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Monday, August 21, 2023

शिक्षकों को प्रबंधतंत्र की मनमानी कार्रवाई से बचाने के लिए माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध के लिए कसी कमर

शिक्षकों को प्रबंधतंत्र की मनमानी कार्रवाई से बचाने के लिए माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध के लिए कसी कमर 


लखनऊ : शिक्षकों को प्रबंधतंत्र की मनमानी कार्रवाई से बचाने के लिए नए बनाए गए उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिनियम में कोई प्रविधान न किए जाने का उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (मशिसं ) ने विरोध शुरू कर दिया है। संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष डा. आरपी मिश्रा ने शनिवार को पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई है। 27 अगस्त को पदाधिकारी राजधानी में एकत्र होंगे और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की जाएगी।


उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अस्तित्व में आने के बाद उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और उसका अधिनियम भी समाप्त हो गया है। इसके अधिनियम की धारा 21 में यह व्यवस्था थी कि बिना बोर्ड की अनुमति के सीधे प्रबंधतंत्र व जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षक पर कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। शिक्षकों को उत्पीड़न से बचाने के लिए मशिसं ने यह धारा शामिल कराई थी। वहीं धारा 18 के तहत 60 दिनों तक माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्य का पद रिक्त रहने के बाद स्कूल प्रबंधन सबसे वरिष्ठ शिक्षक को पदोन्नति देकर तदर्थ प्राचार्य के रूप में नियुक्त कर सकता था। अब यह भी नहीं हो सकेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूल प्राचार्य विहीन हो जाएंगे। ऐसे में इसे नए अधिनियम में शामिल कराने के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा।



63 हजार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा खतरे में, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का मामला, दंड पर चयन बोर्ड के पूर्वानुमोदन की व्यवस्था होगी समाप्त

● नए शिक्षा सेवा चयन आयोग में नहीं सेवा सुरक्षा का प्रावधान

● प्रबंधकों के हाथों शिक्षकों के शोषण की आशंका और बढ़ी

एडेड कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्य-शिक्षक

● 1505 प्रधानाचार्य

● 16141 प्रवक्ता

● 45869 सहायक अध्यापक


प्रयागराज :  प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर फिलहाल खतरा मंडरा रहा है। इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का चयन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से होता है लेकिन नियोक्ता प्रबंधक होते हैं। चयन बोर्ड अधिनियम-1982 की धारा-21 में यह प्रावधान है कि प्रधानाचार्य या शिक्षक पर कोई कार्रवाई करने या दंड देने से पहले प्रबंधक चयन बोर्ड से अनुमोदन लेते हैं।


हालांकि नौ अगस्त को विधानसभा से पारित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विधेयक में यह प्रावधान नहीं है। इस विधेयक की धारा-16 के अनुसार अब एडेड कॉलेज के शिक्षकों की सेवा शर्तें और सुरक्षा इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम -1921 के विनियमों के अध्याय-3 के अनुसार संचालित होगी। ऐसे में आशंका है कि अब प्रबंधकों के हाथों शिक्षकों का उत्पीड़न और भी बढ़ जाएगा।

प्रधानाचार्य के पद पर तदर्थ पदोन्नति की व्यवस्था भी नहीं रहेगी प्रयागराज। नई व्यवस्था में प्रधानाचार्य के पद पर तदर्थ पदोन्नति की व्यवस्था भी नहीं रहेगी। यानि भविष्य में नियमित प्रधानाचार्य के सेवानिवृत्त होने पर वरिष्ठतम शिक्षक प्रधानाचार्य का काम तो करेंगे पर उन्हें प्रधानाचार्य का वेतन नहीं मिलेगा। नए आयोग के विधेयक में चयनबोर्ड की धारा-18 को भी हटा दिया गया है। जिसके अंतर्गत प्रधानाचार्य के पद पर तदर्थ पदोन्नति की व्यवस्था थी।

शिक्षकों की तैनाती में मनमानी पर आपत्ति

प्रयागराज : राजकीय शिक्षकों की तैनाती में मनमानी पर आपत्ति उठी है। राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज के प्रवक्ता जय सिंह को यमुनापार के राजकीय बालिका हाईस्कूल कुंवरपट्टी जेवनिया में हेडमास्टर के पद पर तैनाती दी गई है। यही नहीं जीआईसी के ही मोहम्मद अजीजुल्लाह, जिनकी सेवानिवृत्ति में सिर्फ दो साल बचे हैं, उनको राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहजहांपुर में हेडमास्टर पर पदस्थापित किया गया है। राजकीय शिक्षक संघ के एक गुट अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय का कहना है कि पुरुष शिक्षकों को पुरुष विद्यालयों में तैनाती दी जानी चाहिए। दो साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को उनके विकल्प के आधार पर पदस्थापित करना चाहिए।

हमारा सरकार से अनुरोध है कि चयन बोर्ड अधिनियम की धारा-21 की व्यवस्था को नए आयोग अधिनियम में भी संशोधन करके लाया जाए। ऐसा न करने पर सभी शिक्षकों को पूरी क्षमता और एकता के साथ इसके लिए संघर्ष करना होगा।

लालमणि द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट

लंबे संघर्ष के बाद चयन बोर्ड की नियमावली बनी थी। जिसमें बिना पूर्वानुमोदन प्रबंधक की कार्रवाई शून्य मानी जाती थी। अब मनमाने तरीके से शिक्षकों पर कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। नए विधेयक में सेवा सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। संघर्ष की योजना बन रही है। इसको सम्मिलित कराया जाएगा।

सुरेश कुमार त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ व पूर्व एमएलसी

Monday, October 18, 2021

UP Aided Junior High School Teacher Exam 2021 : जल्द जारी होगी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की 'आंसर की'

UP Aided Junior High School Teacher Exam 2021 : जल्द जारी होगी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की 'आंसर की'

UP Aided Junior High School Teacher Exam 2021 : राज्य के सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के 1504 और प्रधानाध्यापकों के 390 पदों पर भर्ती के लिए 17 अक्टूबर को हुई परीक्षा के आंसर की जाल्द जारी किए जाएंगे। उम्मीद है कि ऑफिशियल वेबसाइट updeled.gov.in पर 21 अक्टूबर 2021 को आंसर की जारी कर दिए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के 3049 ऐडेड जूनियर हाईस्कूलों में रविवार को दो पालियों में आयोजित की गई। एडेड जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए रविवार को मंडल मुख्यालयों के 697 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें 80.38 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। 

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय के अनुसार 10 से 12.30 बजे की पाली में आयोजित सहायक अध्यापक/प्रधानाध्यापक (प्रथम प्रश्नपत्र) परीक्षा के लिए पंजीकृत 3,37,915 अभ्यर्थियों में से 2,72,380 (80.61 फीसदी) उपस्थित रहे। 65535 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं 2 से 3 बजे की पाली में आयोजित प्रधानाध्यापक (द्वितीय प्रश्नपत्र) के लिए पंजीकृत 19,559 अभ्यर्थियों में से 14,985 (76.61 प्रतिशत) उपस्थित रहे। द्वितीय प्रश्नपत्र में 4574 अनुपस्थित रहे। कुल पंजीकृत 3,57,474 अभ्यर्थियों में से 2,87,365 या 80.38 फीसदी उपस्थित रहे। 

12 नवंबर को घोषित होगा परिणाम
इस भर्ती परीक्षा का परिणाम 12 नवंबर को घोषित किया जाएगा। 21 अक्तूबर तक उत्तरमाला वेबसाइट पर जारी की जाएगी। 25 अक्तूबर तक साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन आपत्ति लेंगे और 8 नवंबर तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 10 नवंबर को संशोधित उत्तरमाला वेबसाइट पर जारी होगी।

Monday, September 13, 2021

30 सितम्बर को मण्डल मुख्यालयों पर धरना देंगे एडेड स्कूलों के शिक्षक

30 सितम्बर को मण्डल मुख्यालयों पर धरना देंगे एडेड स्कूलों के शिक्षक

सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक 30 सितम्बर को मंडल मुख्यालयों पर धरना देंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। पुरानी पेन्शन की बहाली, शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन समेत 25 अगस्त को मुख्यमंत्री को प्रेषित 18 सूत्रीय ज्ञापन को पूरा करने की मांग की जाएगी।



संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेम सिंह पुण्डीर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेगी। प्रदेश मंत्री व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्र ने बताया कि बैठक में चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। यदि प्रस्तावों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष किया जाएगा। दूसरे प्रस्ताव में प्रयागराज स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार, शिक्षकों के बकाया पारिश्रमिक आदि का भुगतान और बोर्ड परीक्षा कार्यों को सीबीएसई की तरह करवाया जाए।

बैठक में पारित तीसरे प्रस्ताव में शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति आदि के बकाया अवशेषों के भुगतान पर चर्चा हुई और निदेशालय की जगह पर डीआईओएस स्तर पर ही अवशेष की मंजूरी व भुगतान करने की मांग हुई। चौथे प्रस्ताव में शिक्षकों के स्थानान्तरण में प्रबन्धक की एनओसी व अधिकारियों की सिफारिशों के नाम शिक्षकों से की जा रही वसूली पर भी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए हेम सिंह पुण्डीर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों को बंधुआ मजदूर बनाकर शिक्षा संहिता की व्यवस्था के विपरीत साढे आठ घण्टे स्कूल में रुकने को मजबूर कर रही है। बैठक को प्रमुख रूप से एमएलसी सुरेश कुमार त्रिपाठी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी महांमत्री इन्दासन सिंह, कोषाध्यक्ष सुभाष चन्द्र शर्मा समेत कई शिक्षक नेता मौजूद रहे।

Tuesday, August 10, 2021

4512 एडेड माध्यमिक कालेजों में लिपिकों की जल्द होगी सीधी भर्ती

4512 एडेड माध्यमिक कालेजों में लिपिकों की सीधी भर्ती जल्द



लखनऊ : प्रदेश के 4512 एडेड माध्यमिक कालेजों में लिपिकों की सीधी भर्ती जल्द शुरू होगी। दो साल बाद विभाग ने रिक्त पदों को भरने के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। कालेजों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से ही होगी। इसमें सेवाकाल में मृत शिक्षक या शिक्षणेतर कर्मचारी आश्रित की भर्ती पर आउटसोर्सिंग का नियम लागू नहीं होगा।






अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक कालेजों में कनिष्ठ सहायक के पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की अनुमति निदेशालय स्तर से दी गई थी, लेकिन चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें मिलने पर तीन जून, 2019 को प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। 30 अक्टूबर, 2019 को शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 26 एडेड माध्यमिक कालेजों में शिक्षणेतर कर्मियों के रिक्त पदों को भरने की अनुमति दी थी, लेकिन उसी समय शासन ने निर्देश दिया कि चयन के संबंध में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए जाने तक इसे भी स्थगित कर दिया जाए। इसे लेकर हाईकोर्ट में कई मुकदमे दाखिल किए गए। ऐसे में शासन ने 26 जुलाई को कहा कि इस मामले में गुण दोष के आधार पर निर्णय किया जाना चाहिए। अब शिक्षा निदेशक ने भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू करने के लिए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

Monday, February 1, 2021

शिक्षकों के 1894 पदों के लिए 6.25 लाख उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास उम्मीदवार

शिक्षकों के 1894 पदों के लिए 6.25 लाख उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास उम्मीदवार


अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 390 और सहायक अध्यापकों के 1504 पदों पर नियुक्ति के 6.25 लाख से अधिक उम्मीदवार हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तकरीबन आठ साल बाद शिक्षक भर्ती शुरू होने से बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है।



इससे पहले जुलाई 2013 में परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती शुरू हुई थी। इसके बाद लगभग आठ साल बीतने के बाद कक्षा 6 से 8 तक के स्कूलों में भर्ती होने जा रही है। इस दौरान सात बार आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में 6,26,335 अभ्यर्थी पास हो चुके हैं।


इन अभ्यर्थियों को अब तक किसी भर्ती में मौका नहीं मिल सका है। इसमें केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में सफल अभ्यर्थियों की संख्या शामिल नहीं है। यदि सीटीईटी पास अभ्यर्थियों की संख्या जोड़ लें तो उम्मीदवारों की कतार कहीं अधिक लंबी हो जाएगी। गौरतलब है कि विशेष सचिव शासन आरवी सिंह ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को 18 जनवरी को भर्ती के संबंध में गाइडलाइन भेजते हुए जल्द भर्ती परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी कुछ बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Friday, October 30, 2020

फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां।

फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां।

लटकी तलवार...: जिले में संचालित हो रहे 50 एडेड जूनियर हाईस्कूल, प्रबन्ध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां

फतेहपुर : नियमों को बला-ए-ताक पर रखकर सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में की गई भर्तियों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तलवार लटका दी है। जिले में की गई भर्तियों की जांच शासन स्तर पर चल रही है। इसी बीच शासन ने प्रबंध समितियों को निर्देशित किया है कि वह नियम विरुद्ध की गई भर्तियों को निरस्त करें।


जिले में 50 एडेड स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें वर्ष 2019 अध्यापक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां प्रबंध समितियों ने की थी। इन भर्तियों के होने के बाद पूरे खूब शिकायतें हुई थी। इस पर शासन ने जांच बैठा दी थी।

फिलहाल इन भर्तियों की जांच शासन से हो रही है। इससे पूर्व की शासन ने प्रदेश में कई मामले पकड़े थे जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। इस पर शासन ने सभी जिलों की भर्ती पत्रावली तलब कर ली है। शासन ने साफ कर दिया है कि अनियमित तरीके से की गई भर्तियां निरस्त होंगी।


इसके लिए प्रबंध समिति शासन के निर्णय के पूर्व की निरस्त कर सकती हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच शासन स्तर पर चल रही है। शासन से ही निर्णय लिया जाएगा। जो निर्णय लिया जाएगा उसका जिले में शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। नियम विपरीत की गई भर्तियां रद होंगी।

Friday, October 16, 2020

अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में बनेंगे वर्चुअल क्लास, मानदेय पर रखे जाएंगे शिक्षक

अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में बनेंगे वर्चुअल क्लास, मानदेय पर रखे जाएंगे शिक्षक।

लखनऊ : अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) संस्कृत स्कूलों में भी वर्चुअल क्लास रूम बनाए जाएंगे और विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पढ़ाया जाएगा। शिक्षकों के खाली पदों पर मानदेय पर टीचर रखे जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। स्कूलों को तकनीक से लैस किया जाएगा और विद्यार्थी कम्प्यूटर की मदद से विज्ञान व गणित का पाठ भी आसानी से समझ सकेंगे।


प्रदेश के 572 एडेड माध्यमिक संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों के करीब 2600 पदों में से 1471 पद खाली हैं। ऐसे में प्रथमा (कक्षा आठ) से लेकर उत्तर मध्यमा द्वितीय (इंटर) तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए मानदेय पर शिक्षक रखे जाएंगे। करीब 15 हजार रुपये तक मानदेय देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा। फिलहाल अब माध्यमिक संस्कृत स्कूलों के कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी गई है।