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Sunday, August 2, 2026

यूपी में 25 हजार निजी माध्यमिक स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों की बनेगी सेवा नियमावली

यूपी में 25 हजार निजी माध्यमिक स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों की बनेगी सेवा नियमावली

 ● बिना वाजिब कारण बताए शिक्षकों को नहीं हटा सकेंगे

● निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी

01 अगस्त 2026
लखनऊ ।  राज्य सरकार यूपी के 25 हजार निजी माध्यमिक स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने जा रही है। इसके लिए सेवानियमावली बनाई जाएगी।

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। इसकी देखरेख में सेवा नियमावली बनाई जाएगी। इसके बाद बिना वाजिब कारण के शिक्षकों को नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा। नियमावली बनने के बाद निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।

इससे प्रबंधतंत्र की मनमानी पर रोक लगेगी और निजी स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती का रास्ता साफ होगा। अर्हता व योग्यता पूरी किए बिना निजी स्कूलों में शिक्षक नहीं पढ़ा सकेंगे। प्रबंधतंत्र को शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देना होगा और आधार लिंक बैंक खाते में वेतन देना होगा। नियमावली में छुट्टियों से लेकर उनकी सेवा को सुरक्षित रखना का भी प्रावधान होगा। 

निजी माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाए जाने को लेकर सात सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप सचिव चंद्र प्रकाश मिश्र की ओर से जारी किया गया है। कमेटी में सदस्य सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव बनाए गए हैं। 


तय किया जाए न्यूनतम वेतन: शिक्षक संघ

उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा कहते हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का न्यूनतम वेतन तय कर दिया गया है। इसलिए निजी विद्यालयों के संसाधनों व छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों का न्यूनतम वेतन तय किया जाए। शिक्षकों को अभी बहुत कम वेतन मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो 5000-6000 रुपये ही दिए जाने की जानकारी मिल रही है। अच्छे कॉन्वेंट स्कूलों में 50 हजार व उससे अधिक वेतन मिलता है।




वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली तैयार किए जाने की प्रक्रिया ने पकड़ी गति,  30 जुलाई को हुई अहम बैठक, शासन ने अधिकारियों को किया तलब

29 जुलाई 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली तैयार किए जाने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस संबंध में 30 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:00 बजे उत्तर प्रदेश सचिवालय स्थित नवीन भवन के सभागार में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-7 द्वारा जारी पत्र के अनुसार, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने हेतु पूर्व में गठित सात सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया जा चुका है। इसी क्रम में समिति की बैठक आयोजित की जा रही है।

बैठक में विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ सहित संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिक्षा निदेशक को वित्तविहीन संस्थाओं एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के मामलों से जुड़े दो नामित प्रतिनिधियों को आवश्यक अभिलेखों और सुझावों सहित बैठक में शामिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भी वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली के संबंध में सभी प्रासंगिक अभिलेखों एवं सुझावों के साथ प्रस्तुतीकरण तैयार कर बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया है।

शासन का मानना है कि इस बैठक में प्राप्त सुझावों और अभिलेखों के आधार पर वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली के प्रारूप को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।


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