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Wednesday, September 23, 2020

फतेहपुर : अब अभिभावक स्कूल जाकर लेंगे होमवर्क, मिशन प्रेरणा ई-पाठशाला का द्वितीय चरण 21 सितम्बर से शुरू

फतेहपुर : अब अभिभावक स्कूल जाकर लेंगे होमवर्क, मिशन प्रेरणा ई- पाठशाला का द्वितीय चरण 21 सितम्बर से शुरू।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को कोरोना संकटकाल में शिक्षा देने के लिए एक और नई कवायद शुरू हो गई है। अब विद्यालयों में ई-पाठशाला के तहत अभिभावकों के साथ गोष्ठी की जाएगी।कोविड-19 की गाइड लाइनों का पालन करते हुए गोष्ठी की जा रही है। 10 से अधिक अभिभावकों को एक बार में नहीं बुलाया जाएगा। 


जिसमें परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों की जगह अभिभावक स्कूल जाएंगे। अभिभावक स्कूल में शिक्षकों होमवर्क भी लेंगे और अपने बच्चों को होमवर्क कराने में मदद करेंगे। संसाधनों के अभाव में जो बच्चे शिक्षा से दूर हैं, ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। कोरोना संकट के कारण स्कूली छात्र- छात्राओं की नियमित पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित है।


इसके लिए विद्यालयों में पठन पाठन की जो ऑनलाइन व्यवस्था की गई है वह परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रही है। कारण है कि तमाम अभिभावकों के पासएंड्रायड फोन नहीं हैं। जिसके पास फोन हैं भी वह सही से ऑनलाइन वर्क को समझ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। 


परिषदीय स्कूलों में मिशन प्रेरणा की पाठशाला का दूसरा चरण 21 सितंबर से शुरू किया गया है। जिसमें उन अभिभावकों को स्कूल बुलाने की तैयारी की जा रही है जो व्हाट्सएप ग्रुप से नहीं जुड़े हैं। संसाधन के अभाव में मोबाइल आदि की व्यवस्था न कर पाने वाले बच्चों के अभिभावकों में किसी पढ़े लिखे सदस्य माता, पिता, भाई, बहन, चाचा, चाची को सप्ताह में एक दिन स्कूल बुलाकर पूरे सप्ताह का होमवर्क दिया जाएगा। जिससे कि यह होमवर्क बच्चों को कराया जा सके।

इस दौरान डीसी अशोक त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय में एक दिन शिक्षक एक एक घंटे बांटकर अभिभावकों को स्कूल आने की अपील कर रहे हैं। कोविड-19 की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए गोष्ठी की जा रही है। 10 से अधिक अभिभावकों को एक बार में नहीं बुलाया जाएगा।

Tuesday, September 22, 2020

फतेहपुर : अंतर जनपदीय स्थानांतरण में 1038 शिक्षक जाएंगे जनपद से बाहर

फतेहपुर : अंतर जनपदीय स्थानांतरण में 1038 शिक्षक जाएंगे जनपद से बाहर।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया को हरी झंडी मिलने से आवेदक शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरे खिल गए हैं। इस आदेश से जिले के 1038 शिक्षक शिक्षिकाओं को लाभ मिलेगा। यह अलग बात है कि जिले को शिक्षक संख्या का नुकसान होगा। 

प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कानपुर महानगर सहित आसपास के जिलों के युवक युवतियां बेरोजगारी दूर करने के लिए नौकरी तो ज्वाइन कर लेते हैं। इसके स्थानांतरण की जुगत भिड़ाते रहते हैं। स्थानांतरण नीति आते ही वह तबादले पर अपने जिलों को चले जाते हैं। बीते सालों में गौर करें तो जिले से 456 शिक्षक तबादले पर गए थे और आने वालों की संख्या 39 रही है। 


जानकार कहते हैं कि 1038 शिक्षकों की भरपाई आने वालों से नहीं होगी। इसलिए तबादला नीति से जिले को नुकसान होना तय है।

Sunday, September 20, 2020

फतेहपुर : स्कूलों में होगी डिजिटल अवस्थापना

फतेहपुर : स्कूलों में डिजिटल अवस्थापना होगी।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में अब कंप्यूटर, प्रोजेक्ट में स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक सहभागिता का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा विद्यालयों को गोद लेने के लिए कहा गया है। अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर डीएम संजीव सिंह ने पत्र जारी कर विभिन्न वर्गों से सहयोग की अपील की है। 

 अपर मुख्य सचिवद्वारा दिशा निर्देशों के तहत डीएम ने पत्र जारी कर बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के संचालितप्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विकास के लिए उसे गोद लिए जाने तथा बेसिक शिक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए इच्छुक संगठन एवं संस्थाओं के लिए सिद्धांत निर्धारित किए गए हैं। कहा कि अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल अवस्थापना, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी आदि न होने के कारण छात्र छात्राएं डिजिटल लर्निंग के तहत शिक्षा से वंचित हैं। विद्यालयों के शैक्षणिक परिवेश में गुणात्मक वृद्धि के लिए ग्राम पंचायत की निधियों से सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से व्यवस्था किया जाना है।

Friday, September 18, 2020

फतेहपुर : निकायक्षेत्र में नहीं रखी गई ऑपरेशन कायाकल्प की ईंट, बदहाली के आंसू बहा रहे स्कूल

फतेहपुर : निकायक्षेत्र में नहीं रखी गई ऑपरेशन कायाकल्प की ईंट, बदहाली के आंसू बहा रहे स्कूल।


जनपद के परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए दिए गए निर्देश, बदहाली के आंसू बहा रहे निकाय क्षेत्र के स्कूल


फतेहपुर : बेसिक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को चकाचक करने के लिए शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना संचालित की है। योजना की खास बात यह है कि इसमें बेसिक शिक्षा के स्कूलों को संवारने में नगर निकाय धन खर्च करेगा। एक साल से चल रही ऑपरेशन कायाकल्प योजना में अभी तक निकाय क्षेत्र में एक ईंट तक नहीं रखी गई है। जिससे परिषदीय स्कूल बदहाली के आंसू बहा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने गांवों में ग्रामसभा और शहरों में निकाय क्षेत्रों से परिषदीय स्कूलों को सुविधापरक बनाने के लिए काम कराने का आदेश जारी किया है। बेसिक शिक्षा में यूं तो संविलियन के बाद 2129 परिषद विद्यालय बचे हैं। गांवों के विद्यालयों में ग्रामसभाओं ने काम भी करवाया है। वहीं नगर क्षेत्र के 165 विद्यालय संवारे जाने की बांट जोह रहे हैं। 


यह है निकाय क्षेत्र: जिले में मुख्यालय और बिंदकी में नगर पालिकाएं हैं जबकि बहुआ, खागा, किशुनपुर, हथगाम, जहानाबाद में नगर पंचायत संचालित हो रहे हैं। निकाय क्षेत्र के अंदर खुले विद्यालयों का ऑपरेशन कायाकल्प के तहत संवारने की जिम्मेदारी निकायों पर है।

निगरानी के अभाव में अभियान को नहीं मिली गति : बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने आदेश तो जारी कर दिया लेकिन निकाय क्षेत्रों में इनके क्रियान्वयन पर निगरानी का अभाव रहा। गठित बोर्ड की बैठक तक नहीं की गई और न ही इस काम को निकाय की कार्ययोजना में शामिल कराया गया है। निकाय मुंह मोड़ा तो बेसिक शिक्षा विभाग के कानों में जूं नहीं रेंगी। जिससे योजना कागजों तक में ही सीमित हो होकर रह गई है।


ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बेसिक शिक्षा के विद्यालयों को संवारने के आदेश दिए गए हैं।शहरों में निकाय और गांवों में ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी गई है। ऑपरेशन कायाकल्प में 14 बिंदु हैं जिसमें टाइल्स, बाउंड्रीवाल, इज्जतघर, पेयजल, साफ सफाई, गेट, सड़क आदि हैं। डीएम को जानकारी देकर योजना को क्रियान्वित कराया जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

Thursday, September 17, 2020

फतेहपुर : अवशेष एआरपी चयन हेतु तीसरे चरण की प्रक्रिया आरंभ, विज्ञप्ति जारी

फतेहपुर :  अवशेष एआरपी चयन हेतु तीसरे चरण की प्रक्रिया आरंभ, विज्ञप्ति जारी। 



फतेहपुर : जल संचयन का मॉडल बनेंगे परिषदीय विद्यालय

फतेहपुर : जल संचयन का मॉडल बनेंगे परिषदीय विद्यालय।

फतेहपुर : दिनों दिन गिरते जा रहे पृथ्वी के जलस्तर को रोकने के लिए जल संचयन पर चिंतन और मंथन हो रहा है। जल संचयन के लिए नदी, तालाब खोदवाए जा रहे हैं तो सरकारी इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा के स्कूल सालों साल पुराने हैं। तब रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी कोई बात ही नहीं थी। बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने परिषदीय स्कूलों में इस सिस्टम को मजबूत बनाने का काम लघु डाल सिंचाई को दिया है।





सर्वे करके सिस्टम की बिंदुवार रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। गिरते भू-गर्भ जल स्तर को बचाने के लिए अब बेसिक शिक्षा के स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। भवन की छतों का पानी से प्यासी धरती की कोख को भरा जाएगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्ययोजना बनाई गई है। शासन ने इसकी जिम्मेदारी लघुडाल सिंचाई को दी है। विभाग सर्वे 1. करने में जुट गया है। सर्वे में कितने विद्यालयों में सिस्टम है, कितने में नहीं है, कितने है तो निष्प्रयोज्य हो चुके हैं जैसे बिंदु जुटाए जा रहे हैं।




कवायद

▪️लघुडाल सिंचाई विभाग को सर्वे का दिया गया काम 
▪️रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मजबूत करने की कवायद

परिषदीय विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए शासन ने लघु डाल सिंचाई को जिम्मेदारी दी है। विभाग के द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर शासन से लघु डाल को धन मुहैया होगा और सिस्टम बनाया जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

प्राथमिक स्कूल - 1384

उच्च प्राथमिक स्कूल - 263

कंपोजिट स्कूल - 482

कुल परिषदीय स्कूल - 2129


जिले में यूं तो अभी तक 2650 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे थे। संविलियन के बाद स्कूलों की संख्या महज 2129 बची है। में यह सिस्टम लगा हुआ है।धरातल पर जिसकी दशा बेहद खराब है।

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