सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की सभा बुधवार को हाईडिल कालोनी में हुई। जिसमें पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से पदोन्नति में आरक्षण का विरोध करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी भेजा गया और मांग की गई कि 117वें संविधान संशोधन बिल को निरस्त किया जाए।
समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि 28 सितंबर से उनका आंदोलन जारी है जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। 11 नवंबर को लखनऊ में विशाल रैली निकाली जाएगी। आंदोलन के दौरान सांसदों से मिलकर अपनी बात रखी जाएगी। सभा में बोलते हुए अध्यक्ष ने कहाकि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करना चाहिए क्योंकि न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रहित में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त कर देना चाहिए। कहाकि अगर न्यायालय के निर्णय को पलटने की कोशिश की गई तो इससे न केवल सामाजिक समरसता बिगड़ेगी, बल्कि आपसी मनमुटाव भी बढ़ेगा। साथ ही प्रशासनिक अराजकता व्याप्त हो जाएगी जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ेगा।
सभा में केंद्र सरकार द्वारा गठित संसदीय पैनल की रिपोर्ट की जानकारी दी गई जिसमें 117वें संविधान संशोधन बिल को शीघ्र पारित कराने की अनुशंसा की गई है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहाकि पदोन्नति में आरक्षण देने का प्रयास वोट की सस्ती राजनीति का परिचायक है। चेतावनी दी कि अगर ऐसा किया गया तो फिर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में समिति इसे मुद्दा बनाकर विरोध करेगी। सभा को एचएन पांडेय, डीसी दीक्षित, वाई एन उपाध्याय, एससी झा, जीपी वर्मा, जय शंकर राय, अविनाश पटेल, सर्वेश शुक्ल आदि ने भी संबोधित किया।
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