
Wednesday, April 29, 2020

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से परीक्षा कराने के लिए विवि स्वतंत्र : यूजीसी
यूजीसी ने कहा- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से परीक्षा कराने के लिए विवि रहेंगे स्वतंत्र
यूजीसी बोर्ड ने उन राज्यों और क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों को जून अंत तक या जुलाई से ही खोलने को लेकर चर्चा की है। जहां कोरोना के एक भी केस नहीं है।...
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संकट से बीच परीक्षा कराने और नए शैक्षणिक सत्र शुरू करने जैसी चुनौती से घिरे विश्वविद्यालयों को निकालने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) फिलहाल गाइडलाइन तो जारी करेगा, लेकिन किसी पर कुछ भी थोपा नहीं जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों को अपने संसाधनों और स्थानीय हालात को देखते हुए फैसला लेने के लिए स्वतंत्रता दी जाएगी। इस दौरान जो विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा कराने में सक्षम है, उन्हें उसकी भी अनुमति रहेगी।
यूजीसी बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति
इसके साथ ही विश्वविद्यालय को शैक्षणिक गतिविधियां कब से शुरू करनी है, इसका भी निर्णय वह कोरोना संक्रमण की स्थानीय स्थिति को देखते हुए ले सकेंगे। फिलहाल सभी से अपने-अपने स्तर पर परीक्षा और शैक्षणिक सत्र शुरु करने का पूरा प्लान तैयार करने की भी सलाह देगी। विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं कराने सहित नए शैक्षणिक सत्र को शुरू करने यूजीसी बोर्ड की सोमवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में ज्यादातर अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है। हालांकि यूजीसी ने इसे लेकर जारी होने वाली विस्तृत गाइडलाइन को अगले दो-तीन दिनों में जारी करने के संकेत दिए है।
कोरोना को लेकर किसी भी विश्वविद्यालय पर कुछ भी थोपा नहीं जाएगा- यूजीसी
यूजीसी बोर्ड की बैठक में शामिल हुए एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ऑनलाइन एजुकेशन और परीक्षा के साथ नए शैक्षणिक सत्र को शुरु करने को लेकर गठित की गई दोनों अलग-अलग कमेटियों की रिपोर्ट सोमवार को बोर्ड के सामने रखी गई, लेकिन देश भर में कोरोना संक्रमण की अलग-अलग स्थितियों को देखते हुए किसी भी विश्वविद्यालय पर कुछ भी न थोपने पर सहमति बनी है। साथ ही इसे लेकर पर्याप्त विकल्प भी दिए जाएंगे। इनमें ऑनलाइन या आफ लाइन परीक्षा कराने जैसे विकल्प भी रहेंगे।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही विश्वविद्यालयों में होगी गतिविधियां संचालित
यदि किसी विश्वविद्यालय के पास ऑनलाइन परीक्षा के पर्याप्त संसाधन है, तो वह इसे अजमा सकेगा। हालांकि विश्वविद्यालय में जो भी गतिविधियां संचालित होगी, वह लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही स्थानीय हालत को देखते हुए होगी। इस दौरान विवि को परीक्षा कराने के अलग-अलग माड्यूल भी सुझाए जाएंगे। यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक गाइडलाइन को इसलिए भी विस्तृत स्वरूप दिया जाएगा, क्योंकि सभी की क्षमताएं, संसाधन और स्थानीय हालात अलग-अलग है। निजी विवि के पास जहां पर्याप्त संसाधन है, वहीं तमाम सरकारी विश्वविद्यालयों के पास बड़ी संख्या में छात्र है, लेकिन उतने संसाधन नहीं है।
स्थिति को देखते हुए जून अंत तक खुल जाएंगे विश्वविद्यालय
यूजीसी बोर्ड ने इस बीच उन राज्यों और क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों को जून अंत तक या जुलाई से ही खोलने को लेकर चर्चा की है। जहां कोरोना के एक भी केस नहीं है। खासकर नार्थ-ईस्ट के तमाम विश्वविद्यालय इनमें शामिल हो सकते है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों के भी विश्वविद्यालयों को भी स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर वह जरूरत सुरक्षा प्रबंधन के साथ खोल सकते है, जहां स्थिति सामान्य हो चुकी है। फिलहाल इसे लेकर भी विश्वविद्यालय को निर्णय का अधिकार दिया जाएगा। वैसे भी प्रत्येक विवि एक स्वायत्त संस्था होती है। साथ ही एक-दूसरे से किसी से कोई जुड़ाव नहीं होता है।

Tuesday, April 28, 2020

अलीगढ़ : एक बेसिक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव, राशन बंटवाने वाले शिक्षकों की होगी जांच
राशन वितरण के कार्य में ड्यूटी करने वाले सभी शिक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा के एक शिक्षक के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद विभाग अलर्ट हो गया है। बीएसए ने विभाग के सभी शिक्षकों को सतर्क रहने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं।
रविवार को बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक की रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद चिंता बढ़ गई है। शिक्षक की राशन वितरण कार्य में ड्यूटी लगी थी। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर महामारी से बचने के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। बीएसए ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि शिक्षकों के मोबाइल फोन में अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराया जाए। इसके साथ हर दिन की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। अगर किसी शिक्षक को फ्लू जैसे कोई लक्षण होते हैं तो तुरंत विभाग से संपर्क करके स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। इसके साथ ही राशन वितरण के कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के थर्मल स्कैनिंग कराने के लिए भी प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
Monday, April 27, 2020

कोरोना वायरस की असाधारण परिस्थितियों के दृष्टिगत शैक्षिक सत्र 2020-21 में विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि न किये जाने सम्बन्धी आदेश जारी

सभी आईआईटी में इस साल नहीं बढ़ेगी फीस, मानव संसाधन विकास मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी
IIT/IIIT: देश के शीर्ष तकनीकी शिक्षण संस्थानों में इस साल नहीं बढ़ेगी ट्यूशन फीस, मानव संसाधन विकास मंत्री ने की घोषणाPublish Date:Mon, 27 Apr 2020 10:04 AM (IST)
नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। IIT/IIIT: देश भर के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIITs) में नये शैक्षणिक सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों की ट्यूशन फीस में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। यह घोषणा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने रविवार को की।
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यूपी बोर्ड : अब NCC लेने पर एक विषय होगा कम, अब 10वीं में 5 और 12वीं में 4 विषय ही होगा पढ़ना
अब तक जो बच्चे एनसीसी लेते हैं उन्हें इसे अतिरिक्त विषय के रूप में पढ़ना पड़ता है। हाईस्कूल में 6 और इंटर में 5 विषय के साथ बच्चों को एनसीसी भी पढ़ना पड़ता है। लेकिन एनसीसी वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल होने पर 10वीं के बच्चों को 6 की बजाय पांच और 12वीं के बच्चों को 5 की बजाय 4 विषय ही पढ़ने होंगे। ऐसा होने पर वह एनसीसी पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। शासन के निर्देश पर ही बोर्ड ने एनसीसी का कोर्स तैयार किया है। इसके लिए यूपी बोर्ड ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से भी संपर्क किया था।
12 दिसंबर को सचिव नीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई विषय विशेषज्ञों की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन कॉलेजों में एनसीसी प्रशिक्षण चल रहा है उनके छात्रों के लिए एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में लागू किया जाए। चूंकि यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है इसलिए कक्षा 9 व 11 से इसकी शुरुआत की जाएगी। वर्तमान में सैन्य विज्ञान कोर्स में एनसीसी एक चैप्टर के रूप में है।

























