यूपी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की किताबें उपलब्ध कराने में रहा फेल, टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से हवाहवाई रहा दावा
अपर सचिव ने कहा, MOU न होने से अब अगले सत्र में ही किताबें उपलब्ध होने की उम्मीद
प्रयागराज। यूपी बोर्ड के अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस वर्ष अपनी निर्धारित पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल पाएंगी। उन्हें वर्ष 2027-2028 शैक्षिक सत्र में ही ये किताबें उपलब्ध हो सकेंगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अंग्रेजी माध्यम की अलग किताबें प्रकाशित करने का दावा किया था लेकिन टेंडर प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है।
उम्मीद हैं कि आगामी शैक्षिक सत्र 2027-28 से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के अनुबंध किए जाएंगे। वर्तमान में कक्षा नौ से 12 तक के अंग्रेजी माध्यम के छात्र एनसीईआरटी की महंगी किताबों पर निर्भर हैं। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए अपनी सस्ती पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित करने की योजना बनाई थी।
इस योजना को शासन से अनुमति भी मिल गई थी। करीब एक लाख अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को सस्ती किताबें मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, प्रकाशन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से यह संभावना कमजोर पड़ गई है। अपर सचिव स्कन्द शुक्ला ने बताया कि अभी एमओयू नहीं हो सका है। उन्होंने आगामी सत्र 2027 से अंग्रेजी माध्यम की किताबें मुहैया कराने की उम्मीद जताई।
शासनादेश और प्रक्रिया : एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए जून 2026 में एक शासनादेश जारी हुआ था। शासन के विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता ने यह शासनादेश जारी किया था। इसमें एनसीईआरटी नई दिल्ली से कॉपीराइट अनुबंध करने की बात कही गई थी। निविदा की कार्रवाई सात अप्रैल 2022 को गठित निविदा समिति के माध्यम से होनी थी।
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