आज दिनांक 16-11-2016 को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उ०प्र० जनपद इकाई जालौन का प्रतिनिधिमंडल कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मा०इलियास मंसूरी जी के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय जी से मिला व 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की निम्नलिखित समस्याओं पर चर्चा की व समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की:-
1- मान्यवर, महासंघ की मांग पर पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति करने व समस्त महिला व पुरुषों को काउन्सलिंग में समस्त विद्यालयों (रिक्त पद वाले) के विकल्प खोलते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ एक विकल्प लॉक कर विद्यालय आवंटित करने के लिए महासंघ आपको कोटि-कोटि धन्यवाद देता है और आपसे ये मांग भी करता है कि इसी प्रकार 3 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति भी शीघ्र की जाये।
2- अध्यापक-अध्यापिकायें को रविवार व अन्य अवकाशों में मतदाता पुनरीक्षण, पल्स-पोलियो, प्रशिक्षण आदि के कारण अवकाश में भी विद्यालय/कार्यालय जाना पड़ता है, शासनादेश के अनुसार अवकाश के दिनों में अध्यापकों से कार्य लेने पर उसके बदले प्रतिकर अवकाश देने का प्रावधान है, कई जनपदों में अध्यापकों को इसका लाभ भी दिया जा रहा है। (साक्ष्य के रूप में शासनादेश व अन्य जनपदों में प्रतिकर अवकाश की स्वीकृति के सम्बन्ध में पत्र संलग्न हैं) अतः जनपद जालौन में भी प्रतिकर अवकाश की स्वीकृति के सम्बन्ध में आदेश जारी किया जाये।
3- मृतक आश्रित अनुकंपा नियुक्ति द्वारा विद्यालयों व कार्यालयों में नियुक्त हुए अनुचरों, लिपिकों की पदोन्नति की जाये, अगर इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देशों की आवश्यकता हो तो शासन को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश प्राप्त कर पदोन्नति की जाये।
4- नियमावली व शासनादेशो के विरूद्ध आकस्मिक अवकाश पूर्व स्वीकृति का कोई नियम नही बनाया जाए क्योकि आकस्मिक अवकाश विषम परिस्थिति में ही लिए जाते है और आकस्मिक अवकाश पूर्व स्वीकृति का कही की नियम नही है। आकस्मिक अवकाश विद्यालय के कार्यालयाध्यक्ष/प्रधानाध्यापक द्वारा ही स्वीकृत किये जाने की व्यवस्था है। अतः आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति का अधिकार विद्यालय में उपस्थित प्रधानाध्यापक / कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को ही दिया जाये।
5- अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण द्वारा गृह जनपद में आये अध्यापक-अध्यापिकाओं जिन्होंने किसी विपरीत परिस्तिथि के कारण अनुकूल विद्यालय आवंटित न होने के कारण अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है व संशोधन के लिए प्रार्थनापत्र दिया है, उनके पदस्थापना आदेश अविलम्ब संशोधित कर अनुकूल विद्यालय आवंटित किये जायें।
6 - विधालयो में पुस्तक वितरण की जिम्मेदारी खण्ड शिक्षा अधिकारियो की है जिस हेतु इन्हें शासन से धनराशि प्रदान की जाती है किन्तु खण्ड शिक्षा अधिकारियो द्वारा बिना रुट चार्ट बनाये विद्यालयो में पुस्तके प्रेषित नही कर शिक्षको के ही द्वारा निज व्यय कर पुस्तको का उठान किया गया है जिसकी जांच कर दोषी खण्ड शिक्षा अधिकारियो के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए व शासन द्वारा प्रेषित धनराशि के आय व्यय का विवरण संगठन को प्राप्त कराया जाए ।
7- निरीक्षणों को भ्रष्टाचार व अनैतिक कमाई का जरिया नही बनाकर सुधारात्मक व सकारात्मक निरीक्षण किये जाए।
8- शैक्षिक गुणवत्ता ह्रास व विद्यालयो में बच्चो की न्यून उपस्थिति के लिए अभिभावक व अन्य सामाजिक / भौगोलिक कारक भी जिम्मेदार है, अत: बच्चो की न्यून/कम उपस्थिति के लिए शिक्षक को कदापि दोषी नहीं माना जाए।
9- शिक्षको की समस्याएं जिला व ब्लॉक स्तर पर लम्बित नही रखी जाए व समस्याएं प्राप्त होने के 3 दिवस के अन्दर समस्याओ का निस्तारण किया जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
का० महामंत्री अरुण पंचाल, जिला प्रभारी अरविन्द नगाइच, जिला ऑडिटर सुरेश वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी विकास गुप्ता, सदस्य जिला कार्यकारिणी जावेद खान, सदस्य जिला कार्यकारिणी श्यामजी गुप्ता, ब्लाक अध्यक्ष डकोर संतोष विश्वकर्मा, ब्लाक अध्यक्ष जालौन बृजेश श्रीवास्तव, ब्लाक अध्यक्ष कोंच आत्माराम दुबे, सुशील राजपूत, शैलेन्द्र वर्मा, उदयभान राजपूत आदि मौजूद रहे।







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