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Wednesday, October 12, 2016

आगरा : पूर्व डीएम ने बंटवाए थे स्वेटर, बच्चों को दिया था लाल रंग का स्वेटर, यूनिफॉर्म बंट गई, स्वेटर भूल गए

परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत यूनिफॉर्म तो मिल गई, लेकिन इस बार बच्चों को स्वेटर नहीं दिए। न ही अभी तक इसको लेकर कोई निर्देश दिए। पिछले शैक्षिक सत्र में तत्कालीन डीएम पंकज कुमार और सीडीओ दीपक मीणा ने नई पहल की थी। उन्होंने यूनिफॉर्म के साथ बच्चों को सर्दी में पहनने के लिए स्वेटर खरीदने की भी व्यवस्था की थी। डीएम के निर्देश पर बीएसए धर्मेद्र सक्सेना ने भी स्वेटर वितरित कराने में गंभीरता दिखाई। खंड शिक्षाधिकारियों की बैठक कर उनसे यूनिफॉर्म खरीद में कमीशन न खाने तक की बात कह दी थी। प्रशासन के रुख को देखकर खंड शिक्षाधिकारियों ने प्रधानाचार्यो को स्वेटर खरीदने के निर्देश दिए थे। हालांकि कुछ शिक्षकों ने इस पहल का विरोध भी किया था, लेकिन अंत में अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को स्वेटर दिए थे। मगर यह व्यवस्था डीएम और सीडीओ के ट्रांसफर के साथ ही खत्म हो गई। ऐसे में बीएसए ने भी स्वेटर वितरण पर कोई ध्यान नहीं दिया, इसलिए अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं किए। इतना ही नहीं यूनिफॉर्म वितरण की भी कोई निगरानी नहीं की। विद्यालयों में ठेकेदारों से खरीदकर रेडीमेड यूनिफॉर्म बांटी गई हैं। इस संबंध में बीएसए का कहना है कि स्वेटर का वितरण किया जाएगा, इसके लिए जल्द ही बैठक कर निर्देश दिए जाएंगे। सीडीओ ने की थी निगरानी पिछले साल तत्कालीन सीडीओ दीपक मीणा ने यूनिफॉर्म की क्वालिटी और वितरण पर नजर रखी थी। उन्होंने इसके लिए व्हाट्स एप पर बीईओ, एबीआरसी और प्रधानाचार्यो के ग्रुप बनाए थे। हर प्रधानाचार्य को यूनिफॉर्म वितरण का फोटो उनके मोबाइल पर भेजना होता था।

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