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Wednesday, July 29, 2026

कैशलेस चिकित्सा योजना में सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल करने को उठ रही मांग

कैशलेस चिकित्सा योजना में सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल करने को उठ रही मांग


लखनऊ। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना में सेवारत बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को शामिल किए जाने के बाद अब सेवानिवृत्त शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त कर्मचारियों को भी योजना का लाभ देने की मांग तेज हो गई है। विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सभी पात्र वर्गों को बिना भेदभाव योजना में शामिल करने की मांग की है।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने इसे सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ असमान व्यवहार बताते हुए कहा कि जिस प्रकार राज्यकर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी चिकित्सा सुविधा मिलती है, उसी प्रकार शिक्षकों को भी समान अधिकार मिलना चाहिए। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और मृतक आश्रित नियुक्त कर्मचारियों को भी योजना के दायरे में लाने की मांग उठाई गई है।

इस बीच बेसिक शिक्षा से सेवानिवृत्त शिक्षक देवेंद्र दत्त त्रिवेदी ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के हजारों सेवानिवृत्त शिक्षक वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को अपनी सेवाएं देने के बाद बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है। सरकार को सेवा निवृत्त बेसिक शिक्षकों को भी समान रूप से योजना में शामिल कर उन्हें सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षकों के आजीवन योगदान के प्रति राज्य का सम्मान भी होगा।

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