संवाद सहयोगी, हाथरस : बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के शैक्षिक स्तर को जानने के लिए अब कड़ी मशक्कत की जा रही है। मार्च के दूसरे हफ्ते में वार्षिक परीक्षाएं होंगी। परीक्षा में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी डायट अलीगढ़ के वरिष्ठ प्रवक्ता को सौंपी गई है। वहीं, जिलास्तर पर उड़नदस्ते भी बनाए जाएंगे। सख्ती के कारण इस बार लापरवाह शिक्षक अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे। 1कई वर्षो से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षाओं के नाम पर लकीर पीटी जा रही थी। बजट के अभाव में खानापूर्ति विद्यालयों में कर दी जाती थी, लेकिन कई साल बाद इस बार परीक्षा को बेहतर ढंग से कराने के लिए शासन से इस बार बजट की व्यवस्था की गई है। बीएसए देवेंद्र गुप्ता प्रश्नपत्र तैयार करा रहे हैं। वहीं, उन्होंने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं कि परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मार्च के दूसरे हफ्ते में परीक्षाओं का आयोजन कराया जाना है। बताते चलें कि जिले में करीब 1591 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इनमें करीब तीन हजार से अधिक शिक्षक व शिक्षिकाएं बच्चों को पढ़ाते हैं। परीक्षाओं को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप बीएसए के स्तर से दिया जा रहा है। इस बार परीक्षाओं पर नजर रखने के लिए शासन से पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की गई है। हाथरस जिले के विद्यालयों की परीक्षा डायट अलीगढ़ के वरिष्ठ प्रवक्ता की देखरेख में होगी। वहीं, प्रतिदिन उपस्थित व अनुपस्थित बच्चों की संख्या के अलावा अन्य जानकारियां उच्चाधिकारियों को भेजी जाएंगी। बीएसए की मानें तो परीक्षाओं के दौरान विद्यालयों में सचल दल लगातार छापामार कार्रवाई करेंगे। बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर इस बार परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। सचल दलों का गठन जल्द ही डीएम शमीम अहमद के दिशा निर्देश पर कर लिया जाएगा।
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