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Monday, September 29, 2025

स्कूल में दो वर्ष से शिक्षक नहीं, कारण बताए सरकार : हाईकोर्ट

स्कूल में दो वर्ष से शिक्षक नहीं, कारण बताए सरकार : हाईकोर्ट

चित्रकूट के जूनियर हाईस्कूल रैपुरा का मामला


प्रयागराज। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 6-14 साल के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध होना मौलिक अधिकार है लेकिन चित्रकूट के मानिकपुर तहसील के रैपुरा गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में दो साल से एक भी अध्यापक नहीं है। इसे लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से 27 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।


यह आदेश मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है। रैपुरा निवासी राहुल सिंह पटेल ने जनहित याचिका दायर की है कि उनके गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल जूनियर हाईस्कूल विद्यालय राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त एडेड है। इसमें शिक्षकों के नौ पद स्वीकृत हैं लेकिन दो साल एक भी अध्यापक नहीं हैं।

विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा छह में 35, कक्षा सात में 46 और कक्षा आठ में 65 बच्चों का दाखिला है। विद्यालय में तीन चपरासी के पद स्वीकृत हैं जिनमें से दो रिक्त हैं। सिर्फ रामभवन नाम का एक चपरासी कार्यरत है उसी के भरोसे विद्यालय चल रहा है।

याचिका में कहा है कि 11 अगस्त 2025 को चित्रकूट के डीएम और बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था। प्रदेश सरकार की समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली/आईजीआरएस पर भी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिवक्ता जगदीश सिंह बुंदेला के माध्यम से जनहित याचिका हाईकोर्ट में दाखिल कर अध्यापकों की नियुक्ति की मांग की। 

Tuesday, June 14, 2022

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम?

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम?


बारिश के पानी का संरक्षण अब शहरों के बड़े भवनों तक ही सीमित नहीं रहेगा। गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में भी अब वर्ष जल संरक्षण सिस्टम लगाने की तैयारी है। यह पहल निजी संस्था ने की है। इसके लिए पांच जिले बांदा, चित्रकूट, बाराबंकी, सीतापुर और वाराणसी को चिह्नित भी कर लिया गया है। इन जिलों में 100 प्राथमिक विद्यालयों में वर्षा जल संरक्षण सिस्टम लगाया जाना है।


चयनित जिलों में ये सिस्टम उन्हीं विद्यालयों में लगाया जाएगा जो डार्क एरिया में होंगे। संस्था अपने सीएसआर फंड के तहत पांच जिलों के 20-20 प्राथमिक विद्यालयों के माध्यम से ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने का काम करेगा। इसको लेकर निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राउंड वाटर के हिसाब से उन ब्लॉकों के विद्यालयों को चयनित करें जो डार्क एरिया में आते हों। चयन किए जाने वाले विद्यालय में पर्याप्त स्थान होना चाहिए।

Monday, June 6, 2022

अब प्राथमिक विद्यालयों में होगा वर्षा जल संचयन, बांदा, चित्रकूट और महोबा के 100 स्कूलों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

अब प्राथमिक विद्यालयों में होगा वर्षा जल संचयन, बांदा, चित्रकूट और महोबा के 100 स्कूलों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम



बांदा : बुंदेलखंड में बारिश का जल संरक्षित करने के लिए प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री की 100 दिन की कार्ययोजना में इसे शामिल किया गया है। चित्रकूटधाम मंडल के 100 प्राथमिक विद्यालयों में रूफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। बांदा और चित्रकूट के 35- 35 और महोबा के 30 विद्यालयों में ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इसी सत्र में इस पर काम शुरू हो जाएगा।


चित्रकूटधाम मंडल में 4586 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें तीन जिलों बांदा, चित्रकूट और महोबा के विद्यालयों में रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। बांदा से ब्लॉक वार 120 विद्यालयों को चिह्नित कर सूची प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुशवाहा को सौंपी गई है। बांदा जिले के बबेरू ब्लॉक के 16, बड़ोखर के 20, बिसंडा के 16, जसपुरा से एक, कमासिन के 20, महुआ से 16, नरैनी के 15, तिंदवारी के 16 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं।


प्राथमिक विद्यालयों में रूफ रेन वाटर हारवेसिस्टंग सिस्टम लगाए जाने के लिए विद्यालयों को चिन्ति कर सूची कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को सौंप दी है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। रामपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा।

Monday, January 25, 2021

चित्रकूट : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

चित्रकूट : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी।

Saturday, December 26, 2020

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश


 

Wednesday, July 29, 2020

चित्रकूट मण्डल : चार फीसदी पर अटकी राशन और कन्वर्जन कास्ट की योजना, छह लाख में से 24 हजार बालकों को ही मिल पाया लाभ

चित्रकूट मण्डल : चार फीसदी पर अटकी राशन और कन्वर्जन कास्ट की योजना, छह लाख में से 24 हजार बालकों को ही मिल पाया लाभ।

बांदा : लॉकडाउन के दौरान बंद परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को घर बैठे राशन व पैसा देने की योजना चित्रकूट धाम मंडल में परवान नहीं चढ़ पाई। महज चार फीसदी बच्चों को ही योजना का लाभ मिला है। चारों जनपदों में छह लाख बच्चों में सिर्फ 24 हजार बच्चों को ही पैसा और राशन मिला है। अधिकारी बजट का अभाव बता रहे हैं।




प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 24 मार्च से 26 जून तक बंद रहे परिषदीय स्कूलों के पहली कक्षा से 8वीं तक के बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत 76 दिन के मिड-डे मील का राशन और कन्वर्जन कास्ट का पैसा देने के निर्देश दिए थे। चित्रकूट धाम मंडल के चारों जनपदों में 9,684 विद्यालय हैं। इनमें 6,03,880 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल बंद रहने के दौरान मिड-डे मील के राशन और कन्वर्जन कास्ट का लाभ सिर्फ 24,603 बच्चों को मिल पाया है। यह मात्र चार फीसदी है। 5,79,277 बच्चे राशन व पैसा पाने से वंचित हैं। परिषदीय व प्राइमरी स्कूल के प्रत्येक बच्चे को 76 दिन का राशन कुल 7 किलो 600 ग्राम और कन्वर्जन कास्ट प्रति बालक 4.14 रुपये की दर से तथा जूनियर में 11 किलो 400 ग्राम राशन और कन्वर्जन कास्ट प्रति बालक 5.66 रुपये की दर से दी जानी है। राशन कोटे की दुकान से मिलेगा। कन्वर्जन कास्ट का पैसा खाते में भेजा जाएगा।

लॉकडाउन में स्कूलों के बंद रहने की अवधि के मिड-डे मील के लिए शासन ने फिलहाल कुल 40 फीसदी बजट दिया है। यह खर्च किया जा चुका है। शेष बजट के लिए शासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है।

गंगा सिंह राजपूत, अपर निदेशक (बेसिक शिक्षा) चित्रकूट धाम मंडल, बांदा