अब एक छत के नीचे प्राविधिक शिक्षा के होंगे सभी कार्यालय, लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में बनेगा एकीकृत कार्यालय
प्रवेश, परीक्षा, फीस व प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग आदि के होंगे कार्य
प्रमुख सचिव समेत प्रमुख अधिकारियों के कार्यालय भी होंगे
लखनऊ। प्राविधिक शिक्षा विभाग के बिखरे हुए कार्यालयों को अब एक छत के नीचे लाने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग लखनऊ में एकीकृत कार्यालय का निर्माण कराएगा, जहां प्रमुख सचिव, महानिदेशक समेत सभी प्रमुख अधिकारियों के कार्यालय होंगे। यहां प्रवेश, परीक्षा, परिणाम, फीस, परियोजनाओं की मॉनीटरिंग और अन्य विभागीय कार्य एक ही स्थान से संचालित होंगे। इसके लिए अनुपूरक बजट में दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत डिप्लोमा और डिग्री स्तर की तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्य संचालित होते हैं। वर्तमान में प्राविधिक शिक्षा परिषद का निदेशालय कानपुर में है, जबकि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक), प्राविधिक शिक्षा परिषद और फीस व नियमन समिति के कार्यालय लखनऊ के चारबाग क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। महानिदेशक का कार्यालय इंदिरा भवन में है। वहीं, शोध, विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान का कार्यालय भी कानपुर में स्थित है। कानपुर में ही स्थित निदेशालय की कुछ भूमि मेट्रो परियोजना में अधिग्रहित हो चुकी है।
प्रदेश में तकनीकी डिग्री संस्थानों की बढ़ती संख्या के साथ विभागीय गतिविधियां भी बढ़ी हैं। प्रवेश, परीक्षा, परिणाम और अन्य महत्वपूर्ण कार्य अलग-अलग कार्यालयों से संचालित होने के कारण समन्वय में कठिनाई आती है। अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और शिक्षकों को भी विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए विभाग ने लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में एकीकृत कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहां प्रमुख सचिव, महानिदेशक, निदेशक, जीकेपी सचिव, परिषद सचिव सहित सभी प्रमुख विभागीय अधिकारियों के कार्यालय होंगे।
प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट की भी होगी स्थापना
एकीकृत कार्यालय में विभाग की योजनाओं, एमओयू और विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी के लिए प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। कंपनियों के कार्यों की समीक्षा और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए अलग मॉनीटरिंग सेल बनाया जाएगा, जिससे योजनाओं, कार्यों व प्रोजेक्ट की निगरानी की जा सकेगी।
एकीकृत कार्यालय बनने से छात्रों और शिक्षकों को छोटी-छोटी जानकारी या कार्य के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय कामकाज में आसानी होगी। इससे समय, श्रम और पैसों की बचत होगी। आशीष पटेल, मंत्री, प्राविधिक शिक्षा विभाग
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