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Monday, October 26, 2026

ऑनलाइन यू-ट्यूब सेशन में कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर होगा फोकस, अपर मुख्य सचिव 28 अक्टूबर को करेंगे विशेष चर्चा
28 अक्टूबर को शिक्षकों का ऑनलाइन सेशन, कक्षा 1 से 12 तक की परीक्षा तैयारी और अकादमिक रणनीति पर होगी चर्चा
लखनऊ। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 28 अक्तूबर को ऑनलाइन गोष्ठी (यू-ट्यूब सेशन) का आयोजन किया जाएगा। इसमें कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं की तैयारी, शैक्षिक सत्र 2026-27 की अकादमिक रणनीति और छात्रों के अधिगम स्तर में सुधार पर चर्चा होगी।
गोष्ठी की अध्यक्षता बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि इसमें विभागीय प्राथमिकताओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति को बेहतर बनाने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स, जिला समन्वयकों, बीएसए और डीआईओएस को गोष्ठी में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। छात्र-छात्राएं व अभिभावक भी स्वेच्छा से शामिल हो सकते हैं।
Friday, October 23, 2026
यूपी के बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में बदलेगा सुबह की प्रार्थना का सुर-ताल, अब मोबाइल और स्मार्ट स्क्रीन पर बजेंगी 12 खास प्रार्थनाएं
यूपी के बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में बदलेगा सुबह की प्रार्थना का सुर-ताल, अब मोबाइल और स्मार्ट स्क्रीन पर बजेंगी 12 खास प्रार्थनाएं
मोबाइल से भी सुन सकेंगे विद्यार्थी, विभाग के डिजिटल मंचों पर मिलेगी सामग्री
23 अक्टूबर 2026
लखनऊ । बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा अब नए सुर-ताल से सजेगी। राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान ने विद्यार्थियों के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं के संगीतबद्ध वीडियो तैयार की हैं। जल्द ही विद्यालय इन्हें नियमित प्रार्थना सभा में उपयोग कर सकेंगे।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए 12 चयनित प्रार्थनाओं को बेहतर गायन, संगीत संयोजन और दृश्य प्रस्तुति के साथ वीडियो रूप दिया गया है।
इन्हें विभाग और संस्थान के डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत अन्य डिजिटल माध्यमों पर वीडियो जारी होने के बाद शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार इनका उपयोग कर सकेंगे।
मोबाइल, कंप्यूटर या स्मार्ट स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रार्थनाएं सुनाई और दिखाई जा सकेंगी। इससे विद्यालयों को प्रार्थना सभा के लिए अलग से संगीत या प्रस्तुति तैयार कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
साथ ही विद्यार्थियों को नियमित रूप से सामूहिक गायन और गुणवत्तापूर्ण प्रस्तुति का अवसर मिलेगा। जिला विधालय निरीक्षक अंजलि अग्रवाल ने बताया कि संगीत और सामूहिक प्रार्थना विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक वातावरण विकसित करने में सहायक होती है। जल्द ही विद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार एसआईईटी की डिजिटल सामग्री का उपयोग कर सकेंगे।
प्रार्थना सभा में दिखेगा नया अंदाज
संगीतबद्ध वीडियो उपलब्ध होने से विद्यालयों को प्रार्थना सभा के लिए तैयार सामग्री मिल जाएगी। सामूहिक गायन, बेहतर संगीत संयोजन और दृश्य प्रस्तुति से सुबह की सभा अधिक प्रभावी और आकर्षक बनेगी।
मोबाइल से भी सुनाई जा सकेंगी प्रार्थनाएं
डिजिटल मंचों पर वीडियो उपलब्ध होने के बाद शिक्षक मोबाइल फोन के माध्यम से भी विद्यार्थियों को प्रार्थनाएं सुना और दिखा सकेंगे। इससे विद्यालयों में प्रार्थना सभा के लिए सुर-ताल का इंतजाम आसान हो जाएगा।
बेसिक-माध्यमिक विद्यालयों में गूंजेगी संगीतमय प्रार्थना, SIET में 12 प्रार्थनाओं की शूटिंग, रिकॉर्डिंग व संपादन होगा
17 सितंबर 2026
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी, संगीतमय और व्यवस्थित स्वरूप देने की पहल राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी) की ओर से की गई है। संस्थान 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार कराएगा। बुधवार को एसआईईटी में संगीत शिक्षकों व छात्राओं की कार्यशाला आयोजित की गई।
इसमें संगीत शिक्षकों व छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रार्थनाओं के गायन, सामूहिक प्रस्तुति, संगीत संयोजन व स्टूडियो में रिकॉर्डिंग से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। एसआईईटी निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने कहा कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के मार्गदर्शन में यह पहल शुरू की गई है।
डिजिटल मंचों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा
संस्थान और विभाग के यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल माध्यमों पर इसे उपलब्ध कराया जाएगा ताकि विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार इनका प्रयोग प्रार्थना सभा में कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी 12 प्रार्थनाओं को प्रस्तुति के आधार पर तैयार किया जाएगा। इससे विद्यालयों को प्रार्थना सभा के लिए एक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण संगीतमय सामग्री मिल सकेगी।
12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की होगी रिकॉर्डिंग
इसके तहत इतनी शक्ति हमें देना दाता, हमको मन की शक्ति देना, ऐ मालिक तेरे बंदे हम, तेरी है जमीन तेरा आसमान, ओ पालनहारे, तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो, तू प्यार का सागर है, ज्योति से ज्योति जगाते चलो, बादल पे पांव है, इंसाफ की डगर पे, हम होंगे कामयाब और आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं जैसी 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं को वीडियो रूप में तैयार किया जाएगा।
44 हजार छात्रों को स्कूल में ही मिलेगा हुनरमंद बनने का मौका, प्रोजेक्ट प्रवीण में 388 नए एडेड स्कूल शामिल, कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 300 घंटे का प्रशिक्षण
44 हजार छात्रों को स्कूल में ही मिलेगा हुनरमंद बनने का मौका, प्रोजेक्ट प्रवीण में 388 नए एडेड स्कूल शामिल, कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 300 घंटे का प्रशिक्षण
लखनऊ। प्रदेश के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल में ही कौशल विकास का अवसर मिलेगा। नए सत्र 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 388 नए अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है।
इनमें कक्षा नौ से 12वीं तक के 44,048 विद्यार्थियों को आईटी, हेल्थकेयर, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राजकीय विद्यालयों में योजना के विस्तार के बाद अब एडेड स्कूलों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। कौशल विकास मिशन ने 388 प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित कर दिया है।
हर बैच में अधिकतम 35 छात्र होंगे। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर सात नवंबर तक प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय मानकों पर मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में कंप्यूटर, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं, डेयरी, मशरूम उत्पादन, सोलर पंप तकनीक, सिलाई बुनाई, मशीन संचालन, ड्राइविंग, सैलून सेवाओं और ब्यूटी कंसल्टेंसी जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। इसके अलावा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हस्तशिल्प के क्षेत्र भी शामिल हैं।
प्रशिक्षण एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ के राष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर पाठ्य सामग्री बांटकर उसकी फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सेक्टर स्किल काउंसिल के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण और मूल्यांकन होगा।
सफल विद्यार्थियों को केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में भी वे नौकरी या स्वरोजगार के अवसर तलाश सकेंगे।
प्रदेश के मान्यता प्राप्त एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) के पद की अर्हता संशोधन के सम्बन्ध में
प्रदेश के मान्यता प्राप्त एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) के पद की अर्हता संशोधन के सम्बन्ध में
Wednesday, October 21, 2026
प्रदेश के 900 माध्यमिक स्कूलों में बनेगी अटल टिंकरिंग लैब
प्रदेश के 900 माध्यमिक स्कूलों में बनेगी अटल टिंकरिंग लैब
21 अक्टूबर 2026
लखनऊ । प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। इसके तहत प्रदेश के 2490 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में से 900 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकों को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें नई तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कराना है।
योजना के पहले चरण में प्रदेश के 385 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इसके लिए विद्यालयों का चयन किया गया है। पहले चरण में प्रयोगशालाएं बनने से विद्यार्थियों को तकनीकी विषयों को केवल किताबों के माध्यम से पढ़ने के बजाय प्रयोग करके सीखने का मौका मिलेगा। इससे उनकी रचनात्मक क्षमता, समस्या को समझने और उसका समाधान खोजने की योग्यता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दिसंबर तक सभी राजकीय माध्यमिक स्कूलों में बनेंगी अटल टिंकरिंग लैब
11 अक्टूबर 2026
लखनऊः सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी भी रोबोटिक्स, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) जैसी आधुनिक तकनीकों को केवल किताबों में नहीं पढ़ेंगे, बल्कि प्रयोग करके सीखेंगे। 515 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में दिसंबर तक अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य है।
इन प्रयोगशालाओं के जरिये विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ उन्हें नए विचारों को माडल के रूप में तैयार करने और तकनीकी समस्याओं का समाधान खोजने का अवसर मिलेगा। 2490 राजकीय विद्यालयों में से 900 विद्यालय लैब की स्थापना के लिए चिह्नित किए गए हैं।
पहले चरण में 385 विद्यालयों में प्रयोगशालाएं स्थापित हैं। अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थी थ्रीडी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रानिक्स उपकरण और कंप्यूटर की मदद से अलग-अलग प्रयोग कर सकेंगे।
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