DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label HIGHCOURT. Show all posts
Showing posts with label HIGHCOURT. Show all posts

Sunday, May 17, 2026

स्पेशल बीटीसी प्रशिक्षण 2004 : नियुक्ति तक मानदेय पाने के हकदार हैं अभ्यर्थी – हाईकोर्ट, प्रशिक्षण अवधि तक मानदेय को सीमित करने का शासन का प्रयास खारिज

स्पेशल बीटीसी प्रशिक्षण 2004 : नियुक्ति तक मानदेय पाने के हकदार हैं अभ्यर्थी – हाईकोर्ट, प्रशिक्षण अवधि तक मानदेय को सीमित करने का शासन का प्रयास khaarij


प्रयागराजः हाईकोर्ट ने कहा कि स्पेशल बीटीसी ट्रेनिंग कोर्स 2004 के लिए चयनित अभ्यर्थी प्रशिक्षण शुरू होने से लेकर नियुक्ति की तिथि तक 2500 रुपये प्रति माह मानदेय पाने के वैधानिक हकदार हैं। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने राज्य सरकार द्वारा 14 मई 2015 को जारी उस विवादास्पद शुद्धिपत्र को रद कर दिया है, जिसके माध्यम से मानदेय को केवल प्रशिक्षण अवधि तक सीमित करने का प्रयास किया गया था। 


कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अभ्यर्थियों के बकाया मानदेय का भुगतान चार महीने के भीतर सुनिश्चित करें। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 14 जनवरी 2004 के मूल शासनादेश में अभ्यर्थियों को नियुक्ति तक मानदेय देने का स्पष्ट प्रविधान था, जिसे राज्यपाल की मंजूरी से जारी किया गया था।

Friday, October 4, 2024

डीएलएड/ बीटीसी परीक्षा में अभ्यर्थियों को असफल विषयों में एक और मौका मिलेगा

डीएलएड/ बीटीसी परीक्षा में अभ्यर्थियों को असफल विषयों में एक और मौका मिलेगा


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएलएड/बीटीसी परीक्षा में असफल विषयों में अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने के मामले में राज्य सरकार की अपील को विचारार्थ स्वीकार कर लिया। लेकिन, किसी भी प्रकार का स्थगन देने से इन्कार कर दिया।


मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता जाह्नवी सिंह व कौन्तेय सिंह को सुनकर दिया।


अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि एकल पीठ ने आदेश में कहा था कि याचिका में शामिल सभी छात्रों को उनके डीएलएड/बीटीसी परीक्षा में असफल विषयों के लिए एक और अवसर दिया जाए। इसके बाद भी राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश का पालन नहीं किया और अब तक परीक्षा कराने की कोई पहल नहीं की।

इस मामले में अवमानना याचिका भी लंबित है। सरकार के इस रवैये से छात्रों को अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल उन छात्रों पर लागू होगा, जो इस मुकदमे का हिस्सा हैं।