यूपी बोर्ड : अब घर बैठे ऑनलाइन पुस्तकें मंगा सकते हैं विद्यार्थी, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विकसित किया छात्र अनुकूल ऑनलाइन पोर्टल
एनसीईआरटी पुस्तकों की ऑनलाइन उपलब्धता, अमेजन वेबसाइट और पोर्टल के जरिए बिक्री
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड ने विद्यार्थियों की पाठ्य पुस्तकों की खोज और ऑर्डर प्रक्रिया को सरल व सहज बनाने के लिए छात्र अनुकूल ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है। इसके माध्यम से छात्र कक्षानुसार पुस्तक सेट का चयन कर सीधे संबंधित वेबसाइट के विक्रय पृष्ठ पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे और घर बैठे पुस्तकें प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा नौ, 10, 11 और 12 के विभिन्न विषयों की 70 एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए सस्ती दर पर उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र, मनोविज्ञान एवं गृह विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा परिषद की ओर से विकसित हिंदी, संस्कृत और उर्दू विषयों की 12 पाठ्य पुस्तकें भी कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रचलन में लाई गई हैं। सचिव ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पुस्तकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने और घर बैठे पुस्तक प्राप्ति की सुविधा देने के उद्देश्य से अधिकृत प्रकाशकों के सहयोग से यह व्यवस्था शुरू की गई है।
पहल: यूपी बोर्ड की किताबें अब घर बैठे मिल सकेंगी
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों की ऑनलाइन उपलब्धता और होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू कर दी है। अब छात्र-छात्राओं को किताबें खरीदने के लिए बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि वे घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से पुस्तकें मंगा सकेंगे।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र समेत कुल 36 विषयों की लगभग 70 एनसीईआरटी पैटर्न की पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। हिंदी, संस्कृत और उर्दू विषयों की पुस्तकें भी विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी। पुस्तकों के मुद्रण और वितरण की जिम्मेदारी तीन प्रमुख प्रकाशकों को सौंपी गई है। कक्षा 9 से 12 तक की पुस्तकों के लिए मेसर्स पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशर्स, आगरा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कक्षा 10 की पुस्तकों के लिए मेसर्स पीतांबरा बुक प्राइवेट लिमिटेड, झांसी तथा कक्षा 11 की पुस्तकों के लिए मेसर्स सिंघल एजेंसीज, लखनऊ को अधिकृत किया गया है।
बोर्ड ने इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और क्षेत्रीय कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विद्यार्थी अमेजन और pioneerbooks.in पोर्टल के माध्यम से किताबें ऑर्डर कर सकेंगे। खास बात यह है कि होम डिलीवरी के लिए विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। बोर्ड की इस पहल से दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
No comments:
Write comments