
Friday, June 29, 2018
Thursday, December 28, 2017

गोरखपुर : बच्चों को पढ़ाने के लिए बनेंगे एक्टिविटी कार्ड, पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इसे इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, बदायूं, में किया जाएगा लागू
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा को आसानी से ग्राह्य बनाने के लिए नित नए उपाय किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कक्षा एक एवं दो के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तक व लर्निग आउटकम के आधार पर एक्टिविटी कार्ड (गतिविधि कार्ड) तैयार किया जा रहा है। इस कार्ड को आकर्षक बनाया जाएगा, जिससे बच्चों को आसानी से समझ आ सके। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित ऋषि वैली मॉडल की तर्ज पर इस नई व्यवस्था को तैयार किया जा रहा है। 18 से 22 दिसंबर तक लखनऊ के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) के क्वालिटी सेल में कार्यशाला का आयोजन कर इस नई व्यवस्था पर मंथन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश से कुल 14 लोगों ने भाग लिया, जिसमें सात लोग ऋषि वैली जाकर अध्ययन करने वाले दल में शामिल रहे हैं। इस कार्यशाला में एक्टिविटी कार्ड के प्रारूप पर चर्चा की गई। कार्ड को बनाने के लिए चार टीमें बनायी गई हैं। दो टीम कक्षा एक तथा दो टीमें कक्षा दो के हिन्दी व गणित विषय के आधार पर कार्ड तैयार करने के लिए लगायी गई थीं। इनमें से एक टीम गोरखपुर डायट के प्रवक्ता जयप्रकाश ओझा के नेतृत्व में बनायी गई थी। इसमें ब्रह्मपुर ब्लाक के शिक्षक अभय कुमार पाठक भी शामिल हैं।
एक्टिविटी कार्ड से यह होगा फायदा: हर कक्षा में बच्चों की मानसिकता का स्तर अलग-अलग होता है। शिक्षक द्वारा पढ़ाने पर सभी बच्चे नहीं सीख पाते। ऐसे में एक्टिविटी कार्ड उनके लिए काफी लाभदायक होगा। इससे रुचिपूर्ण शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा पाठ्यक्रमों की नीरसता को दूर भी किया जा सकेगा। प्रत्येक बच्चे को शिक्षण सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि किसी कारण से पाठ्य पुस्तक देर से मिली तो उनके पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार एक्टिविटी कार्ड से बच्चे पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पांच दिनों तक चली कार्यशाला में एक्टिविटी कार्ड बनाया गया है और इसे प्रिंट किया जा रहा है। जनवरी महीने में होने वाली दूसरे चरण की कार्यशाला में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इसे इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, बदायूं, में लागू किया जाएगा।
Thursday, December 7, 2017
Friday, November 10, 2017
Tuesday, December 6, 2016

रामपुर : खंड शिक्षाधिकारी ने किया विद्यालयों का निरीक्षण, टीएलएम व माडल्स के साथ पढ़ने पर जोर
खंड शिक्षाधिकारी ने क्षेत्र के दर्जनों प्राथमिक विद्यालय एवं जूनियर हाइस्कूलों का शिक्षण कार्य एवं स्कूलों के रखरखाव का जायजा लिया। सोमवार को खंड शिक्षाधिकारी सिददीक अहमद ने मिलक खानम क्षेत्र के लगभग एक दर्जन प्राथमिक विद्यालय एवं जूनियर हाइस्कूलों में नवाचार एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण कार्यशाला के तहत शिक्षण कार्य देखा और साथ ही स्कूलों के रखरखाव का भी जायजा लिया। उन्होंने अध्यापकों को हिदायत दी कि बच्चों को अच्छी तरह से शिक्षा दें। उन्होंने न्याय पंचायत शादीनगर हजीरा के गांव मनुल्लापुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नवाचार एवं गुणवत्ता पूर्व कार्यशाला में शिक्षण कार्य देख उन्होंने कक्षाओं में खुद पढ़ाकर दिखाया। साथ ही बीआरपी ने भी कक्षाओं में पढ़ाते हुए शिक्षकों को भी टीएलएम चित्रों पर माडल्स के साथ पढ़ने पर जोर दिया। बच्चों ने भी शिक्षा के प्रति रुचि दिखाई। मिडडे मिल की भली-भांति जानकारी लेकर मीनू के मुताबिक बच्चों को भोजन देने के निर्देश दिए। उन्हें निरीक्षक के दौरान अनियमितताएं मिलीं


