इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रवक्ता परीक्षा में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इतिहास विषय का अंतिम परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने चयन बोर्ड से परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब सही होने का दावा करने का आधार पूछा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र ने जीतेंद्र बहादुर और उमेश चंद्र भारतीय सहित कई प्रतियोगियों की याचिका पर दिया है। चार प्रश्नों के जवाब गलत होने के आधार पर याचिका दाखिल की गई है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि इतिहास प्रवक्ता के 52 पदों (42 पुरुष, 10 महिला) की नियुक्ति हेतु 28 दिसंबर, 2013 को विज्ञापन जारी हुआ था। जून 2005 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई। 12 मई, 2016 को लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। इसके एक दिन बाद संशोधित आंसर की जारी की गई। याचीगण इसमें चयनित हो गए थे।
बोर्ड ने तीन अगस्त, 16 को परिणाम संशोधित कर दिया जिसमें याचीगण चयन सूची से बाहर हो गए। चार अगस्त, 16 को दूसरी रिवाइज्ड आंसर की जारी की गई। याचिका दाखिल कर दूसरी आंसर की और तीन अगस्त के परिणाम को चुनौती दी गई। संशोधित आंसर की में चार प्रश्नों के उत्तर गलत हैं। मान्य पुस्तक से इसका मिलान करने पर चार प्रश्नों के जवाब गलत पाए गए हैं।
कोर्ट ने चयन बोर्ड से पूछा है कि क्या इन चार प्रश्नों के नंबर मिलने पर याचीगण चयनित हो पाएंगे। बोर्ड के अधिवक्ता ने बताया कि चार प्रश्नों के अंक मिलने पर याचीगण चयन सूची में आ जाएंगे। कोर्ट ने अगली तारीख पर बोर्ड को बताने के लिए कहा है किस आधार पर वह प्रश्नों के जवाब सही होने का दावा कर रहा है।
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