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Wednesday, September 16, 2020

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी


लखनऊ : उन्नाव के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारियों व कर्मियों को दोषी पाया है। ईओडब्ल्यू ने शासन को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में उन्नाव की सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना भी अपने हाथ में ले ली है। आरोपित तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा अनियमितता के अन्य मामले में पूर्व में निलंबित भी हो चुके हैं।


ईओडब्ल्यू की जांच में तत्कालीन डीएम व बीएसए के अलावा जौनपुर की मां वैष्णव एजेंसी के संचालक जितेंद्र सिंह, तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी रामकिशुन यादव, कृष्ण देव यादव, आशीष चौहान, दिनेश सिंह, शैलेंद्र कुमार शर्मा, सुरेंद्र कुमार मौर्य, मृत्युंजय यादव, सुषमा सेंगर, नसरीन फारुकी, अरुण कुमार अवस्थी, अशोक कुमार सिंह, प्रवीण कुमार दीक्षित, मधुलिका वाजपेयी व राजेश कुमार को दोषी पाया गया है। इनमें कई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने मां वैष्णव एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किए जाने की सिफारिश भी की है।

पूर्व में प्रकरण की जांच कमिश्नर ने की थी, जिसमें डीएम समेत अन्य अधिकारी दोषी पाए गए थे। तत्कालीन डीएम को निलंबित कर दिया गया था। शासन ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। उन्नाव के स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के तहत सप्लाई किए गए डस्टबिन, दीवार घड़ी, पेंसिल व अन्य सामग्री की सप्लाई में घोटाला किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों पर मां वैष्णव एजेंसी से ही सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया गया था।

Wednesday, August 26, 2020

संत कबीरनगर : जांच टीम ने कब्जे में लिया कंपोजिट ग्रांट से खरीद के रिकार्ड, जांच उपरांत शासन को रिपोर्ट भेजने की कही बात

संत कबीरनगर : जांच टीम ने कब्जे में लिया कंपोजिट ग्रांट से खरीद के रिकार्ड, जांच उपरांत शासन को रिपोर्ट भेजने की कही बात।

संत कबीरनगर : राज्य परियोजना लखनऊ की टीम ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बेलहरकला और हैंसर ब्लाक में विभिन्न मदों से प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में हुए कार्यों की जांच की। जांच टीम ने चार दिन में जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।



राज्य परियोजना से आए अवर अभियंता अनिल कुमार शुक्ल व अवर अभियंता मुरलीधर तिवारी ने मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे बेलहरकला ब्लाक के मेलानखुर्द, कैथवलिया व बभनी के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों पर जांच की। यहां कंपोजिट ग्रांट से करवाए गए कार्यों के अभिलेखों को देखने के साथ ही खरीद के रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। इसके अलावा हैंसर ब्लाक के तीन विद्यालयों की भी जांच हुई। मौके पर प्रभारी डायट प्राचार्य राजेश कुमार, ओंकारनाथ मिश्र,जिला समन्वयक निर्माण एचएन त्रिपाठी के अलावा संबंधित विद्यालयों के प्राधानाध्यापक व शिक्षक मौजूद रहे। आज भी होगी जांच


-बेसिक शिक्षा व राज्य परियोजना की टीम ने दो दिनों में तीन ब्लाकों में जांच किया। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार व गुरुवार को भी जांच जारी रहेगी।


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Friday, August 14, 2020

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

 
वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने में जुटा हुआ है। इसके अलावा कायाकल्प करने के लिए छात्रसंख्या के आधार पर विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट भी दिया गया है। वहीं कुछ विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मधुसुदन हुल्गी ने पिछले तीन सालों के कंपोजिट ग्रांटों से कराए गए कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने बीएसए को निर्देश भी दिया है। इसे लेकर विद्यालयों में खलबली मची हुई है।


छात्र संख्या के आधार पर ग्रांट दिया जाता है

समग्र शिक्षा अभियान के तहत सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को रंगाई-पुताई, पेंटिंग अग्निशमन यंत्र, स्टेशनरी, टाट-पट्टी, रोडियो प्रोग्राम, विद्युत उपकरणों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बागवानी, शिक्षण अधिगम सामग्री सहित विभिन्न मदों में खर्च करने के लिए छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट दिया जाता है।


11 अध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश

सभी विद्यालयों को शान के मानक के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश है। वहीं निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कंपोजिट ग्रांट के उपयोग में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। इसे देखते हुए सेवापुरी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय (अमिनी) के हेडमास्टर सहित सभी 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए वेतन रोकने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह की संस्तुति पर विद्यालय के सभी स्टाफो को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

हेडमास्टर सहित 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए रोका वेतन


■ छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट इस प्रकार है-

● 01 से 15 छात्रसंख्या पर तक 12500
● 16 से 100 छात्रसंख्या पर तक 25000
● 101 से 250 छात्रसंख्या पर तक 50000
● 251 से 1000 छात्रसंख्या पर तक 75000
● 1000 से अधिक छात्र होने पर 100000

Thursday, July 30, 2020

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ


लखनऊ : बहुचर्चित कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने उन्नाव के तत्कालीन जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय से लंबी पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने कई बिंदुओं पर सवाल-जवाब के दौरान उनके बयान दर्ज किए हैं। घोटाले में आरोपित आईएएस अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय को शासन ने निलंबित कर दिया था।


सूत्रों के मुताबिक पांडव से बाजार में सस्ती दर पर उपलब्ध सामान को महंगी दरों पर खरीदे जाने और नियमों को दरकिनार कर जौनपुर की फर्म को कार्य आवंटित किए जाने सहित कई बिंदुओं पर सवाल किए गए। माना जा रहा है कि ईओडब्ल्यू मामले की जांच रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपने की तैयारी में है।