स्कूल का भवन जर्जर, बैठने में लगता डर
आर्यनगर (गोंडा): भवन की सभी दीवारें व छत जर्जर हैं। भवन पूरी तरह से निष्प्रयोज्य हो चुका है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी भवन निर्माण की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह हाल कौड़िया थाना क्षेत्र के पूरेनिधि गांव का है। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा सुलभ कराने के लिए 30 साल पहले गांव में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई। विद्यालय के भवन निर्माण की धनराशि उपलब्ध होते ही विभाग द्वारा निर्माण भी करा दिया गया। पिछले दस साल से भवन की दीवारों व छतों से आए दिन प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। सभी कमरों व बरामदे की फर्श उजड़ चुकी है। राज कुमार ने बताया कि यदि भवन निर्माण शीघ्र ही नहीं कराया गया तो यह कभी भी गिर सकता है। सलारू ने बताया कि भवन की दशा काफी जर्जर हो चुकी है। ऐसी स्थिति में भवन निर्माण की ओर विभागीय अधिकारियों को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि भवन निर्माण कराने की मांग खंड शिक्षा अधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से कई बार की जा चुकी है। फिर भी आज तक धनराशि आंवटित नहीं की गयी है। प्रधानाध्यापिका माया देवी ने बताया कि विद्यालय का पुराना भवन पूरी तरह से ध्वस्त होने के कगार पर है। जिससे उस भवन में छात्र-छात्रओं को बैठाना संभव नही है। विभाग द्वारा यहां पर अतिरिक्त कक्षा कक्ष का भवन निर्माण कराया गया है। जहां पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय जर्जर होने की स्थिति से एनपीआरसी व बीईओ को अवगत कराया जा चुका है।
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