आलोक रंजन ने कहा कि लोगों की मानसिकता बदलनी होगी
लखनऊ : पांचवीं पास बच्चे कक्षा दो की किताबें भी नहीं पढ़ पा
रहे हैं। केवल बीस फीसद बच्चे ही अपनी क्लास के योग्य पाए गए हैं। हमें
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा इसके लिए सरकार शिक्षकों के
प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला रही है। यह बात पूर्व मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री
के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने केजीएमयू के कंवेंशन सेंटर में आयोजित
कार्यशाला में कही।
आलोक रंजन ने कहा कि लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। किसी के पास यदि थोड़े से भी पैसे होते हैं तो वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल के बजाय निजी स्कूल में भेजते हैं। लोगों की मानसिकता यह होती है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई अच्छी नहीं होती है, जबकि सरकारी स्कूल में निजी से ज्यादा योग्य शिक्षक होते हैं। वह पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित भी होते हैं। इन विद्यालयों में बिजली, पानी और शौचालयों की सुविधा भी दी गई है। अंकुरम संस्था की ओर से 100 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का विनियमितीकरण किया गया है। जिसमें बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा की आधारभूत सुविधा देना है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता, सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह, निदेशक सीइआरटी डॉ.सरवेन्द्र विक्रम आदि मौजूद रहे। इस समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, मुकारिम नगर के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने भी प्रस्तुति दी।

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