुर विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। छात्र-छात्रओं से सवाल कर शैक्षिक गुणवत्ता जांचने के अलावा चॉक लेकर खुद भी ब्लैक बोर्ड पर पढ़ाया। बच्चों से सवाल किए। चूल्हे पर ही एमडीएम की गुणवत्ता की भी जांच की गई। विद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं पर नाराजगी व्यक्त की। सभी विद्यालयों को सात दिनों के भीतर सुधार की चेतावनी दी गई है।1उच्च प्राथमिक विद्यालय सिलहरी के निरीक्षण में पंजीकृत 73 छात्र-छात्रओं में 18 बच्चे ही उपस्थित मिले। विद्यालय की रंगाई पुताई नहीं थी, पौधरोपण नहीं कराया गया था।विद्यालय में अपार गंदगी व्याप्त थी। प्रधानाध्यापक प्रेरणा कुमारी को नामांकन बढ़ाने व उपस्थिति का ठहराव के साथ-साथ साफ-सफाई कराने की चेतावनी दी है। तीन दिन के भीतर व्यवस्थाएं सुधारकर फोटो समेत आख्या बीईओ के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। यहां के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम के लाभार्थियों की संख्या फर्जी पाई गई। कक्षा एक की बच्ची ने 12 का पहाड़ा सुनाया। विद्यालय में रंगाई पुताई नहीं की गई थी। शौचालय गंदे थे। बताया गया कि अनुदेशक कुमकुम सिकरोड़ी के विद्यालय में संबद्ध हैं। उनका संबद्धीकरण निरस्त कर दिया गया। एमडीएम के लाभांवित बच्चों के संबंध में बीईओ जांच करेंगे और सप्ताह भर में बीएसए को देंगे। वजीरगंज ब्लॉक के धर्मपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय 69 के सापेक्ष 44 छात्र-छात्रएं उपस्थित मिले। बच्चों का शैक्षिक स्तर बदतर मिला। प्रधानाध्यापक को सुधार करके तीन दिन के भीतर आख्या बीईओ के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बच्चों को पढ़ाया भी और सवाल जवाब किया। कहीं जवाब मिले तो कहीं शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली। सभी प्रधानाध्यापकों को सात दिनों के भीतर एमडीएम, शैक्षिक गुणवत्ता व साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं
No comments:
Write comments