जनगणना में लगे शिक्षकों को दिया जाए अर्जित अवकाश पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पत्र हुआ वायरल
लखनऊ। मई व जून में जनगणना और परीक्षा ड्यूटी में लगे एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने की मांग उठी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक महेंद्र देव का इस संबंध में भेजा गया पत्र वायरल हुआ है। शिक्षकों को गर्मी की छुट्टी में जनगणना और 21 मई से 30 जून तक परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। उन्हें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भांति उपार्जित अवकाश दिया जाए। पूर्व निदेशक महेंद्र देव ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री लालमणि द्विवेदी के ज्ञापन का हवाला दिया।
जनगणना और सार्वजनिक परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने की माध्यमिक शिक्षा विभाग की सिफारिश, शासन लेगा अंतिम निर्णय
प्रयागराज/लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जनगणना, सार्वजनिक परीक्षाओं तथा उनसे संबंधित प्रशिक्षण कार्यों में लगाए गए सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को अर्जित अवकाश (Earned Leave) देने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस संबंध में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2026 में मई और जून माह के दौरान जनगणना कार्य तथा विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन, प्रशिक्षण एवं अन्य शासकीय कार्यों के कारण अनेक जिलों में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ग्रीष्मावकाश अवधि प्रभावित हुई है। 21 मई से 30 जून तक निर्धारित ग्रीष्मावकाश के दौरान कई शिक्षकों की लगातार ड्यूटी लगाई गई, जिससे वे अवकाश का पूरा लाभ नहीं उठा सके।
शिक्षा निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 तथा वित्तीय नियमों के अंतर्गत ऐसे मामलों में अर्जित अवकाश प्रदान करने का प्रावधान पहले से मौजूद है। पूर्व में भी बोर्ड परीक्षाओं, मूल्यांकन, प्रशिक्षण, जनगणना तथा अन्य शासकीय कार्यों में लगाए गए शिक्षकों को प्रभावित ग्रीष्मावकाश के बदले अर्जित अवकाश दिए जाने संबंधी आदेश जारी किए जाते रहे हैं।
पत्र के प्रमुख बिंदु
● वर्ष 2026 में जनगणना और विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं के कारण अनेक शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश प्रभावित हुआ।
● सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को लगातार प्रशिक्षण और परीक्षा संबंधी कार्यों में लगाया गया।
● प्रभावित शिक्षकों को अवकाश के बदले अर्जित अवकाश दिए जाने का प्रावधान नियमों में उपलब्ध है।
● पूर्व में भी बोर्ड परीक्षा, मूल्यांकन, प्रशिक्षण और जनगणना कार्यों के लिए प्रभावित अवकाश के बदले अर्जित अवकाश स्वीकृत किए जाते रहे हैं।
● माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा इस संबंध में शासन से मांग उठाई गई थी।
● शिक्षा निदेशक ने शासन को भेजे पत्र में अनुरोध किया है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों की भांति अर्जित अवकाश प्रदान करने पर विचार किया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य तथा सार्वजनिक परीक्षाओं के सफल संचालन में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में उनके प्रभावित अवकाश की भरपाई अर्जित अवकाश के रूप में किया जाना न्यायोचित और नियमसम्मत होगा। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
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