नवागंतुक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बुधवार को बैठकें लेकर अपनी मंशा समझाई। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की बार्डेन से साफ कहा कि विद्यालयों को माडल बनाया जाए। पढ़ाई के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन कराया जाए ताकि छात्रएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। कार्यालय में बैठक लेते हुए बीएसए श्री सिद्दीकी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया। कहा कि शासन की मंशा अब गुणवत्ता पर है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इसलिए सभी बार्डेन और शिक्षिकाएं पूरे मनोयोग से शिक्षण कार्य करें। बीएसए ने कहा कि विद्यालयों में छात्रओं के साथ परिवार की तरह व्यवहार किया जाए। सांस्कृतिक रुचियां बढ़ाई जाएं। कहा कि हर हालत में विद्यालय माडल विद्यालय बनाए जाएं। दूसरे चरण में बीएसए ने लेखाकारों की भी बैठक ली और सरकारी धनराशि का सही तरह से सदुपयोग किया जाए। बीएसए ने बताया कि पहली बैठक केवल समझाने के लिए है, सभी समझ जाएं और फिर समीक्षा होगी। बैठक में डीसी बालिका शैलेश गुप्ता, पटल सहायक पवन कश्यप के साथ सभी बार्डेन और लेखाकार मौजूद रहे।बीएसए बोले गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं र्है: बीएसए श्री सिद्दीकी ने खंड शिक्षा अधिकारियों की पहली बैठक लेकर उन्हें मंशा समझा दी। कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। बीइओ अध्यापकों पर विद्यालयों में जाने और शिक्षण कार्य करने का दवाब बनाएं। उन्होंने कहा कि गाड़ी पटरी पर है, इसे मंजिल तक ले जाएं। बीएसए ने कहा कि दवाब बर्दाश्त न करें और जो भी गड़बड़ी करे उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।शिक्षित बनकर समाज में अपनी पहचान बनाएं
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