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Wednesday, June 24, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


लखनऊ : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला के नाम से भर्ती घोटाला की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ रही है, नए नए राजफाश हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। तब से वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर एका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


फीरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फरुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी। अब पुलिस और शिक्षा विभाग मामले की तहकीकात में जुटा हुआ है। दूसरी ओर, कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। पुलिस ने कमेटी के अन्य सदस्यों को भी बयान देने के लिए पत्र भेजे हैं। उधर गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है।

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी


प्रयागराज : कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस ने मंगलवार शाम कानपुर देहात के चंदनपुर गांव में छापेमारी की। यहां रहने वाली सरिता यादव के मकान में ताला लटकता मिला। इस पर पुलिस ने ग्रामीणों से सरिता और उसके परिजनों के बारे में पूछताछ की। 


पुलिस ने कथित अनामिका और सरिता यादव की फोटो का मिलान कराया तो दोनों तस्वीर एक ही युवती निकली। इस आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने दावा किया है कि प्रयागराज में अनामिका शुक्ला बनकर सरिता ही नौकरी कर रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। दरअसल, अलीगढ़ पुलिस ने कुछ दिन पहले फर्जी अनामिका मामले की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी कर रही थी। 


इसकी जानकारी होने पर कर्नलगंज पुलिस ने सरिता के बारे में छानबीन की। मंगलवार को प्रकरण की विवेचना कर रहे दारोगा रवींद्रनाथ यादव कानपुर देहात पहुंचे। इसके बाद रसूलाबाद थाने की पुलिस की मदद लेकर सरिता के गांव चंदनपुर पहुंचकर छापेमारी की। कई लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी सरिता अथवा उसके घरवालों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सका। मगर तस्वीर से सच्चाई का पता चल गया। 


पिछले सात जून को बीएसए संजय कुशवाहा ने कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी प्राप्त की। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि फोटो के मिलान से साफ हो गया है कि सरिता ही अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी।

Monday, June 22, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : अनामिका, रीना और सरिता में उलझी पुलिस

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : अनामिका, रीना और सरिता में उलझी पुलिस 


प्रयागराज। अनामिका शुक्ला के नाम पर सोरांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका की लोकेशन कानपुर में मिली है। जिसके बाद कर्नलगंज थाने की एक टीम उसकी तलाश में जुट गई है। जल्द ही वह कानपुर के लिए रवाना होगी।


प्रयागराज : कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस अब अनामिका, रीना और सरिता को लेकर उलझ गई है। सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आखिर किस नाम की महिला बतौर शिक्षिका नौकरी कर रही थी। इसको लेकर अब पेच फंस गया है।


पहले रीना और अब सरिता का नाम सामने आने से पुलिस की विवेचना की दिशा भी बदल जा रही है। अनामिका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी अब तक नहीं आ सकी है और दूसरे कागजातों को भी तस्दीक नहीं किया जा सका है। माना जा रहा है कि सीडीआर मिलने और मोबाइल कंपनी को दिए गए दस्तावेज से अनामिका व रीना को लेकर उलझी गुत्थी सुलझ सकती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका। 


उधर, अलीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आई बबली यादव ने अपने बयान में कहा है कि प्रयागराज स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका के नाम से उसकी ननद सरिता यादव नौकरी करती थी। उसके बयान की कॉपी भी मंगाने की तैयारी चल रही है, ताकि विवचेना में शामिल किया जा सके। कुछ दिन पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने थाना कर्नलगंज में एफआइआर दर्ज कराई थी। 


उनका आरोप है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी प्राप्त की। इस मामले की जांच चल ही रही थी कि अलीगढ़ पुलिस ने कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बबली ने पूछताछ में बताया कि ननद सरिता प्रयागराज में नौकरी करती थी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है सभी ¨बदुओं पर जांच की जा रही है।



17 शिक्षिकाओं-कर्मियों ने नहीं जमा किए दस्तावेज

जासं,प्रयागराज : जिले के सभी 20 ब्लॉकों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 225 शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने सत्यापन के लिए अपने दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) शनिवार तक जमा कर दिए। लेकिन 17 शिक्षिकाओं और कर्मियों ने दस्तावेज नहीं जमा किए। दस्तावेज जमा करने के लिए सोमवार को इन्हें अंतिम अवसर दिया गया है। सोरांव के गोहरी कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान विषय की कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आने के बाद 16 जून से सभी शिक्षिकाओं और कर्मियों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने जांच कमेटी को 19 जून तक जांच पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन शुक्रवार तक 18 ब्लॉकों के विद्यालयों की शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने ही दस्तावेज जमा किए थे।

Sunday, June 21, 2020

अनामिका फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र भी निकला फर्जी शिक्षक


शिक्षक फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र भी निकला फर्जी शिक्षक

सुशील कुमार कौशल के अभिलेखों से कर रहा था नौकरी 


मैनपुरी । पूरे प्रदेश में चर्चित अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षका मामला। इस मामले में फर्जीवाड़ा करने वाला मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र भी फर्जी शिक्षक निकला है। जो कुरावली में तैनात शिक्षक सुशील कुमार कौशल के अभिलेखों से जनपद फर्रुखावाद में नौकरी कर रहा है। इसकी पुष्टि कुरावली के शिक्षक की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद हुई है। 


सुशील कुमार कौशल ने शनिवार को बीएसए कार्यालय में उपस्थित होकर अपने सभी अभिलेख दिखाए। तब इस बात का खुलासा हो सका। बताते चलें कि जालसाज पुष्पेंद्र थाना भोगांव क्षेत्र के गांव नगला खरा का रहने वाला है। जिसने बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर सुशील कुमार कौशल के नाम से नौकरी हासिल की। वर्तमान में उसकी तैनाती जिला फर्रुखाबाद के उच्च प्राथमिक विद्यालय में हैं। 


छह दिन पहले जब पुष्पेंद्र उर्फ राज एसटीएफ की हिरासत में आया तब उसने अपना नाम पुष्पेंद्र उर्फ सुशील कुमार कौशल बताया था। पुष्पेंद्र के सुशील कुमार कौशल नाम से नौकरी करने की जानकारी ने कुरावली विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात कानपुर निवासी सुशील कुमार कौशल की दिक्कतें बढ़ा दीं। 


सुशील कुमार कौशल की जांच पिछले पांच दिनों से चल रही थी। इस दौरान न केवल विभागीय जांच की गई। बल्कि एसटीएफ ने भी सुशील कुमार कौशल से पूछताछ की। यहां तक कि बीएसए विजय प्रताप सिंह के निर्देश पर सुशील के सभी अभिलेखों की ऑनलाइन जांच कराई गई। यही नहीं एक टीम को फिरोजाबाद भेजा गया। जहां सुशील कुमार कौशल वर्तमान में अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। दूसरी टीम को कानपुर भी भेजा गया। जहां सुशील का स्थायी पता है। सभी जगह सुशील कुमार कौशल के दस्तावेज सही होने की पुष्टि हुई।


 शनिवार को सुशील कुमार कौशल अपने मूल अभिलेखों के साथ बीएसए कार्यालय में उपस्थित हुए। उनसे यहां बीएसए और उनकी टीम ने पूछताछ भी की। बीएसए ने बताया कि कुरावली में तैनात सुशील कुमार कौशल के अभिलेख सही पाए गए हैं। आरोपी ने इनके नाम से फर्जीवाड़ा कर जनपद फर्रुखावाद में नौकरी हासिल की है।

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार 


प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है


सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है। कर्नलगंज पुलिस भी जल्द ही कानपुर जाकर फर्जी अनामिका के बारे में जांच-पड़ताल करेगी।



प्रयागराज की तरह अलीगढ़ पुलिस भी फर्जी अनामिका की जांच कर रही है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम ने जौनपुर के एक शख्स को पकड़ा तो कई जानकारी मिली। अलीगढ़ पुलिस ने जांच करते हुए कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी स्कूल में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही थी। उसके रिश्तेदार ने जौनपुर के पुष्पेंद्र की मदद से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। 


बबली के बयान के आधार पर कर्नलगंज पुलिस मान रही है कि वह सरिता यादव हो सकती है। मगर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने अपनी एफआइआर में रीना नाम से निवास प्रमाण पत्र लगाने की बात कही है। ऐसे में पुलिस अब रीना के साथ सरिता के मामले भी जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि शनिवार को कानपुर देहात की पुलिस फर्जी अनामिका के घर गई थी, लेकिन वह नहीं मिली। विवेचक को कानपुर भेजा जाएगा और अलीगढ़ से पूछताछ में दिए गए बयान की कॉपी ली जाएगी।

कासगंज में कस्तूरबा की फर्जी वार्डन और शिक्षिका पर मुकदमा


कासगंज में कस्तूरबा की फर्जी वार्डन और शिक्षिका पर मुकदमा


अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्जी नियुक्ति के बाद कस्तूबा विद्यालयों में दो और फर्जी नियुक्तियों के मामले मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। जांच में परत दर परत विभागीय लापरवाही उजागर हो रही है। बीएसए की ओर से मैनपुरी की महिला शिक्षिका लक्ष्मी के नाम से फर्जी नौकरी करने वाली शिक्षिका और फर्जी बीएड डिग्री से वार्डन पद पर नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका के खिलाफ सोरों और अमांपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस ने देर शाम दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस प्रकार अब तक दो फर्जी टीचरों व एक वार्डन पर मकदमा दर्ज हो चुका है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।


बीएसए अंजली अग्रवाल ले बताया कि अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्जी नियुक्ति का मामले में जांच रही है। उसी दौरान मैनपुरी की लक्ष्मी के नाम पर फर्जी रूप से महिला नियुक्ति पाकर नौकरी पाने का मामला सामने आया है। यह मामला तत्कालीन बीएसए गीता वर्मा के समय वर्ष 2016 का है। फर्जी नौकरी करने वाली शिक्षिका लॉकडाउन होने के बाद से ही गायब है। बीएसए ने बताया कि उसके खिलाफ अमांपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेजी दी गई है। बीएसए के मुताबिक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय फरीदपुर में ही एक वार्डन की नियुक्ति हुई थी। एसआईटी की जांच में उसकी बीएड की डिग्री फर्जी पाये जाने के बाद वार्डन चित्रा शर्मा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए सोरों कोतवाली में तहरीर भेजी गई थी।


जांच समिति से हटाये गये डीसी बालिका शिक्षा :कासगंज। कस्तूबा आवासीय विद्यालय की जांच समिति में सदस्य डीसी(जिला समन्वयक) बालिका शिक्षा गौरव सक्सैना पर ही एक फाइल को लेकर तत्कालीन डीसी बालिका शिक्षा जीएस राजपूत ने मौखिक आरोप लगा दिया। इसके बाद बीएसए ने तत्काल जांच समिति से गौरव सक्सैना को हटाते हुए उनकी जगह हाल ही में ज्वाइन करने वाले डीसी महेश कुमार सिंह को जांच समिति में सदस्य बतौर रखा है।


बीएसए अंजली अग्रवाल ले बताया कि, जांच में घेरे में आए तत्कालीन जिला समान्वयक जीएस राजपूत ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि अनामिका शुक्ला की नियुक्त आवेदन फाइल में अनामिका का फोटो लगा हुआ था। उसकी फाइल गौरव सक्सैना को चार्ज में दी गई हैं। ऐसे में सदस्य पर ही सवाल उठने पर बीएएस ने जांच को निष्पक्ष रखने के लिए सदस्य गौरव सक्सैना को जांच से अलग कर दिया।


लक्ष्मी के नाम पर नियुक्ति की भी जांच शुरू :कस्तूरबा विद्यालयों से संबंधित जांच करने वाली समिति ने मैनपुरी की लक्ष्मी के नाम पर फर्जी नियुक्ति प्रकरण में भी शनिवार से जांच शुरू हो गई। बीएसए ने बताया कि इस प्रकरण में दो सदस्यीय जांच समिति जांच कर रही है। इसमें जांच समिति संबंधित लोगों को नोटिस देकर जांच की कार्यवाही आगे बढ़ा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यक्रम की जाएगी।