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Tuesday, October 19, 2021

बदलाव : कोरोनाकाल में सरकारी स्कूलों में बढ़े विद्यार्थी, निजी स्कूलों की फीस के बोझ से बचने के लिए बच्चों ने बदला स्कूल

बदलाव : कोरोनाकाल में सरकारी स्कूलों में बढ़े विद्यार्थी, निजी स्कूलों की फीस के बोझ से बचने के लिए बच्चों ने बदला स्कूल


345 विद्यार्थी बढे शिवचरण दास कन्हैया लाल इंटर कालेज में।
348 बच्चे बढ़े जीआइसी में।
212 विद्यार्थी बढ़े जीजीआइसी में।

प्रयागराज : कोरोना काल में तमाम बदलाव देखने को मिले। एक सुखद बदलाव यह भी दिखा की तमाम लोगों ने अपने बच्चों के प्रवेश सरकारी स्कूलों में कराए। इससे सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। हालांकि, यह बदलाव उन जगहों पर अधिक दिखा जहां अंग्रेजी माध्यम की 212 कक्षाएं चलती थीं।


जीआइसी के प्रधानाचार्य बीके सिंह ने बताया कि सत्र 2020 में कक्षा नौ, 10, 11 और 12वीं में कुल विद्यार्थी 2863 थे, जबकि सत्र 2021 में यह संख्या 3211 पहुंच गई। यदि अंग्रेजी माध्यम की बात करें तो सत्र 2020 में कक्षा 11 और 12वीं में कुल 488 विद्यार्थी थे। 2021 में यह संख्या 635 पहुंच गई। छोटी कक्षाओं में भी इसी तरह की बढ़ोतरी हुई है। जीजीआइसी कटरा की प्रभारी प्रधानाचार्य बीना गौतम ने भी बताया कि पिछले सत्र की तुलना में विद्यार्थी हैं। इनमें से तमाम निजी स्कूलों को छोड़कर दाखिला लिए हैं। अंग्रेजी माध्यम में 35 विद्यार्थी बढ़े हैं, जबकि हिंदी माध्यम में 177 छात्राओं की वृद्धि हुई है। शिवचरण दास कन्हैया लाल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य लालचंद पाठक ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम में 2020 में कुल 114 विद्यार्थी थे। 2021 में 142 पहुंच गए हैं। प्राथमिक कक्षाओं में अधिक विद्यार्थी बढ़े हैं। पिछले सत्र में मात्र 165 विद्यार्थी थे, जबकि वर्तमान सत्र में 345 विद्यार्थी हो गए हैं। जूनियर कक्षाओं में यह आंकड़ा 275 से बढ़कर 450 पहुंच चुका है। कक्षा नौ से 12वीं तक में पिछले सत्र में 769 विद्यार्थी थे जब कि इस बार 778 विद्यार्थी हैं।


◆ मेरी बेटी पहले निजी स्कूल में पढ़ती थी। वहां शुल्क अधिक था। कोरोना काल में कक्षाएं भी नियमित नहीं चल रही थीं जिसकी वजह से मैने बेटी का प्रवेश जीजीआइसी में करा दिया। यहां फीस कम है अब कक्षाएं भी ठीक चल रही हैं।

- अविनाश कुमार पांडेय, अभिभावक

◆ मेरी बेटी हिंदी माध्यम की कक्षा 11 की छात्रा है। पहले वह एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। कोरोना काल में भौतिक कक्षाएं बंद हुई तो मैने उसका प्रवेश केपी गर्ल्स कालेज में करा दिया। पढ़ाई करीब करीब सभी जगहों पर एक सी है। कम से कम फीस की बचत हो रही है।

-कमलेश रावत, अभिभावक

Monday, March 8, 2021

फतेहपुर : बदहाली से जूझ रहे जिले के परिषदीय विद्यालय, कायाकल्प योजना के तहत नहीं कराए गए काम

फतेहपुर : बदहाली से जूझ रहे जिले के परिषदीय विद्यालय, कायाकल्प योजना के तहत नहीं कराए गए काम

फतेहपुर : कायाकल्प योजना का सच जिले में परिषदीय स्कूलों को देख कर लगाया जा सकता है। हालात ये हैं कि स्कूलों का कायाकल्प कराने में सिर्फ खानापूरी की गई है। लाखों का बजट खर्च होने के बावजूद स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। मरम्मत के अभाव में शौचालय खराब पड़े हैं, ऐसे में छात्र-छात्राओं को खुले में शौच जाना मजबूरी है।


देवमई ब्लाक के प्राथमिक स्कूल कपरिया ऊसर में कायाकल्प योजना से कुछ भी काम नहीं कराया गया है। यहाँ शौचालय खुले पड़े हैं, इनमें मिट्टी और ईंट के टुकड़े भरे हैं। स्कूल का हैंडपंप खराब है। स्कूल खुल गए हैं, लेकिन बच्चों को पीने का पानी घरों से लाना पड़ रहा है। एमडीएम बनाने के लिए रसोइया भी दूर स्थित हैंडपंप से पानी भर कर लाती हैं।

असोथर के प्राथमिक विद्यालय सरकंडी का शौचालय कंडम है। शौचालयों में पानी की व्यवस्था भी नहीं है स्कूल के एक भी कमरे में टाइल्स नहीं लगाए गए हैं। किसी भी विद्यालय में हैंडवास यूनिट नहीं है। अतिरिक्त कक्ष की बैठ गई फर्श : प्राथमिक विद्यालय सरकंडी में 2009-10 में बने अतिरिक्त कक्षा भवन की फर्श टूट गई है। दरवाजे खिड़की क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रंगाई पुताई न होने के कारण कक्ष खंडहर होता जा रहा है।

अधूरे काम पूरा कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही स्कूलों की स्थिति की बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

बजट के अभाव से स्कूलों में अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं हो पाया है, एक साल से सामुदायिक शौचालय बनवाने पर जोर था। अब ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया है - अजय आनंद सरोज, डीपीआरओ


Monday, December 14, 2020

फतेहपुर : पांच सौ बीस परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व खत्म, बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों की बनाई तीन श्रेणियां।

फतेहपुर : पांच सौ बीस परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व खत्म, बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों की बनाई तीन श्रेणियां।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने 520 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। एक परिसर में बने एक से अधिक स्कूलों को मिलाकर कंपोजिट विद्यालय बनाने से परिषदीय स्कूलों की संख्या कम हो गई है।


अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों को दो श्रेणियों में बांट रखा था, लेकिन अब तीन श्रेणियां बना दी गई हैं। पूर्व में जिलेभर में 1903 कक्षा एक से पांच तक संचालित होने वाले प्राथमिक स्कूल और कक्षा छह से आठ तक संचालित होने वाले 747 उच्च प्राथमिक स्कूल मिलाकर कुल स्कूलों की संख्या 2650 थी। अब यह संख्या घटकर 2130 रह गई है।

परिषदीय स्कूलों की तीन श्रेणियां बना दी गई हैं। इनमें कक्षा एक से पांच तक संचालित होने वाले 1384 प्राथमिक, कक्षा छह से आठ तक संचालित होने वाले 266 उच्च प्राथमिक स्कूल होंगे, जबकि कक्षा एक से लेकर आठ तक संचालित परिषदीय स्कूलों को कंपोजिट विद्यालय का दर्जा दिया गया है।


बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक परिसर में एक से अधिक स्कूलों का विलय करके एक स्कूल बनाकर कंपोजिट स्कूल बना दिया गया है। इसमें वरिष्ठतम शिक्षक प्रधानाध्यापक होगा। सभी वित्तीय अधिकार प्रधानाध्यापक के पास होंगे इस तरह से 2650 से घटकर परिषदीय स्कूलों की संख्या 2130 रह गई है।

Tuesday, September 15, 2020

फतेहपुर : ग्राम सभा करेंगी स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान

फतेहपुर : ग्राम सभा करेंगी स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान।

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों को ग्राम पंचायतों की संपत्ति मानकर उनके बिजली के बिलों का भुगतान करना होगा। शासन ने पंचायतराज विभाग की ओर से इसके क्रियान्यवन के निर्देश दिए हैं। नए नियम से जहां बेसिक शिक्षा विभाग को राहत मिलेगी वहीं ग्राम पंचायतों पर खर्च का बोझ बढ़ेगा।



बेसिक शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद 2129 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनका भुगतान अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाता रहा है। विभाग पर करीब चार करोड़ का बिजली का बिल बकाया चल रहा है। इसको अदा करने के लिए अब शासन ने नया तरीका निकाला है। शिक्षा महानिदेशक ने इस अदायगी को ग्राम पंचायतों से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बिजली के बिल की अदायगी के लिए शासन से पंचायतीराज विभाग को पत्र भेजा गया है। विभाग में इस मद में अब धन नहीं मिलेगा।

संविलियन के बाद विद्यालय कम, कनेक्शन ज्यादा

पहले जिले में 2650 विद्यालय संचालित थे। संविलियन के बाद इनकी संख्या 2129 रह गई है। ऐसी स्थिति में एक कैंपस में दो-दो बिजली के कनेक्शन कागजों पर चल रहे हैं। विभाग के लिए यह चिता का विषय बना हैं। असल में तमाम विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कनेक्शन ही नहीं हैं, लेकिन बिजली का बिल आ रहा है। उनकी देनदारी बढ़ती जा रही है।


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Monday, August 31, 2020

फतेहपुर : सौ परिषदीय स्कूलों में लगेंगे सोलर प्लांट, बिजली के साथ पीने के लिए मिलेगा शुद्ध पानी

फतेहपुर : सौ परिषदीय स्कूलों में लगेंगे सोलर प्लांट, बिजली के साथ पीने के लिए मिलेगा शुद्ध पानी।

फतेहपुर। जिले के 100 परिषदीय स्कूलों में शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था में तीन करोड़ खर्च किया जाएगा। इसके लिए सोलर एनर्जी प्लांट लगाए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में करीब तीन लाख की लागत से सोलर एनर्जी प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है।




जिले के 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मिलाकर कुल 100 परिषदीय विद्यालय सुविधा के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। प्रत्येक स्कूल में तीन बड़े पैनल, पांच पंखे, ओवरहेड टैंक और सबमर्सिबल पंप लगाए जाने का प्रावधान है। सोलर एनर्जी प्लांट लगने के बाद इन स्कूलों में दिन के समय बिजली आपूर्ति मिलेगी। इसी के साथ आरओ का शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन ने सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए सीधे नेडा को बजट दे दिया है। कार्यदायी संस्था ने प्लांट लगाने  का काम प्रारंभ कर दिया है। यह काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा।




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Wednesday, August 12, 2020

फतेहपुर : 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का होगा चयन, विद्यालय के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान

फतेहपुर : 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का होगा चयन, विद्यालय के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान।

सभी 13 ब्लॉकों से पांच-पांच स्कूलों का होगा चयन

उत्कृष्ट स्कूल के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान


फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग जिले में 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन करेगा। इन स्कूलों के सर्वाधिक क्रियाशील एक शिक्षक को पांच सितंबर को डीएम सम्मानित करेंगे। इससे पहले जिले में 357 उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन हो चुका है। उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन के लिए बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने-अपने ब्लाक से पांच-पांच स्कूलों की सूची मांगी है। चयनित विद्यालयों की पत्रावली 14 अगस्त को बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा।



उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन की व्यवस्था 2017-18 से लागू हुई है। इस सत्र में कुल 93 उत्कृष्ट विद्यालय चयनित हुए थे। 2018 19 में 264 उत्कृष्ट विद्यालय का चयन किया गया था। इस तरह से वर्तमान समय में जिले में कुल 357 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। चालू सत्र में प्रति ब्लाक पांच उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन किया जाना है। इसके लिए बीएसए ने सभी बीईओ को मंगलवार को पत्र जारी कर दिया है।

उत्कृष्ट विद्यालय के मानकों में पौधरोपण भी  :: 2018-19 और 2019-20 के नामांकन में वृद्धि के प्रतिशत के से दिसंबर तक वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक के साथ फर्नीचर आदि। नवाचार एवं साथ छह से 14 वर्ष के बच्चों की कुल जनसंख्या के सापेक्ष विद्यालयों में अधिकतम नामांकन। नामांकन के सापेक्ष अक्तूबर उपस्थिति में वृद्धि का तुलनात्मक विवरण प्रतिशत में। पिछले सत्र की परिणाम सीट। भौतिक वातावरण में विद्यालय का परिवेश जैसे रंगाई पुताई, पेयजल, टाइल्स, पौधरोपण, आईसीटी विधि से बच्चों की पढ़ाई। यह सभी मानक पूरे करने वाले स्कूल उत्कृष्ट विद्यालयों की श्रेणी में शामिल होंगे।


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