माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जारी किया आदेश
डीआईओएस कर सकेंगे शिक्षकों को दो लाख तक एरियर का भुगतान, 4 लाख संयुक्त शिक्षा निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक 8 लाख रुपये तक भुगतान कर सकेंगे
33 हजार शिक्षकों व कर्मियों के एरियर भुगतान की फाइलें जिलों में से से लेकर निदेशक कार्यालयों में लंबित
डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक तक की जवाबदेही नई व्यवस्था से तय होगी
शिक्षक संगठनों ने कहा, फैसले से अध्यापकों और कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत
लखनऊ । अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को अब एरियर भुगतान के लिए विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अपने स्तर से दो लाख तक का भुगतान कर सकेंगे। संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) चार लाख व अपर शिक्षा निदेशक (एडी) आठ लाख रुपये तक एरियर का भुगतान अपने स्तर से कर सकेंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक आठ लाख या उससे अधिक के एरियर का भुगतान कर सकेंगे। अब सिर्फ उन्हें भुगतान के संबंध में जानकारी से शासन को अवगत कराना होगा। अभी तक धनराशि के अनुमोदन और फाइलें गुम होने के कारण शिक्षकों व कर्मियों को बेवजह दौड़ाया जाता था। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। एडेड माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते, चयन वेतनमान, एससीपी व उपार्जित अवकाश के नकदीकरण इत्यादि का एरियर पाने के लिए शिक्षा विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस व्यवस्था से शिक्षा विभाग में डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक तक की जवाबदेही तय होगी।
इस फैसले से 61 हजार शिक्षक व 10800 शिक्षणेत्तर कर्मियों को इससे राहत मिलेगी। लगभग 33 हजार शिक्षकों व कर्मियों के एरियर भुगतान की फाइलें जिलों में डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालयों में लंबित हैं। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा कहते हैं कि इससे शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अधिकारी व कार्यालयों के कर्मचारी छोटे-छोटे भुगतान के लिए परेशान नहीं कर सकेंगे। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी का कहना है कि इस निर्णय से शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल गई है।
लंबित एरियर भुगतान के मुकदमे कम होंगे
अभी शिक्षकों व कर्मियों को एरियर भुगतान करने में शिक्षा विभाग लंबी दौड़ लगवाता है। ऐसे में अभी तक शिक्षक अपने भुगतान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर रहते थे। अब इस पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने के बाद कोर्ट में वादों की संख्या कम होगी। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अवमानना का कई बार कोर्ट से नोटिस भी जारी होता है। नई व्यवस्था से शिक्षकों व कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।
लखनऊ। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के बकाया देयकों के भुगतान की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए पूर्व में जारी आदेश को संशोधित किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा है कि दो लाख तक का भुगतान व अनुमति डीआईओएस के स्तर से, दो से चार लाख तक का मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक स्तर से होगी। चार से आठ लाख तक की राशि अपर शिक्षा निदेशक व आठ लाख से अधिक की राशि शिक्षा निदेशक माध्यमिक के अनुमोदन के बाद निदेशालय स्तर से जारी होगी।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के क्रम में इस सीमा का ध्यान नहीं रखा जाएगा। शिक्षा निदेशक माध्यमिक आठ लाख से अधिक के अवशेष देयकों के भुगतान करने पर जानकारी शासन को भी देंगे।
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