Sunday, February 1, 2026
अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा-06 व कक्षा-09 में बच्चों के प्रवेश लिये जाने हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ी
अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा-06 व कक्षा-09 में बच्चों के प्रवेश लिये जाने हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ी
अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी और 22 फरवरी को होगी प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। अटल आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कक्षा छह व नौ में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर ब्लाक के अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश मिल सके इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनो मोड में पूरी की जाएगी।
अंतिम तिथि 31 जनवरी है। जो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं वह ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस विद्यालय में निर्माण श्रमिक, अनाथ श्रेणी, कोविड से अनाथ और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जुड़े बच्चे आवेदन के पात्र होंगे। उन्हें निशुल्क शिक्षा दी जाती है।
इस तरह से करें आवेदन
ऑनलाइन के लिए pbocw.in पर जाएं ऑफलाइन के लिए श्रम कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करें।
ये है उम्र सीमा
कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि 1 मई 2014 से 31 अगस्त 2016 दोनों के बीच होनी चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश के लिए जन्मतिथि 1 मई 2011 से 31 अगस्त 2013 के बीच होनी चाहिए।
ये शैक्षिक अभिलेख जरूरी
कक्षा छह में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी सत्र 2025-26 में कक्षा पांच में पास होना चाहिए।
कक्षा नौ में प्रवेश के लिए सत्र 2025-26 में कक्षा आठ पास होना चाहिए
इन बातों का रखें ध्यान
एक परिवार से दो बच्चे ही कर सकेंगे आवेदन। सभी वर्गों को आरक्षण नियमानुसार मिलेगा।
आवेदन के लिए ये भी जरूरी
निर्माण श्रमिक कार्ड।
अनाथ होने की दशा में माता पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र। कमजोर वर्ग के लिए ईडब्लूएस प्रमाणपत्र।
जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड।
आवेदक का पैन नंबर।
जाति प्रमाणपत्र।
पासपोर्ट साइज के फोटो।
अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 31 जनवरी तक जमा किए जाएंगे फॉर्म, 22 फरवरी को होगी प्रवेश परीक्षा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी (शाम पांच बजे तक) और प्रवेश पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि सात फरवरी है। प्रवेश परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन upbocw.in के माध्यम से या समिति कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर किया जा सकता है।
ऑफलाइन आवेदन पत्रों का वितरण जिलों के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खंड विकास अधिकारी कार्यालय, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और जनपदीय श्रम कार्यालय व जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय के द्वारा किया जा रहा है। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक इन कार्यालयों से फॉर्म प्राप्त करके वहीं जमा किए जा सकते हैं। छात्र व छात्राओं को 50-50 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
कृपया उपर्युक्त विषयक उ०प्र० शासन, श्रम अनुभाग-02 के पत्र संख्या-1/1186369/2025-1703264 दिनांक 24.12.2025 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम से आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा-06 व कक्षा-09 में बच्चों का प्रवेश लिये जाने हेतु मानक संचालन प्रकिया (S.O.P) पर अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उपर्युक्त के क्रम में मा० मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा "मण्डल स्तरीय अनुश्रवण समिति" के माध्यम से कराये जाने के क्रम में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा-06 व कक्षा-09 की प्रवेश परीक्षा की मानक संचालन प्रकिया (S.O.P) पत्र के साथ संलग्न कर इस अनुरोध के साथ प्रेषित है कि कृपया प्रवेश परीक्षा के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कराने का कष्ट करें।
एडेड माध्यमिक विद्यालयों में देयक भुगतान की नई व्यवस्था लागू, देखें जारी शासनादेश
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जारी किया आदेश
डीआईओएस कर सकेंगे शिक्षकों को दो लाख तक एरियर का भुगतान, 4 लाख संयुक्त शिक्षा निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक 8 लाख रुपये तक भुगतान कर सकेंगे
33 हजार शिक्षकों व कर्मियों के एरियर भुगतान की फाइलें जिलों में से से लेकर निदेशक कार्यालयों में लंबित
डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक तक की जवाबदेही नई व्यवस्था से तय होगी
शिक्षक संगठनों ने कहा, फैसले से अध्यापकों और कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत
लखनऊ । अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को अब एरियर भुगतान के लिए विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अपने स्तर से दो लाख तक का भुगतान कर सकेंगे। संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) चार लाख व अपर शिक्षा निदेशक (एडी) आठ लाख रुपये तक एरियर का भुगतान अपने स्तर से कर सकेंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक आठ लाख या उससे अधिक के एरियर का भुगतान कर सकेंगे। अब सिर्फ उन्हें भुगतान के संबंध में जानकारी से शासन को अवगत कराना होगा। अभी तक धनराशि के अनुमोदन और फाइलें गुम होने के कारण शिक्षकों व कर्मियों को बेवजह दौड़ाया जाता था। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। एडेड माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते, चयन वेतनमान, एससीपी व उपार्जित अवकाश के नकदीकरण इत्यादि का एरियर पाने के लिए शिक्षा विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस व्यवस्था से शिक्षा विभाग में डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक तक की जवाबदेही तय होगी।
इस फैसले से 61 हजार शिक्षक व 10800 शिक्षणेत्तर कर्मियों को इससे राहत मिलेगी। लगभग 33 हजार शिक्षकों व कर्मियों के एरियर भुगतान की फाइलें जिलों में डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालयों में लंबित हैं। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा कहते हैं कि इससे शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अधिकारी व कार्यालयों के कर्मचारी छोटे-छोटे भुगतान के लिए परेशान नहीं कर सकेंगे। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी का कहना है कि इस निर्णय से शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल गई है।
लंबित एरियर भुगतान के मुकदमे कम होंगे
अभी शिक्षकों व कर्मियों को एरियर भुगतान करने में शिक्षा विभाग लंबी दौड़ लगवाता है। ऐसे में अभी तक शिक्षक अपने भुगतान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर रहते थे। अब इस पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने के बाद कोर्ट में वादों की संख्या कम होगी। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अवमानना का कई बार कोर्ट से नोटिस भी जारी होता है। नई व्यवस्था से शिक्षकों व कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।
लखनऊ। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के बकाया देयकों के भुगतान की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए पूर्व में जारी आदेश को संशोधित किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा है कि दो लाख तक का भुगतान व अनुमति डीआईओएस के स्तर से, दो से चार लाख तक का मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक स्तर से होगी। चार से आठ लाख तक की राशि अपर शिक्षा निदेशक व आठ लाख से अधिक की राशि शिक्षा निदेशक माध्यमिक के अनुमोदन के बाद निदेशालय स्तर से जारी होगी।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के क्रम में इस सीमा का ध्यान नहीं रखा जाएगा। शिक्षा निदेशक माध्यमिक आठ लाख से अधिक के अवशेष देयकों के भुगतान करने पर जानकारी शासन को भी देंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 के सफल संचालन के सम्बन्ध में शासनादेश जारी, देखें क्या करें और क्या न करें संबधी निर्देश
यूपी बोर्ड की परीक्षा में जूते मोजे उतरवाने पर प्रतिबंध, रोज कैमरों और वायस रिकॉर्डर की होगी जांच, एक माह तक सुरक्षित रखनी होगी रिकॉर्डिंग
लखनऊ । राज्य सरकार ने यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। केंद्र के मुख्य द्वार पर ही परीक्षार्थियों की पूरी जांच होगी। केंद्रों पर लगे कैमरों और वायस रिकॉर्ड की जांच होगी। खराब होने पर सूचना तुरंत डीआईओएस के साथ कंट्रोल रूम को देनी होगी और अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शासनादेश जारी करते हुए मंडलायुक्तों जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। इसमें कहा है कि किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं करेंगे। केंद्र पर जिस विषय का पेपर है, उसके शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगेगी। परीक्षार्थियों से अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे।
बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना होगा। केंद्र पर फोटोग्राफी और प्रेस, मीडिया को ब्रीफिंग नहीं होगी। सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर के बिना किसी भी कीमत पर परीक्षा नहीं होगी। कैमरे, वायस रिकार्डर के डीवीआर की रिकार्डिंग 30 दिन सुरक्षित रखनी होगी। केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट रोज सेक्टर, स्टैटिक मजिस्ट्रेट डीएम, डीआईओएस को देंगे। केंद्रों पर प्रवेश पत्र के साथ कक्ष निरीक्षकों, ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के परिचय पत्र की भी जांच होगी। निरीक्षकों के मोबाइल और गैजेट बाहर जमा कराए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 के सफल संचालन के सम्बन्ध में शासनादेश जारी, देखें क्या करें और क्या न करें संबधी निर्देश
यूपी बोर्ड के अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ करेगी निगरानी, नकल में संलिप्त बाहरी व्यक्तियों पर अंकुश के लिए एलआइयू रहेगी सक्रिय
थानाध्यक्षों को निर्देश, केंद्र व्यवस्थापक व निरीक्षक माने जाएंगे लोकसेवक
प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन और शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, एडीजी, डीएम, पुलिस आयुक्त/एसएससी व एसपी को शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि नकल में संलिप्त बाह्य व्यक्तियों पर अंकुश लगाने के लिए एलआइयू व अन्य स्त्रोतों से सूचना एकत्र कर परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर आवश्यकतानुसार एसटीएफ को तैनात किया जाए।
परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूमों के बाहर पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस अनुरूप व्यवस्था बनाने के निर्देश यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी)/ जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण व व्यवस्थापन कार्य करने वाले अध्यापकों व केंद्राध्यक्षों को लोक सेवक माना जाएगा। ऐसे में इन पर हमला आदि दुर्घटनाओं के मामले में संज्ञेय अपराध के अंतर्गत एफआइआर दर्ज की जाएगी।
परीक्षा केंद्र से सामूहिक नकल अथवा परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र लीक की सूचना मिलने/संदेह होने पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें आजीवन कारावास तक तथा एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है। जनपद को जोन सेक्टर में बांटकर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे। यह दायित्व एसडीएम/नगर मजिस्ट्रेट/कार्यकारी मजिस्ट्रेट को दिया जाएगा।
निरीक्षण व्यवस्था इस तरह बनाई जाए कि प्रत्येक सेक्टर में परीक्षा केंद्रों की संख्या 10 से अधिक न हो। यथासंभव प्रधानाचार्य पद के समानांतर या उच्च पदधारक कार्मिक अधिकारी को ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा। स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक 8033 केंद्रों पर कराई जाएगी।
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