मण्डल के चारों जिले सूखाग्रस्त की सूची में शामिल हैं। गर्मी की छुट्टियों में इन जिलों के परिषदीय स्कूलों में मिड-डे-मील बनवाये जाने का शासन से निर्देश आया है। इसके लिए सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है और कहा गया है कि हर हाल 19 मई तक इसकी पूरी तैयारी करके रिपोर्ट कार्यालय पर भेज दें।विनोद शर्मा, एडी बेसिक गोरखपुर, बस्ती मण्डल
गोरखपुर जितेन्द्र पाण्डेयसूखा प्रभावित 50 जिलों में शामिल अपने मंडल के चारों जिलों में गर्मी की छुट्टियों में भी मिड-डे-मील बनना है। इसके लिए शासन से धन जारी हो चुका है। छुट्टी के कारण हर परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों को एक-एक दिन स्कूल पहुंचकर भोजन बनवाना होगा। जो बच्च स्कूल नहीं आएगा उसे शिक्षक घर से बुलाकर भोजन कराएंगे।प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों में शामिल गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में 21 मई से 30 जून तक मिड-डे-मील का भोजन बनाया जाएगा। भोजन सुबह आठ बजे से साढ़े नौ बजे के बीच कराया जाएगा। किसी कारणवश या जानकारी न होने पर जो बच्च स्कूल नहीं आएगा उसे शिक्षक या रसोइया घर से बुलाकर भोजन कराएंगे। स्कूल आने वाले सभी बच्चों की हाजिरी भी लेनी होनी होगी। इसकी निगरानी अधिकारियों को खुद करनी होगी और प्रतिदिन भोजन करने वाले छात्रों की संख्या शासन को भेजनी होगी।भीषण गर्मी के कारण बंद हो गयी थी योजना: गर्मी की छुट्टी में मिड-डे-मील बनवाए जाने की योजना सत्र 2010-11 में शुरू हुयी थी। जिसे भीषण गर्मी के कारण सत्र 2014-15 में बंद करना पड़ा था। क्योंकि बच्चों को दोपहर 12 बजे भोजन करने स्कूल आना पड़ता था और कई बच्चे गर्मी के कारण बीमार हो गए थे। एक बार फिर समय बदलकर योजना को सूखाग्रस्त जिलों में चालू किया गया है।ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को मिलेगा अवकाश: गर्मी की छुट्टी में जो शिक्षक ड्यूटी करेंगे। उन्हें स्कूल खुलने के बाद दस दिन के बदले अवकाश मिलेगा लेकिन वह अवकाश इन्हें अलग-अलग महीने में मिलेगा। एक शिक्षक को एक माह में सिर्फ दो दिन ही अवकाश मिलेगा।
No comments:
Write comments