स्वच्छ व हरित विद्यालयों की राष्ट्रीय सूची में छाए यूपी के परिषदीय विद्यालय, बेसिक शिक्षा विभाग के 9 स्कूलों ने बनाई पहचान
19 जून 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का विषय है कि विभाग द्वारा संचालित नौ परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। विभिन्न शैक्षिक मानकों, नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता, विद्यालयी वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आधार पर तैयार राष्ट्रीय सूची में इन विद्यालयों को स्थान मिला है। इस उपलब्धि को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सूची में शामिल विद्यालयों में जनपद संभल का प्राथमिक विद्यालय इटायला माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चौखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गढ़छपा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), रायबरेली का प्राथमिक विद्यालय दौलरा, महाराजगंज (रैंक 51), बदायूं का कम्पोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36), सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55), श्रावस्ती की केजीबीवी हरिहरपुर रानी (रैंक 9) तथा जालौन की केजीबीवी कोंच (रैंक 14) शामिल हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सफलता निपुण भारत मिशन, पीएमश्री विद्यालयों की पहल, बेहतर अधिगम परिणाम, डिजिटल नवाचार तथा विद्यालयों में विकसित सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का प्रतिफल है। प्रदेश सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालयों और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इसे परिषदीय विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सामूहिक सफलता बताया है। माना जा रहा है कि इन विद्यालयों की उपलब्धियां अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देंगी।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम
17 जून 2026
लखनऊ। केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में यूपी के 11 विद्यालयों को जगह मिली है। इनमें 6 परिषदीय विद्यालय और 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रैंकिंग में दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय को भी जगह मिली है।
प्रदेश के बेसिक विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि पाई है। साथ ही देश भर के निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दी है। प्रतियोगिता के तहत राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। इनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया।
प्रतियोगिता में देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को जल्द सम्मानित करने का निर्णय लिया है। ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा ले सकें।
अपर निदेशक बेसिक श्याम किशोर तिवारी ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
राष्ट्रीय रैंकिंग में इन विद्यालयों को मिली जगह
संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) और सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल है। वहीं, श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी (रैंक 9) व जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) को भी जगह मिली है। रैंकिंग में प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी है। वहीं, निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान पाया है।
परिषदीय विद्यालयों में हो रहा संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल :
एसएचवीआर रेटिंग में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर किया गया है। इनमें परिषदीय विद्यालयों ने संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और जनभागीदारी के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है। इन विद्यालयों में स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण और कायाकल्प जैसी पहल का सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखा है। इससे विभाग भी उत्साहित है।
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