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Wednesday, September 1, 2021

सूबे में पांच नवीन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खुलेंगे

सूबे में पांच नवीन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खुलेंगे


सूबे में पांच नवीन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय जल्द खुलेंगे। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने कन्नौज, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, सुलतानपुर व मीरजापुर में विद्यालय की स्थापना की संस्तुति की है। 


इनमें कन्नौज, गौतमबुद्ध नगर व शाहजहांपुर में कोई राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नहीं है वहीं, सुल्तानपुर में दो बालक विद्यालय संचालित हैं, मीरजापुर में दो विद्यालय हैं, लेकिन वहां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की बहुलता को देखते हुए निर्णय लिया गया है। चिन्हित जिलों में मानक के अनुरूप पांच एकड़ भूमि भी उपलब्ध है।

Saturday, August 14, 2021

राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के शिक्षकों ने घेरा मंत्री का आवास, रखी नियमितीकरण की मांग

राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के शिक्षकों ने घेरा मंत्री का आवास, रखी नियमितीकरण की मांग


लखनऊ : राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 14 साल से पढ़ा रहे संविदा शिक्षकों ने नियमितीकरण और एजेंसी के माध्यम से संविदा को न करने की मांग को लेकर शुक्रवार को समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री के आवास का घेराव किया। अचानक मंत्री आवास पहुंचे शिक्षकों के हुजूम से सुरक्षाकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन शिक्षकों को समझाकर शांत कराया, लेकिन शिक्षक मंत्री से मिलने के लिए उनके आवास के पास डटे रहे। मंजू लता सिंह सहित शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री से मुलाकात की। मंत्री ने पूर्व की भांति संविदा चलने का आश्वासन दिया, लेकिन शिक्षक लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे।


राजकीय आश्रम पद्धति शिक्षक कल्याण समिति की अध्यक्ष मंजू लता सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक सुबह ही मंत्री आवास के पास पहुंच गए थे। मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू होते ही गौतमपल्ली की पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नहीं माना। मंजू लता सिंह ने बताया कि लखनऊ समेत प्रदेश के 102 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 1138 संविदा शिक्षकों की तैनाती पिछले 14 वर्षों से है।


समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री के सरकारी आवास के बाहर धरना देते राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के शिक्षक

Tuesday, July 20, 2021

राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों की विनियमितीकरण को डिप्टी सीएम से मिले शिक्षक

राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों की विनियमितीकरण को डिप्टी सीएम से मिले शिक्षक
 


प्रयागराज : प्रदेशभर के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों की विनियमितीकरण की मांग तेज हो गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित उक्त विद्यालयों में करीब 1187 संविदा शिक्षक कार्यरत हैं। जिन्हें विनियमित करने की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन उसके अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई।


 शासन पर दबाव बनाने के लिए समाज कल्याण आश्रम पद्धति विद्यालय एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षक लखनऊ में मंत्रियों व अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन दे रहे हैं। इसके मद्देनजर शिक्षकों ने सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश पांडेय, महामंत्री विनय श्रीवास, प्रदेश महासचिव मनीष कुमार मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम से शीघ्र विनियमितीकरण कराने की मांग की। इस दौरान विवेक सिंह परमार, अनुजेंद्र तिवारी, विक्रम मौर्य, नाजिया सिद्दीकी,नीरज, विक्रमादित्य, संजीता वर्मा, पूनम शुक्ला, नागेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

Thursday, July 1, 2021

आश्रम पद्धति विद्यालयों में वर्षो से कार्यरत संविदा शिक्षकों की विनियमितीकरण की मांग हुई तेज

आश्रम पद्धति विद्यालयों में वर्षो से कार्यरत संविदा शिक्षकों की विनियमितीकरण की मांग हुई तेज


प्रयागराज : समाज कल्याण विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वर्षो से कार्यरत संविदा शिक्षकों ने अपने विनियमितीकरण की मांग तेज कर दी है। इंटरनेट मीडिया में ‘मिशन विनियमितीकरण’ नाम से अभियान चलाया जा रहा है। यह शिक्षक जिला स्तर पर सांसद व विधायकों से पत्र लिखवाकर समर्थन हासिल कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से मिलने वाले पत्र को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के साथ इसे मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री व अधिकारियों को ई-मेल पर भेजकर उन्हें ट्वीट भी किया जा रहा है।


प्रदेश के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 1187 संविदा शिक्षक कार्यरत हैं। उन्हें विनियमित करने का अभियान चला रहे समाज कल्याण आश्रम पद्धति विद्यालय एसोसिएशन ने अगस्त व सितंबर में लखनऊ, प्रयागराज तथा चित्रकूट में शक्ति प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 


एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश पांडेय व महामंत्री विनय श्रीवास कहते हैं कि उनके विनियमितीकरण का मामला शासन में दो वर्ष से लंबित है। उचित कार्रवाई न होने पर भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है। शिक्षकों के मुताबिक सरकार ने अनुदानिक व अशासकीय विद्यालयों में 2006 से 2011 तक कार्यरत मानदेय शिक्षकों को 31 अगस्त, 2018 में विनियमित किया है, इसलिए इसी तर्ज पर उनका भी निर्णय लें। 


एसोसिएशन प्रदेश महासचिव मनीष मिश्र तथा कार्यक्रम संचालक सुनीत त्रिपाठी व आशुतोष शुक्ल के अनुसार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, प्रदेश के राज्य मंत्री महेशचंद्र गुप्त, एमएलसी डा.अरुण कुमार तथा विधायक युवराज सिंह सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक व एमएलसी ने मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के साथ उचित कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।

Monday, February 8, 2021

यूपी : 9वीं से 12वीं तक के विद्यालय कल से पूरी क्षमता से खुलेंगे

यूपी : कोविड प्रोटोकॉल संग नवोदय, सैनिक व आश्रम पद्दति सहित सभी आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई कल से


लखनऊ: प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ से बारह तक के आवासीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय सहित सभी शिक्षा बोर्ड  के स्कूलों में नौ फरवरी, 2021 से पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दी है।

यूपी : 9वीं से 12वीं तक के विद्यालय कल से पूरी क्षमता से खुलेंगे

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को खांसी, झुकाम, बुखार या कोरोना के अन्य लक्षण दिखते ही उनकी जांच और उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने 9 फरवरी से यूपी बोर्ड सहित सभी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 का पूर्ण रूप से संचालन करने की अनुमति दी है। वहीं कक्षा 1 से आठ तक के सभी विद्यालयों में 50 फीसदी छात्र ही एक साथ हर रोज बुलाए जा सकेंगे।


विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध कराने के साथ कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन का भी पालन किया जाएगा।

बैठते समय छात्र-छात्राओं के बीच न्यूनतम 6 फिट की दूरी रहे। विद्यालय के गेट खुले रखे जाएं, ताकि एक जगह भीड़ न हो। अभिभावकों और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए। डिजिटल थर्मामीटर, सेनिटाइजर और साबुन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परिवहन व्यवस्था प्रारंभ किए जाने से पहले सेनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। नोटिस बोर्ड पर कोविड नियमों का पालन के बाबत सूचना दी जाए।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि 9 फरवरी से प्रदेश में सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एवं अन्य आवासीय विद्यालयों में पठन पाठन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय खोलने से पहले परिसर को पूरी तरह से सेनेटाइज़ किया जाएगा। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक और कार्मिक को खांसी जुकाम या बुखार के लक्षण हो तो उन्हें आईसोलेट करते हुए उपचार की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रावास में यदि कोई विद्यार्थी कोराना से संक्रमित हो जाता है तो उनके उपचार की व्यवस्था कर छात्रावास में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।


उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण की वजह से माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययन एवं अध्यापन का काम भौतिक रूप से प्रभावित रहा है। छात्र हित, शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और वार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।


उन्होंने बताया कि इस संबंध मे निर्देश दिया गया है कि स्कूल खोलने से पहले उन्हें पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए। सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था की जाए। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कार्मिक को खांसी-जुकाम या बुखार के लक्षण हों तो उन्हें आइसोलेट करते हुए इलाज की व्यवस्था कराई जाए। छात्रवास में यदि कोई विद्यार्थी कोराना से संक्रमित हो जाता है तो उसका इलाज कराते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन कराया जाए।


उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को अतिरिक्त मात्र में मास्क रखने के साथ-साथ कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा। - डॉ. दिनेश शर्मा

Saturday, November 2, 2019

आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होने पर सरकार सख्त, प्रथम दृष्टया सही पाई गई शिकायतें, पैक्सफेड के खिलाफ जांच के दिए आदेश

आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होने पर सरकार सख्त, प्रथम दृष्टया सही पाई गई शिकायतें, पैक्सफेड के खिलाफ जांच के दिए आदेश।








आश्रम पद्धति विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब, गोंडा समेत कई जनपदों में मानक के हिसाब से काम नहीं कर रहीं कार्यदायी संस्थाएं, अनुबंध रद्द करने पर हो रहा विचार।





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