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Tuesday, February 3, 2026

परिषदीय शिक्षकों के समायोजन पर हाईकोर्ट की रोक 17 फरवरी तक बढ़ी

परिषदीय शिक्षकों के समायोजन पर हाईकोर्ट की रोक 17 फरवरी तक बढ़ी
 

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में समायोजन में याची शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया पर 13 जनवरी को लगी अंतरिम रोक अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है।

अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने कुल 130 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सोमवार को पक्षकारों ने जवाबी शपथ पत्र व प्रत्युत्तर शपथ पत्र दाखिल किया। इस पर न्यायालय ने अंतिम सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तारीख तय कर तब तक के लिए अंतरिम रोक बढ़ा दी।



प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन 3.0 पर आगे की कार्यवाही पर 2 फरवरी तक रोक बढ़ी, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया जवाब दाखिल करने का समय

प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण-3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया आदेश

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 मामले में आगे किसी भी प्रकार की कार्यवाही। पर लगी रोक को 19 जनवरी से बढ़ाकर 2 फरवरी तक कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है।

याची शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह परिहार ने बताया कि कोर्ट ने अगली सुनवाई 2 फरवरी को निर्धारित करते हुए अंतरिम आदेश दिया है कि तब तक बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी समायोजन-3 के संबंध में आगे की कार्यवाही नहीं करेंगे। 

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अंतरिम आदेश का लाभ इस याचिका से संबद्ध अन्य याचिकाओं के याची शिक्षकों को भी मिलेगा। यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण-3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया गया है। न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल सहित 29 प्राथमिक शिक्षकों द्वारा दाखिल याचिका पर पारित किया।

याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण संबंधी शासनादेश को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने नियम 21 का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षक की सहमति के बिना समायोजन नहीं किया जा सकता। मामले में राज्य सरकार की ओर से भी अधिवक्ता उपस्थित हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचियों को मिली अंतरिम राहत को बढ़ाते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है। 



मध्य सत्र में बेसिक शिक्षकों के समायोजन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

प्रयागराजः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद और राज्य सरकार से प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों का मध्य सत्र में स्थानांतरण और समायोजन करने के मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि इस दौरान अध्यापकों के विरुद्ध कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने अरुण प्रताप व 37 अन्य अध्यापकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। 

कोर्ट ने जवाब के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। याचिका के अनुसार याची चित्रकूट के प्राथमिक विद्यालयों में हेड मास्टर और सहायक अध्यापक हैं। उन्हें उन विद्यालयों में समायोजित किया जा रहा है, जहां या कोई अध्यापक नहीं है या फिर बंद हो चुके हैं। याचियों का कहना है कि मध्य सत्र में समायोजन का कोई औचित्य नहीं है जबकि सत्र अप्रैल में प्रारंभ होता है। यह यूपी आरटीई एक्ट 2011 के नियम 21 का उल्लंघन भी है। याचियों को शीघ्र पदन करने का निर्देश दिया गया है।


अमेठी, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी समायोजन 3.0 पर लगी रोक, पुरानी  याचिकाओं के साथ कनेक्ट करते हुए 19 जनवरी को होगी अगली सुनवाई, देखें कोर्ट ऑर्डर 





शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया पर 19 जनवरी तक अंतरिम रोक

लखनऊ । हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में समायोजन के मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए याची शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया पर 19 जनवरी तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने कहा है कि 19 जनवरी को वह मामले पर अंतिम सुनवाई करेगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने शिक्षकों की ओर से दाखिल 12 अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया। न्यायालय ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि याची शिक्षकों के संबंध में कोई अग्रिम कार्यवाही न की जाए। याचिकाओं में तीसरे चरण के समायोजन में नियमों की अनदेखी को आधार बनाया गया है।

कहा गया है कि पहले चरण के समायोजन में विभिन्न जिलों के तमाम स्कूल एकल हो गए थे, उसके बाद अगस्त में दूसरे चरण का समायोजन तो हुआ लेकिन विसंगतियां दूर नहीं हो सकी तथा मनमाने तरीके से कुछ जिलों में वरिष्ठ तो कुछ में कनिष्ठ शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।



परिषदीय शिक्षकों के समायोजन 3.0 में आगे की कार्यवाही पर 19 तक हाईकोर्ट की रोक, अगली सुनवाई 19 जनवरी को, देखें कोर्ट ऑर्डर 

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 मामले में किसी भी आगे की कार्रवाई पर 19 जनवरी तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 19 जनवरी निर्धारित की और अंतरिम आदेश दिया कि तब तक बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी समायोजन-3 मामले में कोई कदम नहीं उठाएंगे।

कोर्ट ने यह अंतरिम राहत इस याचिका से जुड़ी 11 अन्य याचिकाओं के याचियों को भी उपलब्ध कराई है। यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण-3.0 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया गया। न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 शिक्षकों की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी समायोजन/स्थानांतरण के शासनादेश को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने कहा कि यह शासनादेश आरटीई अधिनियम और बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1981 के नियमों का उल्लंघन करता है। नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बिना उन्हें समायोजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस समायोजन से शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही है और अन्य विसंगतियां भी उत्पन्न हो रही हैं। 



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