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Thursday, March 14, 2024

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए निर्देशों के अनुरूप स्कूलों में सुरक्षा उपाय न करने पर हाईकोर्ट सख्त

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए निर्देशों के अनुरूप स्कूलों में सुरक्षा उपाय न करने पर हाईकोर्ट सख्त


लखनऊ । हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए निर्देशों के अनुरूप स्कूलों में सुरक्षा उपाय न करने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पिछले छह माह में भेजी गई रिपोर्ट तलब की है।


उच्च न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के दिशा निर्देशों को जमीनी स्तर पर न तो लागू किया गया और न ही पांच साल से अधिक समय से बच्चों को स्कूलों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कोई कार्रवाई की गई। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।


याचिका में शहर के आवासीय क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों का मुद्दा खास तौर पर उठाया गया है। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाइयों के दौरान न्यायालय ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट ने अविनाश मेहरोत्रा मामले में 14 अगस्त 2017 को बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने को लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी किए थे। जिसके तहत डीआईओएस को नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात कही गई थी व उसके कार्यों की निगरानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन करने को कहा था। प्रमुख जिलाधिकारी को बनाया था। दोनों के कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपी थी।


कोर्ट ने असंतुष्टि जताई

सुप्रीम कोर्ट के उक्त दिशा निर्देश के क्रम में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के बीच हुए पत्राचार की जानकारी न्यायालय को दी गई। इस पर कोर्ट ने असंतुष्टि जाहिर करते हुए, उपरोक्त टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के अनुपालन में मुख्य सचिव को तिमाही रिपोर्ट भी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को भेजनी थी, उम्मीद करते हैं कि रिपोर्ट भेजी गई होगी।

Saturday, February 26, 2022

नई शिक्षा नीति : अब आपदा प्रबंधन की अनिवार्य पढ़ाई, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लागू करने की तैयारी

नई शिक्षा नीति : अब आपदा प्रबंधन की अनिवार्य पढ़ाई, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लागू करने की तैयारी



शैक्षणिक सत्र (2022-23) में अब स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) प्रोग्राम में आपदा प्रबंधन विषय की पढ़ाई अनिवार्य होगी। केंद्रीय गृहमंत्रालय के अधीनस्थ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने 18 विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों की टीम के साथ नई शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी दिशा-निर्देशों के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए मॉडल पाठ्यक्रम तैयार किया है। दरअसल , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि 2030 तक देश को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सुरक्षित करना है। इसमें युवाओं को इस क्षेत्र में कौशल विकास कर रोजगार से जोड़ना है।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को यूजी व पीजी का हाईब्रीड मॉडल पाठ्यक्रम भेजा है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत अन्य डिग्री प्रोग्राम की तरह इस कोर्स में भी पहले, दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को एंट्री-एग्जिट की सुविधा मिलेगी। यानी पहले वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र को सर्टिफिकेट कोर्स तो दूसरे वर्ष में डिप्लोमा दिया जाएगा। यहां भी अकेडमिक बैंक क्रेडिट (एबीसी) की सुविधा होगी। इसमें छात्र के क्रेडिट जुड़ते रहेंगे।


पहले वर्ष में आपदा जोखिम को कम करने का पाठ पढ़ेंगे
स्नातक प्रोग्राम के मानविकी, साइंस, कॉमर्स, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कोर्स में पहले वर्ष में छात्रों को आपदा जाखिम को कम करने का प्रबंधन  (डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट) पर सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाएगा। इस पाठ्यक्रम ऐसे तरीके से तैयार किया गया है, ताकि इस पढ़ाई व कौशल विकास से वे इस क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकें।


यह कोर्स इसलिए जरूरी
उच्च शिक्षा में 3.73,99,388 करोड़ छात्र पंजीकृत है। इसमें स्रे 2.98, 29, 075 करोड़ छात्र विभिन्न स्नातक प्रोग्राम में पंजीकृत हैं। यह संख्या भारतीय सशस्त्र सेनाओं से अधिक है। जोकि दुनिया की सबसे बड़ी सशस्त्र सेना मानी जाती है। यदि इतने युवा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में पढ़ाई करके अपना भविष्य बनाते हैं तो फिर आपदा प्रबंधन में बड़ी सहायता मिलेगी।


40 फीसदी स्थानीय आपदाओं की मिलेगी जानकारी
भारत एक विशाल देश है। यहां भुगोलिक क्षेत्र के आधार पर पहाड़ों के दरकने, समुद्री तुफान, बाढ़ से लेकर अन्य आपदाएं आती रहती है। ऐसे में हर क्षेत्र की आपदा अलग-अलग है। इसलिए इसमें 60 फीसदी पाठ्यक्रम आपदा प्रबंधन के विभिन्न विषयों पर एक समान होगा। जबकि 40 स्थानीय भूगोलिक क्षेत्र के आधार पर शामिल किया जाएगा, ताकि आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों को स्थानीय आपदा में आम लोगों की मदद के लिए सक्षम बनाया जा सके।


ऐसा होगा यूजी व पीजी कोर्स का प्रारूप


फाउंडेशन कोर्स: चौथे सेमेस्टर में आपदा जोखिम कम करने का प्रबंधन विषय की अनिवार्य पढ़ाई होगी। इसमें तीन क्रेडिट और सौ अंक का पेपर होगा, जिसमें 60 फीसदी अंक एक्सटर्नल और 40 फीसदी अंक इंटरनल होंगे। इसमें 20 अंक का फील्ड वर्क भी होगा। जबकि इस पूरे कोर्स में 45 घंटे की लैक्चर लगेंगे।


सर्टिफिकेट प्रोग्राम: आपदा जोखिम कम करने का प्रबंधन विषय की पढ़ाई होगी। इसमें किताबी ज्ञान के साथ कौशल विकास भी किया जाएगा। इस प्रोग्राम में दाखिले की योग्यता 55 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास होना जरूरी होगा। इसमें प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएंगे। यह प्रोग्राम दो सेमेस्टर पर आधारित 38 क्रेडिट का होगा। इस प्रोग्राम को एक साल में पूरा करने पर सर्टिफिकेट कोर्स मिलेगा।


पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम: इसमें भी पहले साल की पढ़ाई पूरी करने पर पीजी सर्टिफिकेट तो दो साल के बाद पीजी डिप्लोमा मिलेगा। इसमें किसी भी स्ट्रीम में 45 फीसदी अंकों के साथ स्नातक डिग्री वाले दाखिला ले सकेंगे। यह दो सेमेस्टर में चलने वाला प्रोग्राम कुल 45 क्रेडिट का होगा।

Tuesday, June 11, 2019

पुलिस महानिदेशक ने स्टूडेंट पुलिस कैडेट प्रोग्राम कार्यशाला का किया उद्घाटन, स्कूली बच्चे अब आपदा प्रबंधन में करेंगे मदद


पुलिस महानिदेशक ने स्टूडेंट पुलिस कैडेट प्रोग्राम कार्यशाला का उद्घाटन, स्कूली बच्चे अब आपदा प्रबंधन में करेंगे मदद



Saturday, January 5, 2019

एटा : आपदा प्रबन्धन विषय पर निबन्ध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराने के सम्बन्ध में निर्देश जारी, आदेश देखें

 आपदा प्रबन्धन विषय पर निबन्ध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराने के सम्बन्ध में निर्देश जारी, आदेश देखें


Saturday, August 4, 2018

फतेहपुर : जल प्रभावित स्थलों / विद्यालयों की जांच कर प्रभावित व्यक्तियों को राहत प्रदान किये जाने हेतु निर्देश जारी

फतेहपुर : जल प्रभावित स्थलों / विद्यालयों की जांच कर प्रभावित व्यक्तियों को राहत प्रदान किये जाने हेतु निर्देश जारी।

Friday, August 3, 2018

फतेहपुर : स्कूली सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन हेतु विद्यालयों में विस्तृत कार्य योजना के निर्माण कराने तथा चिन्हित खतरों का श्रेणीवार विभाजन निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का निर्देश जारी

फतेहपुर : स्कूली सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन हेतु विद्यालयों में विस्तृत कार्य योजना के निर्माण कराने तथा चिन्हित खतरों का श्रेणीवार विभाजन निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का निर्देश जारी