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Sunday, June 14, 2026

केंद्रीय विद्यालयों कक्षा छह और कक्षा नौ में संस्कृत का एक सेक्शन अनिवार्य

केंद्रीय विद्यालयों कक्षा छह और कक्षा नौ में संस्कृत का एक सेक्शन अनिवार्य


नई दिल्ली। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा छह और कक्षा नौ में संस्कृत का कम से कम एक सेक्शन अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्णय लिया है। 


शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा 29 मई को जारी परिपत्र में कहा गया है कि सभी विद्यालयों को तीसरी भाषा (आर-3) के चयन की प्रक्रिया छात्रों और अभिभावकों से पूरी कर लेनी चाहिए। नए प्रावधान के अनुसार, तीसरी भाषा के रूप में छात्र संस्कृत या अपने राज्य/क्षेत्र की किसी अनुसूचित भाषा का चयन कर सकते हैं। यह भाषा पहली भाषा (हिंदी) व दूसरी (अंग्रेजी) से अलग होगी।

Monday, June 3, 2024

केंद्रीय विद्यालयों में अब यूथ पार्लियामेंट और ई-क्लासरूम पर रहेगा जोर, पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक होगा उपयोग

केंद्रीय विद्यालयों  में अब यूथ पार्लियामेंट और ई-क्लासरूम पर रहेगा जोर, पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक होगा उपयोग


लखनऊ। केंद्रीय विद्यालय संगठन के विद्यालय आने वाले समय में पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक उपयोग करेंगे। निरालानगर स्थित होटल में चल रहे केंद्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग के तीन दिवसीय वार्षिक प्राचार्य सम्मेलन के दौरान सहायक आयुक्त विजय कुमार ने यह जानकारी दी।


विजय कुमार ने सभी केंद्रीय विद्यालयों को अपनी वेबसाइट अपडेट करने के साथ ही तकनीक आधारित शिक्षा के तहत ई क्लासरूम को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही यूथ पार्लियामेंट, ग्रीन स्कूल, विद्यांजलि, तरुण-उत्सव तथा प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों को भी नियमित रूप से आयोजित करने के लिए कहा। 


नई दिल्ली के सहायक आयुक्त मनोज कुमार पांडेय ने पीएमश्री योजना और उसके प्रयोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लखनऊ संभाग के 32 केंद्रीय विद्यालयों को पीएमश्री योजना में सम्मिलित किया गया है। पीएमश्री विद्यालय सभी विद्यालयों के लिए एक आदर्श स्कूल के रूप में स्थापित किए जाने हैं। यहां पर बच्चों के लिए अच्छे संसाधन के साथ ही प्रशिक्षित अध्यापक होंगे। लखनऊ संभाग की सहायक आयुक्त महोदय अर्चना जायसवाल ने विषय-वार एवं विद्यालय-वार परीक्षा परिणाम पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। 

Sunday, April 14, 2024

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई के नए मानक, अब प्रत्येक कक्षा में 40 की जगह 32 बचे ही होंगे

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई के नए मानक, अब प्रत्येक कक्षा में 40 की जगह 32 बचे ही होंगे


प्रयागराज। केंद्रीय विद्यालयों की कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या में कमी कर दी गई है। अब किसी भी कक्षा में 32 से अधिक बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पहले यह मानक 40 बच्चों का था। इस बदलाव से अभिभावकों में नाराजगी है। इस कारण कक्षा एक के अलावा अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं हो रहा है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यह बदलाव किया गया है।


सैन्यकर्मियों के बच्चों का इन विद्यालयों में प्राथमिकता में प्रवेश हो जाता है। उसके बाद रिक्त सीटों पर अन्य वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इस बार प्रवेश की गाइडलाइन जारी हुई तो पूर्व के सापेक्ष प्रत्येक कक्षा में बच्चों की संख्या कम कर दी गई है। केवल कक्षा एक में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। कक्षा दो से 11वीं तक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए फार्म नहीं दिए जा रहे हैं। कई विद्यालयों ने दो से ऊपर की कक्षाओं में प्रवेश न होने का बोर्ड लगा दिया है।


प्राचार्यों ने बताया कि पहली कक्षा में विद्यार्थियों का मानक 40 का था। हर वर्ष प्रत्येक कक्षा में औसतन चार या पांच बच्चों के अभिभावकों के तबादले के कारण स्कूल छोड़ते थे तो उनके स्थान पर दूसरे बच्चों को प्रवेश मिल जाता था। इस बार कक्षा का मानक कम कर दिया है। अब कुछ बच्चे स्कूल छोड़ेंगे, तब भी कक्षा की क्षमता 32 से अधिक रहेगी। उन्होंने बताया कि अब केवल केवल कक्षा एक में ही प्रवेश हो रहा है। उसके लिए आनलाइन आवेदन 15 अप्रैल तक लिया जाएगा। प्रवेश का परिणाम 22 अप्रैल को जारी कर दिया जाएगा। 30 जून तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी है। 

प्रवेश के लिए भटक रहे हैं अभिभावक

केवी में प्रवेश के लिए अभिभावक परेशान हैं। धूमनगंज की सरोज देवी ने अपनी बेटी का कक्षा नौ में प्रवेश के लिए केवी न्यू कैंट, केवी मनौरी और केवी बमरौली गई लेकिन फार्म नहीं मिला। ऐसे ही कन्हईपुर के त्रिभुवन सिंह भी अपने बेटे का कक्षा पांच प्रवेश कराने के लिए भटक रहे हैं। करेली के तलहा रहमानी ने कक्षा चार में बेटे का प्रवेश करवाने के लिए कई केवी का चक्कर लगाया लेकिन फार्म नहीं मिला।

श्रेणी एक और दो को रियायत

जिस विभाग के परिसर में केंद्रीय विद्यालय है, वहां के कर्मियों के बच्चों को प्रवेश में रियायत दी है। उनके बच्चों को कक्षा एक में अधिकतम 40 की क्षमता तक और दो से 11वीं तक 45 की क्षमता तक प्रवेश दिया जाएगा।


Thursday, April 4, 2024

केंद्रीय विद्यालय में नर्सरी, LKG, UKG में भी होगा दाखिला, जानिए कैसे मिलेगा KVS बालवाटिका में एडमिशन?

केंद्रीय विद्यालय में नर्सरी, LKG, UKG में भी होगा दाखिला, जानिए कैसे मिलेगा KVS बालवाटिका में एडमिशन?


KVS Admission 2024: केंद्रीय विद्यालय संगठन ने Kendriya Vidyalaya Balvatika Admission का नोटिस जारी किया है। इसके जरिए आपके बच्चे को केंद्रीय विद्यालय बालवाटिका के तहत नर्सरी, एलकेजी यानी केजी 1 और यूकेजी यानी केजी 2 में दाखिला मिलेगा। फॉर्म ऑफलाइन भरने होंगे। kvsangathan.nic.in पर जारी डिटेल खबर में पढ़ें।


What is KVS Balvatika in hindi: क्या आप जानते हैं कि केंद्रीय विद्यालय में नर्सरी, KG 1, KG 2 में भी एडमिशन होते हैं? अक्सर आपने यही सुना होगा कि केवीएस एडमिशन क्लास 1 से शुरू होता है। लेकिन ऐसा नहीं है। केंद्रीय विद्यालयों में Nursery Admission से लेकर LKG, UKG क्लासेस में भी दाखिला लिया जा सकता है। इसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा बालवाटिका एडमिशन प्रॉसेस चलाया जाता है। एकेडेमिक सेशन 2024-25 KVS Admission के तहत बालवाटिका दाखिला प्रक्रिया का नोटिस ऑफिशियल वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जारी किया जा चुका है।


बालवाटिका को तीन भागों में विभाजित किया गया है- बालवाटिका 1 यानी नर्सरी, 
बालवाटिका 2 यानी एलकेजी (लोअर केजी) 
और
बालवाटिका 3 यानी यूकेजी (अपर केजी)


KV Balvatika Admission 2024: कब, कहां भरें बालवाटिका फॉर्म
बालवाटिका का फॉर्म ऑनलाइन नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको ऑफलाइन आवेदन करना होगा। यानी जिस स्कूल में बालवाटिका के लिए नामांकन हो रहे हैं, वहां से ही एडमिशन फॉर्म मिलेगा। हालांकि सभी के लिए अप्लाई करने की डेट समान है। क्योंकि इसका फैसला Kendriya Vidyalaya Sangathan करता है। इस साल रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल 2024 से शुरू हुआ है। लास्ट डेट 15 अप्रैल 2024 शाम 5 बजे तक है।



Kendriya Vidyalaya Admission: केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा के लिए पंजीकरण एक अप्रैल से

केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिला के लिए आनलाइन पंजीकरण कल यानी एक अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। जिसकी अंतिम तिथि 15 अप्रैल शाम पांच बजे तक रहेगी। इसके बाद स्कूल सूची जारी करने के बाद दाखिला देगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है।


KVS: केंद्रीय विद्यालयों में एक अप्रैल से शुरू होंगी दाखिले की प्रक्रिया,  15 अप्रैल रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख, देखें नोटिफिकेशन 



केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए एक अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। कक्षा एक में दाखिले के लिए एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक दाखिला कर सकेंगे। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च 2024 को न्यूनतम छह साल होनी चाहिए। बच्चे का जन्म एक अप्रैल 2018 या उससे पहले का होना चाहिए। कक्षा दो और ऊपर की कक्षाओं के लिए भी एक अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, लेकिन यह 10 अप्रैल तक ही चलेंगे। सीटें खाली होने पर ही कक्षा एक के अलावा अन्य कक्षाओं में दाखिले हो सकेंगे।

वहीं, बाल वाटिका एक, दो और तीन के लिए पहली अप्रैल से ऑफलाइन यानी स्कूलों में पंजीकरण होंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन केवीएस की वेबसाइट https://kvsagathan.nic.in/admission/ पर ही कराए जा सकेंगे।

Friday, February 16, 2024

केन्द्रीय विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प

केन्द्रीय  विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS  ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प


नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 14 लाख से अधिक छात्रों को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस ) ने बड़ी राहत दी है। वे अब अपनी फीस का भुगतान भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन पे सहित करीब चार सौ अलग-अलग प्लेटफार्मों से भी कर सकेंगे। 


अभी तक वह अपनी फीस को अलग- अलग बैंकों या फिर एनबीएफसी (नान बैकिंग फाइनेंस कंपनी) के जरिये ही आनलाइन जमा कर सकते थे। ऐसे में इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत देने वाला अहम कदम माना जा रहा है। 


केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह कदम अभिभावकों की दिक्कतों के साथ ही रिजर्व बैंक की सलाह को ध्यान में रखते हुए उठाया है। जिसमें रिजर्व बैंक ने संस्थानों से ईज आफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल इंडिया की पहल के जरिये सभी तरह के पेमेंट सिस्टम को आसान बनाने का सुझाव दिया था। 


हालांकि, इस सिस्टम को शुरू करने के पहले केवीएस ने जनवरी महीने में इसे लेकर एक ट्रायल भी किया। जिसमें सफल पाए जाने के बाद इसे अब छात्रों के लिए खोल दिया गया है। इसके तहत अब फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन-पे सहित भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े लगभग 400 एप के जरिये फीस का भुगतान किया जा सकेगा। 


गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालयों में 2013-14 तक फीस को कक्षा शिक्षकों के जरिये जमा कराने की व्यवस्था थी। जिसे 2014-15 में मोदी सरकार के आने के बाद आनलाइन किया गया। जो अलग-अलग बैंकों के जरिये ही जमा कराई जाती थी।

Thursday, November 24, 2022

KVS : संविदा पर रखे जाएंगे विशेष शिक्षक

KVS : संविदा पर रखे जाएंगे विशेष शिक्षक


 दिव्यांग बच्चों के सुचारू रूप से पठन-पाठन के लिए केंद्रीय विद्यालयों में विशेष शिक्षक रखे जाएंगे। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के निर्देश पर विशेष शिक्षकों के नियमित पद सृजित होने तक प्रत्येक विद्यालय में संविदा पर इनकी तैनाती होगी।


 30 नवंबर तक चयन की प्रक्रिया पूरी कर विद्यालयों द्वारा मुख्यालय को सूचना हर हाल में भेजनी होगी। विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के मानक भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआइ) के अनुसार होंगे। विशेष बीएड धारक ही पात्र होंगे।


केंद्रीय विद्यालयों में संविदा पर भर्ती होंगे विशेष शिक्षक


प्रयागराज : विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के मकसद से केंद्रीय विद्यालय संगठन ने महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्रीय विद्यालयों में संविदा पर विशेष शिक्षक रखने के आदेश हुए हैं। संगठन के संयुक्त आयुक्त (एकेडमिक) एनआर मुरली ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर विशेष शिक्षकों के नियमित पद सृजित होने तक प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से संविदा पर विशेष शिक्षक रखने के आदेश दिए हैं।


विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के मानक भारतीय पुर्नवास परिषद के अनुसार होंगे। संविदा शिक्षकों की तैनाती की सूचना 30 नवंबर तक मांगी गई है। इससे पहले तीन जून 2016 और चार जुलाई 2018 को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश दिए गए थे लेकिन वर्तमान में देशभर में संचालित 1225 केंद्रीय विद्यालयों में से अधिकांश में विशेष आवश्यक वाले बच्चों के शिक्षण के लिए स्पेशल एजुकेटर्स (विशेष शिक्षक) नहीं हैं।


एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 नवंबर को 987 विशेष शिक्षकों को रखने के आदेश दिए थे। वर्तमान में केंद्रीय विद्यालयों में 5625 विशेष बच्चे विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत हैं, जबकि संगठन के स्कूलों में वर्तमान में कुल 40 विशेष शिक्षक संविदा पर हैं। प्रयागराज के केवी न्यू कैंट में 57 दिव्यांग श्रेणी के हैं जबकि केवि ओल्ड कैंट में 13 बच्चे दिव्यांग हैं।


5वीं तक दस दिव्यांगों पर एक शिक्षक का प्रावधान

प्रयागराज। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक दस दिव्यांग बच्चों और छठी से आठवीं कक्षा तक 15 दिव्यांग बच्चों का नामांकन होने पर एक विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) रखने का प्रावधान है। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 21 सितंबर को अधिसूचना जारी की है जो कि सभी राज्यों पर समान रूप से प्रभावी है।