DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label सुल्तानपुर. Show all posts
Showing posts with label सुल्तानपुर. Show all posts

Monday, December 11, 2023

माननीयों को असामाजिक तत्व लिखना बना सुल्तानपुर जिले के 13 BEOs की गले की फांस, सभापति को भेजा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

माननीयों को असामाजिक तत्व लिखना बना सुल्तानपुर जिले के 13 BEOs की गले की फांस,  सभापति को भेजा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव





सांसद-विधायक को असमाजिक तत्व बताने वाले 13 बीईओ पर कसेगा कानूनी शिकंजा

एमएलसी शैलेंद्र सिंह व एमएलसी देवेंन्द्र प्रताप सिंह के पलटवार से बेसिक शिक्षा महकमे में हडकंप


सुल्तानपुर। सहायक अध्यापक सूर्य प्रकाश द्विवेदी सुसाइड केस की आग के लपेटे में बेसिक शिक्षा महकमे के तमाम अधिकारी आ गए हैं। हालाकि सुसाइड केस में कुड़वार खंड शिक्षा अधिकारी मनोजीत राव नामजद हैं लेकिन उनके बचाव के लिए जिला अधिकारी सुल्तानपुर को दिए गए ज्ञापन में 13 खंड शिक्षा अधिकारियों को कानूनी शिकंजे में फसा दिया हैं। 


खंड शिक्षा अधिकारियों ने ज्ञापन में ऐसी भाषा का प्रयोग किया हैं जिससे सुलतानपुर के सांसद विधायक सहित तमाम जनप्रतिनिधियों का गुस्सा उबाल पर हैं । विधान परिषद में विशेषाधिकारी समिति में सभापति एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों को सबक सिखाने का निर्णय लिया हैं और कहा हैं कि दिवंगत शिक्षक के प्रति सहानुभूत रखने वाले को असमाजिक तत्व बताने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस दे कर समिति में तलब किया जायेगा। 


दरअसल सुल्तानपुर जनपद में सहायक अध्यापक सूर्य प्रकाश द्विवेदी सुसाइड केस का मुद्दा ठंडा होने के बजाए गरम होता जा रहा हैं जिसकी वजह खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को दिया गया ज्ञापन हैं। ज्ञापन में खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से लिखा हैं कि शिक्षक संघ और असमाजिकतत्वों के दबाव में पुलिस ने खंड शिक्षा अधिकरी मनोजीत राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हैं। 


ज्ञापन जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जनपद में बवाल शुरू हो गया। क्योंकि शिक्षक संघ के समर्थन में खुल कर एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह,एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह,सांसद मेनका गांधी, विधायक विनोद सिंह, राज बाबू उपाध्याय, सीताराम वर्मा सहित तमाम जनप्रतिनिधि मैदान में उतरे थे। जिसकी वजह से ये चर्चा हैं कि असमाजिकतत्व का प्रयोग माननीय जनप्रतिनिधियों के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने किया हैं। 


फिलहाल मामला गरम हैं मनानीयों के निशाने पर सुसाइड केस के अभियुक्त मनोजीत राव के साथ साथ 13 खंड शिक्षा अधिकारी भी आ गए हैं।


Friday, December 2, 2022

सुल्तानपुर : वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक लेखाकार समेत 3 के खिलाफ FIR, बेसिक शिक्षा में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना पड़ा मंहगा

सुल्तानपुर : वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक लेखाकार समेत 3 के खिलाफ FIR, बेसिक शिक्षा में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना पड़ा मंहगा



बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए हुए इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना वित्त एवं लेखाधिकारी राम यश यादव, सहायक लेखाकार समेत एक अन्य को महंगा पड़ा है। सीडीओ द्वारा कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों के आरोप से इसकी पुष्टि हुई। जिस पर एबीएसए दूबेपुर बलदेव प्रसाद यादव की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।


सुलतानपुर: वित्त एवं लेखाधिकारी , सहायक लेखाकार के खिलाफ मुकदमासीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों ने की आरोपों की पुष्टि


सीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों ने की आरोपों की पुष्टि

बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए इंटरव्यू



सुलतानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए हुये इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना वित्त एवं लेखाधिकारी राम यश यादव, सहायक लेखाकार समेत एक अन्य को महंगा पड़ा है। सीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों के आरोप से इसकी पुष्टि हुई। इस पर एबीएसए दूबेपुर बलदेव प्रसाद यादव की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।


गोंडा जिले के मनकापुर स्थित संचार विहार आईटीआई निवासी सौरभ तिवारी पुत्र श्रीकृष्ण तिवारी ने बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिये 16 नवंबर को इंटरव्यू दिया था। उसका रोल नंबर 43 था। सौरभ का आरोप है कि इंटरव्यू के बाद 25 नवंबर की शाम 7:41 पर उसे मोबाइल नंबर ********** से कॉल आया। ट्रू कॉलर पर नाम राम यश यादव एएओ प्रदर्शित हुआ। उसे 26 नवंबर को सुबह विकास भवन पर आने को बोला गया। सुबह जब 10:45 पर पीड़ित ने विकास भवन पहुंचकर उसी नंबर पर कॉल किया तो पास में तिराहे पर मिलने को उसे बोला गया।


सौरभ के अनुसार मैने देखते ही उस व्यक्ति को पहचान लिया वो सीडीओ सर के साथ इंटरव्यू में मौजूद एएओ राम यश ही थे। उनके साथ ड्राइवर समेत दो व्यक्ति और थे। उन्होंने बोला आपका इंटरव्यू बहुत अच्छा गया है लेकिन एक्सल में आपके नंबर कम आये हैं। बाकी की बात दूसरा व्यक्ति बता देगा। दूसरे व्यक्ति ने बताया कि एक्सल पास करवा दूंगा उसके लिये 70 हजार रुपए लगेंगे। 


सौरभ ने बताया कि 29 नवंबर को विनोद कुमार सहायक लेखाकार सर्व शिक्षा अभियान ने सीडीओ को दिये पत्र में लिखा है कि मैने वित्त एवं लेखाधिकारी के कहने पर पैसे की मांग की थी।
परीक्षार्थी सियाराम बिंद को भी 25 नवंबर को पांच बजे उसी नंबर से फोन गया। 26 नवंबर को सुबह उसे भी विकास भवन पर आने को बोला गया कि 11 से 12 बजे के बीच विकास भवन आ जाओ। उससे 75 हजार रुपए की मांग की गई थी। 


इन दोनों मामले की जांच सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी से कराया। बुधवार को इसकी पुष्टि होने के बाद वे सीधे एसपी सोमेन बर्मा से मिले और कार्रवाई के लिये बात किया। अब एएओ, सहायक लेखाकार व एक अज्ञात के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर को दी गई है।

Tuesday, May 25, 2021

सुल्तानपुर : कस्तूरबा विद्यालयों में निकलीं शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर भर्ती, करें आवेदन

सुल्तानपुर : कस्तूरबा विद्यालयों में निकलीं शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर भर्ती, करें आवेदन
 

Sunday, March 14, 2021

69,000 भर्ती में चयन के बाद की तिथि का जाति व निवास प्रमाणपत्र लगाने पर शिक्षक संदेह के घेरे में, मांगा गया जवाब

69,000 भर्ती में चयन के बाद की तिथि का जाति व निवास प्रमाणपत्र लगाने पर शिक्षक संदेह के घेरे में, मांगा गया जवाब


सुल्तानपुर। 69,000 शिक्षक भर्ती में नियुक्त हुए नौ शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शिक्षकों ने चयन के बाद आयोजित काउंसिलिंग प्रक्रिया में निर्धारित तिथि के बाद का जाति प्रमाणपत्र व निवास प्रमाणपत्र लगाया था। बीएसए ने शिक्षकों से जवाब मांगा है।


69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित नौ शिक्षकों ने काउंसिलिंग के समय निर्धारित तिथि के बाद का जाति व निवास प्रमाण पत्र लगा दिया था। उस समय चयन के आधार पर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिया गया था।


बाद में कागजातों के परीक्षण में इसका खुलासा हुआ, जबकि निर्देश में स्पष्ट लिखा हुआ था कि 28 मई 2020 के पूर्व का निर्गत हुआ प्रमाणपत्र ही लगाया जाना है। बीएसए दीवान सिंह यादव ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर 15 मार्च को प्रकरण में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।


बीएसए ने कहा है कि इसके पूर्व भी छह मार्च को संबंधित प्रकरण में शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का निर्देश जारी किया गया था लेकिन नौ शिक्षक निर्धारित तिथि को साक्ष्य सहित उपस्थित नहीं हुए। सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होने पर बीएसए ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 15 मार्च को शाम चार बजे साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।


उन्होंने कहा है कि निर्धारित तिथि पर सुनवाई के लिए उपस्थित न होने पर यह माना जाएगा कि प्रकरण के संदर्भ में संबंधित शिक्षक को कुछ नहीं कहना है। इसके बाद शासनादेश के मुताबिक विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी।


पिता के स्थान पर पति के नाम का लगाया प्रमाणपत्र
कुछ नवनियुक्त शिक्षिकाओं ने जाति प्रमाणपत्र में पिता के स्थान पर पति के नाम से निर्गत सर्टिफिकेट लगाया है। जबकि महिला अभ्यर्थियों को जाति प्रमाणपत्र पिता के नाम से निर्गत हुआ प्रस्तुत किया जाना था। इस मामले में भी कुछ शिक्षिकाओं को नोटिस जारी की गई है।

Tuesday, February 2, 2021

बीईओ की रेंडम चेकिंग पर लगाम, विभाग से तय विद्यालयों का करना होगा निरीक्षण

बीईओ की रेंडम चेकिंग पर लगाम, विभाग से तय विद्यालयों का करना होगा निरीक्षण


सुल्तानपुर : परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का औचक निरीक्षण अब । खंड शिक्षाधिकारी नहीं कर सकेंगे। राज्य स्तर से विभागीय अधिकारियों की = ओर से उन्हें स्कूलों का नाम दिया । जाएगा। उसी दिन बीईओ को औचक निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देनी होगी। राज्य परियोजना निदेशक व स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजयकिरन आनंद नेइस आशय का आदेश जारी किया है।


शिक्षा विभाग में ज्यादा सख्ती : डीजी स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने जारी आदेश में स्कूलों के निरीक्षण के मानक तय किया है। अब प्रार्थना पत्र देकर स्कूल से अवकाश मान लेने से काम नहीं चलेगा। सीएल विवरण नम्बर देना होगा। निरीक्षण के समय अनुपस्थित शिक्षकों को दो भागों में बांटे जाने का फरमान जारी किया है। इसमें निरीक्षण के समय स्कूलों से अवकाश प्राप्त अनुपस्थित शिक्षकों के बारे में निर्धारित प्रोफार्मा वाले कालम में शिक्षक के अवकाश के बारे में व्योरा लिखा जाएगा। इसमें अवकाश का रिफ्रेन्स नम्बर अंकित किया जाएगा।


इसके अलावा निरीक्षण के समय बिना अवकाश प्राप्त किए तथा बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों का कालम अलग होगा। इस कालम में ईएचआरएमएस आईडी अंकित किया जाएगा। ताकि सम्बंधित के जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के लॉगिन स्तर पर ऐसे अनुपस्थित शिक्षकों के नाम ईएचआरएमएस आईडी, विद्यालय, ब्लॉक आदि की सूची दिन के अनुपस्थित शिक्षकों जिनपर कार्यवाही की जानी है। इस लिंक पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर लॉगिन पर उपलब्ध होगी।


बीईओ पर धनउगाही का लगता था आरोपः शासन व जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को ठीक रखने तथा शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति आदि को दुरुस्त करने के लिए खण्ड शिक्षाधिकारियों की ओर से स्कूलों की जांच की जाती रही है।


ऐसे मामलों में बीईओ निरीक्षण कर जांच तो कर लेते थे, लेकिन कार्रवाई करने का डर दिखाकर शिक्षकों से उगाही करते थे । इस तरह के कई आरोप लग चुके हैं। कुछ स्कूलों की जांच बीईओ खुद अपनी ओर से कर लेते थे। शासन पर इसको लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी आदेश के बाद बीईओ की मनमानी चेकिंग पर रोक लग जाएगी। हालांकि शिक्षकों को भी अब गलत अवकाश प्राप्त करने में काफी कठिनाई होगी इसके बाद भी और सख्ती की तैयारी चल रही है।


बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन और समय पालन के कड़े निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर से शिक्षकों के काम की निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। ऐसा माना जारहा है प्रदेश की बदनाम प्राथमिक शिक्षा पटरी पर फिर लौटेगी।


Saturday, January 30, 2021

सुल्तानपुर : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

सुल्तानपुर : पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी